Happy Christmas Day 2019 Images – क्रिसमस डे 2019

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क्रिसमस डे ( Christmas Day 2019) !!

जब से यह दुनिया बनी है तब से किसी न किसी महापुरुष ने जन्म जरूर लिया है और समाज को सत्य संघर्ष और अंहिंसा की सीख देकर उन्होने जगत ( World ) के लिये नई राह प्रदान की !!

क्रिसमस से पहले ईस्टर का पर्व ईसाई (Christen) समुदाय का प्रमुख त्योहार माना जाता है। द न्यू इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका के अनुसार, सर्दियों में सूर्य की रोशनी (Sun Light) कम हो जाती है, गैर-ईसाई इस समय पूजा पाठ किया करते थे ताकि सूर्य लंबी यात्रा से वापस आकर उन्हें ऊर्जा और रोशनी दे और इसी कारण से इसे बड़ा दिन भी कहा जाता है। सच्चाई यह है कि जीसस का जन्म 25 दिसंबर को नहीं हुआ था। ईसाई समुदाय के मानने वालों ने इस दिन को यीशू के जन्मदिन के रुप में स्वयं चुना और इस दिन सूर्य के लंबी यात्रा से लौट कर आने की खुशी मनाते हैं।

सूर्य 25 दिसंबर ( 25 December) से उत्तरायण होना शुरू होता है और इसे ईसाइयों ने अंग्रेज़ी में क्रिसमस-डे नाम दिया । क्रिसमस ( christmas 2019) के मौके पर क्रिसमस ट्री ( Christmas Tree) को सजाने की शुरूआत पहली बार 10वीं शताब्दी में जर्मनी में हुई। ऐसा करने वाला पहला व्यक्ति एक अंग्रेज धर्म प्रचारक बोनिफेंस टुयो था।

ईसा मसीह जी भी एक महापुरुष थे जिन्होने समाज को सत्य पर चलने और परमात्मा के लिये संघर्ष करने का संदेश दिया और इतिहास मैं अमर हो गये !! ईसा मसीह जी का जन्म आज से और ईसा मसीह (Jesus) के नियमो (Rules) को मानने बाले ईसाई (Christian) कहलाए !

बाईवल के अनुसार परमात्मा का स्वरूप :-

पवित्र बाईबल में प्रभु मानव सदृश साकार (inform) (With Body) का प्रमाण है।

‘‘पवित्र बाईबल में साकार पूर्ण परमात्मा के विषय में वर्णन‘‘:-

  • उत्पत्ति ग्रन्थ, पृष्ठ नं. 1 से 3.
  • परमेश्वर ने छः दिन में सृष्टि रची तथा सातवें दिन विश्राम किया, प्रभु ने पाँच दिन तक अन्य रचना की, फिर छटवें दिन ईश्वर ने कहा कि हम मनुष्य को अपने ही स्वरूप में बनायेंगे।
  • फिर परमेश्वर ने मनुष्य को अपना ही स्वरूप बनाया, नर-नारी करके उसकी सृष्टि की।
  • मनुष्य की परवाह करता है परमात्मा।
  • फिर ईश्वर ने मनुष्यों के खाने के लिए केवल फलदार वृक्ष तथा बीजदार पौधे दिए। जो हमारे भोजन के लिए हैं।
  • छः दिन में पूरा कार्य करके परमेश्वर ऊपर तख्त पर जा विराजा अर्थात् विश्राम किया।
  • ईश्वर ने प्रथम आदम बनाया फिर उसकी पसली निकाल कर नारी (हव्वा) बनाई तथा दोनों को एक वाटिका में छोड़कर तख्त पर जा बैठे।
  • फिर पृष्ठ नं. 8 पर लिखा है कि ईश्वर ने मनुष्य जाति के खाने के लिए फलदार पेड़ तथा बीजदार पौधे बनाए और वन प्राणियों के लिए घास व पौधे बनाए। भगवान ने मनुष्य को अपना प्रति रूप बनाया। इससे स्वसिद्ध है कि भगवान (अल्लाह) आकार में है और वह मनुष्य जैसा है।
  • इसके बाद अव्यक्त प्रभु (काल/ज्योति निरंजन) की भूल-भुलईयाँ प्रारम्भ हो गई। (उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1:20 – 2:5 पर)
  • उसके बाद इस लोक की बाग डोर ब्रह्म ने संभाल ली। इसने कसम खाई है कि ,” मैं सबके सामने कभी नहीं आऊँगा।
  • इसलिए सभी कार्य अपने तीनों पुत्रों (ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव) के द्वारा करवाता रहता है या स्वयं किसी के शरीर में प्रवेश करके प्रेत की तरह बोलता है या आकाशवाणी करके आदेश देता है। उत्पत्ति 18:1
  • प्रेत, पितर तथा अन्य देवों (फरिश्तों) की आत्माऐं भी किसी के शरीर में प्रवेश करके अपना आदेश करती हैं। परन्तु श्रद्धालुओं को पता नहींं चलता कि यह कौन शक्ति बोल रही है !!

Happy Christmas Day 2019-मांस (Meat) खाने का आदेश Supream God का नही है

बाईबल के उत्पत्ति ग्रंथ के पेज नंबर 08 पर लिखा है की ईश्वर ने मनुष्य जाति के खाने के लिये फलदार वृक्ष पेड और बीजदार पोधे बनाए और वन प्राणियों के लिये घास व पौधे (Plants) बनाए ! इससे सिद्ध है कि Supreme God ने मांस खाने का हुक्म नही दिया !! पर वर्तमान मैं ईसाई धर्म के लोग मांस को प्रसाद की तरह खाते है जो गल्त है बह मांस खाकर Supreme God के दोषी हो रहे है !! बाकि अगर कही पर मांस खाने का जिक्र है तो बह Supream God का नही है किसी फरिश्ते का हु्क्म है जो मान्य नही क्योंकि Supreme God ने छ: दिन मैं सारा कार्य ( सृष्टी रचना) करके छोड दिया और इसके बाद अव्यक्त प्रभु (काल/ज्योति निरंजन) की भूल-भुलईयाँ प्रारम्भ हो गई।

(उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1:20 – 2:5 पर)
उसके बाद इस लोक की बाग डोर ब्रह्म ने संभाल ली। इसने कसम खाई है कि ,” मैं सबके सामने कभी नहीं आऊँगा। इसलिए सभी कार्य अपने तीनों पुत्रों (ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव) के द्वारा करवाता रहता है या स्वयं किसी के शरीर में प्रवेश करके प्रेत की तरह बोलता है या आकाशवाणी करके आदेश देता है। उत्पत्ति 18:1 प्रेत, पितर तथा अन्य देवों (फरिश्तों) की आत्माऐं भी किसी के शरीर में प्रवेश करके अपना आदेश करती हैं। परन्तु श्रद्धालुओं को पता नहींं चलता कि यह कौन शक्ति बोल रही है।

Happy Christmas Day 2019-पूर्णपरमात्मा की जन्म मृत्यु नहीं होती :-

पूर्ण परमात्मा न तो मां के गर्भ Mother’s Bomb) से जन्म लेता और न ही उसकी मृत्यु होती ! जबकि ईसा मसीह जी का जन्म मां के गर्भ से हुआ और 30 वर्ष की आयु मैं उनकी मृत्यु हो गई !!

Happy Christmas Day 2019: हजरत ईसा मसीह की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है तथा तुम (मेरे बारह शिष्यों) में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा। उसी रात्रि सर्व शिष्यों सहित ईसा जी एक पर्वत पर चले गए। वहाँ उनका दिल घबराने लगा। अपने शिष्यों से कहा कि आप जागते रहना। मेरा दिल घबरा रहा है। मेरा जी निकला जा रहा है। मुझे सहयोग देना। ऐसा कह कर कुछ दूरी पर जाकर मुंह के बल पृथ्वी (Earth) पर गिरकर प्रार्थना की (38,39), वापिस चेलों के पास लौटे तो वे सो रहे थे।

यीशु (Jesus) ने कहा क्या तुम मेरे साथ एक पल भी नहीं जाग सकते। जागते रहो, प्रार्थना करते रहो, ताकि तुम परीक्षा में फैल न हो जाओ। मेरी आत्मा तो मरने को तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है। इसी प्रकार यीशु मसीह ने तीन बार कुछ दूर जाकर प्रार्थना की तथा फिर वापिस आए तो सभी शिष्यों को तीनों बार सोते पाया। ईसा मसीह के प्राण जाने को थे, परन्तु चेले राम मस्ती में सोए पड़े थे। उन्हें गुरु जी की आपत्ति का कोई गम नहीं था। तीसरी बार भी सोए पाया तब कहा मेरा समय आ गया है, तुम अब भी सोए पड़े हो। इतने में तलवार (sword) तथा लाठी लेकर बहुत बड़ी भीड़ आई तथा उनके साथ एक ईसा मसीह का खास यहूंदा इकसरौती नामक शिष्य था, जिसने तीस रूपये के लालच में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया।

(मत्ती 26: 24-55 पृष्ठ 42-44)
उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि पुण्यात्मा ईसा मसीह जी को केवल अपना पूर्व का निर्धारित जीवन काल प्राप्त हुआ जो उनके विषय में पहले ही पूर्व धर्म शास्त्रों में लिखा था। (मत्ती 1:1-18) तीस (30) वर्ष की आयु में ईसा मसीह जी को शुक्रवार के दिन सलीब मौत (दीवार) के साथ एक आकार के लकड़ के ऊपर ईसा को खड़ा करके हाथों व पैरों में मेख (मोटी कील) गाड़ दी। जिस कारण अति पीड़ा से ईसा जी की मृत्यु हुई,

जबकि पूर्ण परमात्मा न तो मां के गर्व से जन्म लेता औप न ही उसकी मृत्यु होती , बह सशरीर आता है और अपना (True Spiritual Knowledge) बताकर धरती पर कुछ समय बिताकर अपने निज धाम बापस चले जाते है !!

कौन है Saint Nicholas ( Santa Claus):-

Saint_Nicholas चौथी शताब्दी के ईसाई संत थे। सेंट निकोलास प्राचीन ग्रीक शहर माइरा के प्रारंभिक ईसाई बिशप थे ( आधुनिक साम्राज्य डेमरे, तुर्की) रोमन साम्राज्य के समय के दौरान उन्हें कई संतों द्वारा संत के रूप में भी सम्मानित किया गया। कई चमत्कारों के कारण, उन्हें निकोलास द वंडरवर्कर के रूप में भी जाना जाता है। सेंट निकोलास नाविकों, व्यापारियों, तीरंदाजों, पश्चाताप करने वाले चोरों, बच्चों, ब्रीवर, पनडुब्बियों और विभिन्न शहरों और देशों के छात्रों के संरक्षक संत थे।
सेंट निकोलस जो जीसस की मौत के 280 साल बाद मायरा में जन्मे थे। सेंट निकोलास का एशिया माइनर के पटिया में अमीर ईसाई माता-पिता के यहां जन्म हुआ था।

बचपन में ही उनके माता-पिता की मौत हो गई थी और सेंट को सिर्फ जीसस पर ही विश्वास था। बड़े होने पर उन्होंने अपनी जिंदगी जीसस को समर्पित कर दी। पहले वह पादरी बने और फिर बिशप। वह आधी रात को गुप्त रूप से बच्चों को गिफ्ट दिया करते थे । यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है और खासकर बच्चों को सेंटा का इंतजार रहता है ।सेंट निकोलास के गुप्त उपहार देने की आदत ने सेंटा क्लॉस (Santa Claus ) (“सेंट निक”) के काल्पनिक मॉडल को जन्म दिया। पर एक सर्वे के मुताबिक यह भी साफ हो चुका है कि आठ वर्ष का होने पर बच्चों को सेंटा के अस्तित्व पर से भरोसा उठ जाता है और उन्हें समझ आ जाता है कि यह केवल काल्पनिक व्यक्तित्व है।

सेंट निकोलास बहुत ही दयालु और मददगार थे। उनकी जीवनी से पता चलता है कि एक बार तीन लड़कियों को उनका पिता गरीबी के कारण दहेज देने में असमर्थ होने के कारण वैश्यावृत्ति में झौंकना चाहता था परंतु सेंट निकोलास ने तीन दिन तक रात के समय उनके घर की खिड़की से सोने के सिक्कों की एक बोरी छोड़कर उन्हें वैश्यावृत्ति से बचाया। अन्य शुरुआती कहानियों ने उसे समुद्र में एक तूफान शांत करने, तीन निर्दोष सैनिकों को गलत निष्पादन से बचाने और मृत बच्चों को जीवित करने आदि से संबंधित विवरण मिलते हैं।

उपरोक्त विवरण से भक्त समाज निर्णय कर सकता है कि जिस परमात्मा और Saint की हमें तलाश है वह Jesus and Santa Claus नहीं हैं। यह दोनों संत थे परंतु पूर्ण परमात्मा के अवतार संत नहीं । यह दोनों समय और काल के आधीन थे। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी हैं जो सभी मनुष्यों के पिता हैं जो सतभक्ति देकर सदग्रंथों द्वारा अपने बारे में पूर्ण जानकारी देते हैं और जन्म मृत्यु से सदा के लिए मुक्त कर देते हैं।

तो फिर Who Is Supream God ( Saviour Of The World )

Saviour True God Jesus नही क्योंकि ईसा मसीह जी ने अपने अंत समय मैं कहा था इस धरती का रक्षक आयगा और मैं तो उसका पुत्र ( Son Of god ) हूँ ! पूर्ण परमात्मा कबीर ( KABIR IS SUPREAM GOD) है जिसका प्रमाण बाईबल ( Holy Bible ) मैं भी है !!

अय्यूब 36:5 ( orthopaedic Yahudi Bible -OJB ) मैं प्रमाण है कि परमेश्वर ( Supream God) शक्तिशाली है किन्तु बह लोगो से घृणा नही करता ! परमेश्वर कबीर है और विवेकपूर्वण है !! पवित्र बाईविल (Holy Bible) ( उत्पत्ति ग्रँथ ) !!

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