Lalji Tandon Death News: नहीं रहे मध्यप्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल के पद पर कार्यरत लालजी टंडन

Lalji Tandon Death News Hindi: काफी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय राजनेता तथा मध्यप्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल के पद पर कार्यरत लालजी टंडन अब हमारे बीच में नहीं रहे। फेफड़े और किडनी के रोग से ग्रसित टंडन ने 85 वर्ष की उम्र में लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया है।

Shri Lalji Tandon death news hindi

Lalji Tandon Death News: मध्य प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल लालजी टंडन ने आज 21 जुलाई को लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में सुबह 5:35 पर आखिरी सांस ली। बताया यह जा रहा है कि काफी दिनों से इनकी तबीयत खराब चल रही थी। 11 जून को उनको सांस लेने में परेशानी, बुखार और पेशाब में दिक्‍कत के कारण अस्‍पताल में भर्ती कराया गया और 13 जून को पेट मे रक्तस्राव होने पर उनका ऑपरेशन किया गया, उसके बाद से ये वेंटिलेटर पर रहे कुछ दिन तबीयत में हल्का सुधार हुआ लेकिन पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए।

Lalji Tandon Death News: डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मांसपेशियां कमजोर हो गयी थीं। उनके फेफड़े काम नहीं कर पा रहे थे। किडनी सिस्टम गड़बड़ाने से उनका डायलिसिस ठीक से नहीं हो पा रहा था। वे लीवर रोग से पीड़ित थे। और 21 जुलाई को सुबह 5:35 बजे लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया।

लालजी टंडन का जीवन परिचय

लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल 1935 को लखनऊ उत्तर प्रदेश में हुआ। शुरुआती जीवन में ही लालजी टंडन RSS से जुड़ गए थे। उन्होंने स्नातक की डिग्री कालीचरण कॉलेज लखनऊ से किया। 26 फरवरी शादी सन 1958 को कृष्णा टंडन के साथ उनका विवाह हुआ। लालजी टंडन के तीन बेटे हैं, उनका एक बेटा गोपालजी टंडन जो कि योगी सरकार में मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंबे समय तक राजनीति का खेल खेला।
भाजपा के कद्दावर नेता लालजी टंडन लखनऊ से 15वीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

Lalji Tandon Death News: लालजी टंडन की राजनीतिक यात्राएं

  • लालजी टंडन का राजनीतिक करियर पार्षद बनने से शुरू हुआ था।
  • लालजी टंडन वर्तमान में मध्यप्रदेश के राज्यपाल के पद पर कार्यरत थे इससे पूर्व यूपी के राज्यपाल भी रहे।
  • लालजी टंडन को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के बेहद करीबी माना जाता हैं।
  • पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी की लखनऊ सीट से चुनाव जीतकर वे सांसद बने तथा लखनऊ में उन्होंने अनेक विकास कार्य किए।
  • कहा जाता है कि सन 1960 से ही वे राजनीति के मैदान में उतर आए थे।
  • सन 1952 में वे पहली बार जनसंघ के संस्थापक सदस्य बने।

लखनऊ महानगरपालिका 1962 और दोबारा 1967 में सभासद चुने गए। 1974 में लखनऊ पश्चिम विधानसभा मैं 1500 मतों से वे चुनाव हार गए। इस दौरान वह लखनऊ महानगर जनसंघ के अध्यक्ष बने। जेपी आंदोलन के उत्तर प्रदेश के सह संयोजक बने। 6 मई 1978 से 5 मई 1984 तक विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुने गए। 6 मई 1990 से अक्टूबर 1996 तक वे विधान परिषद के सदस्य के साथ – साथ वे सदन में नेता भी रहे।

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24 जून 1991 से 6 दिसंबर 1992 तक प्रदेश सरकार में बतौर ऊर्जा एवं आवास, नगर विकास मंत्री के पद पर कार्यरत रहे, तथा 1996 के मध्यावधि चुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधान सभा का चुनाव जीता और 21 मार्च 1997 से 8 मार्च 2008 तक और 3 मई 2002 से 25 अगस्त 2003 तक आवास एवं नगर विकास मंत्री रहे।

2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर उन्होंने जीत हासिल की, लेकिन 2014 के चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह राजनाथ सिंह को अपना उम्मीदवार बना दिया। 21 अगस्त 2018 को उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाया गया। और 20 जुलाई 2019 को उनको मध्यप्रेदश के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंप दी।

Shri Lalji Tandon Death News: लालजी टंडन का हुआ देहांत

करीब 68 साल तक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले तत्कालीन मध्य प्रदेश के गवर्नर पद पर कार्यरत लालजी टंडन का 21 जुलाई सुबह 5:35 पर 85 वर्ष की उम्र में लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया।

उनके निधन की सूचना पाते ही उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गवर्नर आनंदीबेन पटेल और उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने उनके आवास पर जाकर उनको भावुक श्रद्धांजलि दी। BSP चीफ मायावती लालजी टंडन को अपना भाई मानती थीं और उनकी कलाई पर राखी बांधती थीं।

लालजी टंडन को प्रधानमंत्री ने दी भावुक श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालजी टंडन के निधन पर जताया गहरा शोक। P.M. ने ट्वीट करके कहा, ‘श्रद्धेय श्री लालजी टंडन को भावुक श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।उन्होंने कहा कि टंडन जी ने समाज की सेवा में अपना अमूल्य योगदान दिया है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी को मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा। वे कुशल प्रशासक तथा आम लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहे। लालजी टंडन के परिवार वालों ने बताया कि आज शाम 4:30 बजे गुलाला घाट, चौक में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।

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