Akshaya Tritiya 2020: अक्षय तृतीया Katha in Hindi

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Akshaya Tritiya 2020 Date

Akshaya Tritiya Date: इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2020) या अखा तीज आज 26 अप्रैल 2020, रविवार को है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया ति​थि को मनाई जाती है।

Akshaya Tritiya को अखा तीज भी कहा जाता है। अक्षय तृतीया के दिन विष्णु जी की पूजा (Puja) की जाती है। लोगो की ऐसी मान्यताए है कि ऐसा करने से धन संपदा में अक्षय वृद्धि होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया को ही त्रेता युग का प्रारंभ हुआ था।

Akshaya Tritiya puja vidhi in Hindi

  • Akshaya Tritiya के दिन विशेष पूजा पाठ और हवन किया जाता है
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा की जाती है
  • कुछ लोग इस दिन अपनी इच्छानुसार व्रत भी रखते हैं।
  • अक्षय तृतीया के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करके विष्णु जी और माता लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा की जाती है।
  • यह दिन दान पुण्य के कार्य करने के लिए विशेष महत्व रखता है।
  • दान स्वरूप फल-फूल, बर्तन, वस्त्र, गौ, भूमि, जल से भरे घड़े, कुल्हड़, पंखे, खड़ाऊं, चावल, नमक, घी, खरबूजा, चीनी, साग, आदि दान करना पुण्यकारी माना गया है।

Akshaya Tritiya Katha in Hindi

Akshaya Tritiya की प्राचीन कथा के अनुसार महाभारत के काल में जब पांडव वनवास में थे, तब एक दिन श्रीकृष्ण ने उन्हें एक अक्षय पात्र उपहार स्वरुप दिया था। यह ऐसा पात्र था जो कभी भी खाली नहीं होता था और जिसके सहारे पांडवों को कभी भी भोजन की चिंता नहीं हुई और मांग करने पर इस पात्र से असीमित भोजन प्रकट होता था।

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Akshaya Tritiya Katha in Hindi: श्रीकृष्ण से सम्बंधित एक और कथा अक्षय तृतीया के सन्दर्भ में प्रचलित है। श्रीकृष्ण के बचपन के मित्र सुदामा इसी दिन श्रीकृष्ण के द्वार उनसे अपने परिवार के लिए आर्थिक सहायता मांगने गए था। भेंट के रूप में सुदामा के पास केवल एक मुट्ठीभर तंदूर (चावल) ही था।

श्रीकृष्ण से मिलने के उपरान्त अपना भेंट उन्हें देने में सुदामा को संकोच हो रहा था किन्तु भगवान कृष्ण ने मुट्ठीभर चावल सुदामा के हाथ से लिए और उन्हें बड़े ही चाव से खाया|

चूंकि सुदाम श्रीकृष्ण के अतिथि थे, श्रीकृष्ण ने उनका भव्य रूप से आदर-सत्कार किया। ऐसे सत्कार से सुदामा बहुत ही प्रसन्न हुए किन्तु आर्थिक सहायता के लिए श्रीकृष्ण ने कुछ भी कहना उन्होंने उचित नहीं समझा और वह बिना कुछ बोले अपने घर के लिए निकल पड़े। जब सुदामा अपने घर पहुंचें तो दंग रह गए|अक्षय तृतीया की अधिक जानकारी wikipedia पर पढें.

Akshaya Tritiya 2020 Quotes in Hindi

“Akshaya Tritiya पर घनर घनर बरसे जैसे घटा”

Akshaya Tritiya 2020 Quotes in Hindi

“सुख समृद्धि पाई है, प्रेम की बहार छाई है”

Akshaya Tritiya Quotes in Hindi

उन्नति का सर पर ताज हो, और घर में शांति का वास हो

दिल से दिल मिलाते रहिये, हमारे घर आते जाते रहिये. अक्षय तृतीया का मौका है, खुशियों के गीत गाते रहिये.

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