Shahid Bhagat Singh: शहीद सरदार की पुण्यतिथि पर जानिए भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार।

आज हम आप को महान स्वतंत्रता सेनानी व क्रांतिकारी भगत सिंह (Shahid Bhagat) के बारे में विस्तार से बताएंगे। जैसे: Shahid Bhagat Singh essay in Hindi, Bhagat Singh history in Hindi, Bhagat Singh biography, Bhagat Singh wife name, Bhagat Singh education details in Hindi, Bhagat Singh information, Bhagat Singh death story in Hindi, Bhagat Singh quotes in Hindi.

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आज शहीद भगत सिंह की 87वीं पुण्यतिथि है.

जैसा की आप सभी जानते है की आज यानी 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी की दी गई थी। आज भले ही भगत सिंह (bhagat singh) हमारे बीच नहीं है परन्तु उनके क्रांतिकारी विचार हमेशा हमे याद रहेंगे। आइये अब निम्लिखित बिन्दुओ पर प्रकश डालते है.

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Shahid Bhagat Singh essay in Hindi

सरदार भगत सिंह (bhagat singh) का नाम महान अमर शहीदों में सबसे प्रमुख रूप से लिया जाता है। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब के जिला लायलपुर में बंगा गांव (जो की अब पाकिस्तान में है) के एक देशभक्त जाट सिख परिवार में हुआ था, जिसका। भगत सिंह के पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती कौर था।

Shahid Bhagat Singh essay in Hindi: आप को यह जानकर बहुत हैरानी होगी की जिस दिन शहीद भगत सिंह पैदा हुए थे उस दिन उनके पिता एवं चाचा को जेल से रिहा किया गया था। इस शुभ घड़ी के अवसर पर भगत सिंह के घर में खुशी और भी बढ़ गई थी। भगत सिंह के जन्म के बाद उनकी दादी ने उनका नाम ‘भागो वाला’ रखा था परन्तु बाद उन्हें ‘भगत सिंह’ कहा जाने लगा।

Bhagat Singh history in Hindi

जैसा की हमने आप को बताया की भगत सिंह (bhagat singh) का जन्म पंजाब के नवांशहर जिले के खटकर कलां गावं के एक सिख परिवार में 27 सितम्बर 1907 को हुआ था। आइये अब Bhagat Singh history in Hindi पर प्रकाश डालते है.

इतिहास के मुताबित भगत सिंह की प्रारंभिक शिक्षा 1916 में लाहौर के डी ऐ वी विद्यालय से हुई. उस समय युवा भगत सिंह जाने-पहचाने राजनेता जैसे लाला लाजपत राय और रास बिहारी बोस के संपर्क में आये। जब जलिआंवाला बाग़ हत्याकांड हुआ तब भगत सिंह सिर्फ १२ वर्ष के थे। इस हत्याकांड में बहुत भरी मात्रा में नर संघहार हुआ था इस नरसंघार ने उन्हें बहुत व्याकुल कर दिया। हत्याकांड के अगले ही दिन भगत सिंह जलिआंवाला बाग़ गए और उस जगह से मिट्टी को इकठ्ठा कर पूरी जिंदगी एक निशानी के रूप में रखा।

Bhagat Singh history in Hindi: 1921 में जब महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ असहयोग आंदोलन का ऐलान किया तब भगत सिंह अपनी पढाई छोड़ आंदोलन में सक्रिय हो गए। वर्ष 1922 में जब महात्मा गांधी ने गोरखपुर के चौरी-चौरा में हुई हिंसा के बाद असहयोग आंदोलन बंद कर दिया तब भगत सिंह बहुत निराश हुए।

अहिंसा में उनका विश्वास उठ हो गया और वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सशस्त्र क्रांति ही स्वतंत्रता दिलाने का एक मात्र रास्ता है। अपनी पढाई जारी रखने के लिए भगत सिंह ने लाहौर में लाला लाजपत राय द्वारा स्थापित राष्ट्रीय विद्यालय में प्रवेश लिया। यह विधालय क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र था.

फरवरी 1928 में इंग्लैंड से साइमन कमीशन नामक एक आयोग भारत दौरे पर आया। उसके भारत दौरे का मुख्य उद्देश्य था – भारत के लोगों की स्वयत्तता और राजतंत्र में भागेदारी। पर इस आयोग में कोई भी भारतीय सदस्य नहीं था जिसके कारण साइमन कमीशन के विरोध का फैसला किया। लाहौर में साइमन कमीशन के खिलाफ नारेबाजी करते समय लाला लाजपत राय पर क्रूरता पूर्वक लाठी चार्ज किया गया. साइमन कमीशन गो बैक के नारे भी लगे.

जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। भगत सिंह ने लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए ब्रिटिश अधिकारी स्कॉट, जो उनकी मौत का जिम्मेदार था, को मारने का संकल्प लिया। उन्होंने गलती से सहायक अधीक्षक सॉन्डर्स को स्कॉट समझकर मार गिराया। मौत की सजा से बचने के लिए भगत सिंह को लाहौर छोड़ना पड़ा।

जेल में उन्होंने जेल अधिकारियों द्वारा साथी राजनैतिक कैदियों पर हो रहे अमानवीय व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल की। 7 अक्टूबर 1930 को भगत सिंह, सुख देव और राज गुरु को विशेष न्यायलय द्वारा मौत की सजा सुनाई गयी। भारत के तमाम राजनैतिक नेताओं द्वारा अत्यधिक दबाव और कई अपीलों के बावजूद भगत सिंह और उनके साथियों को 23 मार्च 1931 को शाम 7 बजे फांसी दे दी गयी।

Bhagat Singh Biography in Hindi-भगत सिंह जीवनी

यह है भगत सिंह जी की जीवनी Bhagat Singh Biography in Hindi.

  1. जन्म: 27  सितम्बर, 1907
  2. निधन: 23 मार्च, 1931
  3. जन्मस्थल: गाँव बावली, जिला लायलपुर, पंजाब (अब पाकिस्तान में)
  4. मृत्युस्थल: लाहौर जेल, पंजाब (अब पाकिस्तान में)
  5. आन्दोलन: भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम

शहीद भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे। मात्र 24 साल की उम्र में ही देश के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और अमर हो गए।

Bhagat Singh wife name Hindi

शहीद–ए-आजम भगत सिंह की बात हो और उनकी पत्नी (wife) का नाम न आये. आप सुनकर चौंक सकते हैं. लेकिन ये सच है कि भगत सिंह ने शादी नहीं की थी. पर, एक महिला ने उनकी पत्नी बनकर उन्हें बचाया था ताकि उन्हें पुलिस पकड़ न सके. उस महिला का नाम दुर्गा देवी वोहरा था.

Bhagat Singh wife name Hindi: भगत सिंह (Bhagat Singh) ने अपने क्रांतिकारी साथी राजगुरु के साथ मिलकर 17 दिसंबर, 1927 को लाहौर में गोरे पुलिस अफसर जे.पी. सांडर्स की हत्या की थी. जिसके बाद वे मौका-ए-वारदात से फरार हो गए. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश मारने लगी. सारे लाहौर को घेर लिया गया. चप्पे-चप्पे पर पुलिस. तब भगत सिंह के साथियों ने तय किया कि दुर्गा भाभी को भगत सिंह की पत्नी बनाया जाए.

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तब दुर्गा भाभी ने इस मिशन को पूरा करने की जिम्मेदारी उठाई. वहां पर भगत सिंह थे. तब उनकी गोद में उनका तीन साल का पुत्र साची भी होता था. कहते हैं कि तब भगत सिंह एंग्लो इंडियन लूक में निकले दुर्गा भाभी के साथ लाहौर में. वे पुलिस की पैनी नजरों से बचने के लिए विवाहित इंसान बनने की कोशिश में सफल रहे.

Bhagat Singh education details in Hindi

जब भगत सिंह लाहौर के नेशनल कॉलेज से BA कर रहे थे तब उनकी मुलाकात सुखदेव, भगवती चरण और कुछ सेनानियों से हुई और फिर वह भी आजादी की लड़ाई में कूद पढ़ें, और फिर क्या था उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी. तो यह थी Bhagat Singh education details in Hindi.

Bhagat Singh information in Hindi

शहीद भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशीरल विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार भी थे। उन्होंने 23 वर्ष की छोटी-सी आयु में फ्रांस, आयरलैंड और रूस की क्रांति का विषद अध्ययन किया था। भगत सिंह जी को हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी, बंगला और आयरिश भाषा आती थी. भगत सिंह अच्छे वक्ता, पाठक और लेखक भी थे। उन्होंने ‘अकाली’ और ‘कीर्ति’ दो अखबारों का संपादन भी किया था।

Bhagat Singh death story in Hindi

यह 24 मार्च 1931 की सुबह थी। यह खबर थी सरदार भगत सिंह व उनके दो साथी सुखदेव और राजुगुरु की फांसी की। उस सुबह जिन लोगों को अखबार मिला उन्होंने काली पट्टी वाली हेडिंग के साथ यह खबर पढ़ी कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को लाहौर सेंट्रल जेल में पिछली शाम 7:33 पर फांसी दे दी गई। वह सोमवार का दिन था। ऐसा माना जाता है कि उस शाम जेल में पंद्रह मिनट तक इंकलाब जिंदाबाद के नारे गूंज रहे थे।

Video Credit: BBC Hindi

मात्र 14 वर्ष की आयु में ही भगत सिंह ने सरकारी स्‍कूलों की पुस्‍तकें और कपड़े जला दिए थे। भगत सिंह पहले महात्‍मा गांधी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन और बाद में भारतीय नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्‍य बने। 1921 में जब चौरा-चौरा हत्‍याकांड के बाद गांधीजी ने किसानों का साथ नहीं दिया तो भगत सिंह पर उसका गहरा प्रभाव पड़ा।

Bhagat Singh death story in Hindi: इस घटना को अंजाम भगत सिंह यह हुआ की, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद और प्रमुख क्रांतिकारियों ने साथ मिलकर अंजाम दिया था। काकोरी कांड के बाद अंग्रेजों ने हिन्दुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन के क्रांतिकारियों की धरपकड़ तेज कर दी और जगह-जगह अपने एजेंट्स बहाल कर दिए। भगत सिंह और सुखदेव लाहौर पहुंच गए। वहां उनके चाचा सरदार किशन सिंह ने एक खटाल खोल दिया और कहा कि अब यहीं रहो और दूध का कारोबार करो। वे भगत सिंह की शादी कराना चाहते थे और एक बार लड़की वालों को भी लेकर पहुंचे थे।

Bhagat Singh quotes in Hindi

“प्रेमी, कवि और पागल एक ही चीज़ से बने होते हैं, क्योंकि लोग अक्सर देशप्रेम को पागल कहते है।” – भगत सिंह  Bhagat Singh

भगत सिंह  Bhagat Singh

“मैं एक इंसान हूँ और वो हर बात मुझे प्रभावित करती है जो इंसानियत को प्रभावित करे।” – भगत सिंह  Bhagat Singh

Bhagat Singh quotes in Hindi

“मैं क्रांति में अनिवार्य रूप से संघर्ष शामिल नहीं था। यह बम और पिस्तौल का मत नहीं था।”

Bhagat Singh quotes in Hindi

“मेरा एक ही धर्म है, और वो है देश की सेवा करना।” ~ शहीद भगत सिंह

“सिने पर जो ज़ख्म है, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।“ ~ भगत सिंह

Bhagat Singh quotes in Hindi

निष्कर्ष: शहीद भगत सिंह जी के इस साहसी अनुभव से हमे जीवन में आने वालो कष्टों से कैसे निबटना चाहिए तथा एक नौजवान की कैसे अपना जीवन देश के प्रति समर्पित होना चाहिए के बारे में बताया। हमने आप को इस ब्लॉग में Shahid Bhagat Singh essay in Hindi, Bhagat Singh history in Hindi, Bhagat Singh biography, Bhagat Singh wife name, Bhagat Singh education details in Hindi, Bhagat Singh information, Bhagat Singh death story in Hindi, Bhagat Singh quotes in Hindi में बताया है.

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