International Literacy Day [Hindi]:क्यों पूरी दुनिया में मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस, क्या है इसका इतिहास, महत्व व थीम

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International Literacy Day 2022 [Hindi]: ‘ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेस’ थीम के साथ पूरी दुनिया में आज अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता लाना है। आइए अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के इतिहास, महत्व व थीम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

एक मनुष्य को बेहतर मनुष्य बनाने में शिक्षा का सबसे बड़ा योगदान होता है। दुनिया के साथ भारत में भी साक्षरता दिवस को प्राथमिकता के साथ मनाया जाता है। साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए भारत में सर्व शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के अंदर निरक्षरता को कम करना और हर व्यक्ति तक उसके अधिकार की शिक्षा पहुंचाना है।

क्या होती है साक्षरता (What is Literacy?)

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के बारे में जानने से पहले आपको साक्षरता के बारे में पता होना बहुत जरुरी है। साक्षरता शब्द साक्षर से बना है, जिसका मतलब होता है पढ़ने व लिखने में सक्षम होना। दुनिया भर में साक्षरता के महत्व को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों, कॉलेजों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार व अन्य जागरूकता कार्यक्रम होते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस क्या है और कब मनाया जाता है?

पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जायेगा इसका फैसला 7 नवंबर 1965 को यूनेस्को द्वारा किया गया था. उन्होंने इस दिवस को पूरे विश्व में मानने के लिए एक निश्चित तारीख निर्धारित की थी जिसके अनुसार आज उसी तारीख को विश्व साक्षरता दिवस हर साल मनाया जाता है. 

साल 1965 में इस दिवस को मनाने का फैसला करने के बाद साल 1966 से ही इस दिवस को मनाना शुरू कर दिया गया था. 8 सितंबर 1966 वह दिन था जब पूरी दुनिया में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया गया और तब से लेकर आज तक इसी दिन यह दिवस मनाया जाता है.

क्या है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का इतिहास व महत्व

यूनेस्कों ने साल 1966 में लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने व लोगों के ध्यान को इसकी ओर लाने के उद्देश्य से हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का फैसला किया। तब से लेकर आज तक दुनियाभर में इस दिन को मनाया जाता है। दरअसल इस दिन को मनाने का सुझाव पर पहली बार चर्चा इरान के तहरान में शिक्षा मंत्रियों ने एक सम्मेलन में साल 1965 में की,.

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जिसके बाद 26 अक्टूबर 1966 को यूनेस्कों ने अपनी 14वीं जनरल कांफ्रेस में इस बात की घोषणा किया कि हर साल 8 सितंबर को दुनिया भर में साक्षरता दिवस मनाया जाएगा। एक शिक्षित व्यक्ति एक शिक्षित समाज का निर्माण करता है, जिसका सीधा असर देश के विकास पर पड़ता है। इसी लिए शिक्षा का महत्व इतना ज्यादा है। भारत के साथ ही कई देशों में शिक्षा को मौलिक अधिकारों की सूची में रखा गया है।

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2022 की थीम (Theme For International Literacy Day 2022)

हर साल अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस को अलग-अलग थीम के साथ मनाया जाता है, इस साल की थीम ‘ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेस’ (Transforming Literacy Learning Spaces) है। इस थीम काअर्थ हैं सीखने की जगहों में बदलाव यानी कि साक्षरता को केवल क्लास रूम तक सीमित नहीं करना है बल्कि लाइब्रेरी, थिएटर, एयरपोर्ट, बस स्टेशन, चर्च, मंदिर, मस्जिद, ऑफिस, घर, होटल और यहां तक कि सड़कों तक साक्षरता के दायरे को बढ़ाना है।

भारत की साक्षरता (India’s Literacy in Hindi)

भारत की कुल साक्षरता 74.4% है। जिसमें सबसे ज्यादा साक्षरता वाला राज्य केरल है जहां 93% जनसंख्या साक्षर है। जिसमें पुरुष साक्षरता 96% है और महिला साक्षरता 92% है। सबसे कम साक्षरता वाला राज्य बिहार है जिसकी साक्षरता 63.82% है। इसी लिए बिहार सबसे पिछड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश राज्य भी पाँच सबसे कम राज्यों में शामिल है।

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World Literacy Day Quotes in Hindi

  • जब शिक्षा बिजली का आविष्कार करती है, तो खुशी होती है, लेकिन जब परमाणु बम का आविष्कार करती है, तो दुख होता है कि ऐसी मशीन का आविष्कार क्यों नहीं किया गया जो दिल की नफरत को नष्ट कर सके।
  • किताब एक ऐसा अमूल्य उपहार है जिसे आप बार-बार खोल सकते हैं। हर बार जब आप खोलेंगे तो आपको कुछ न कुछ सीखने को जरूर मिलेगा।
  • जब तक परिवार में बड़ों का संस्कार नहीं होगा। तब तक बच्चों में संस्कार नहीं होंगे। विश्व साक्षरता दिवस पर स्वयं को जागरूक करें।
  • ज्यादा बोलना और दिखावा करना निरक्षरता की निशानी है।
  • शिक्षा मनुष्य को दुख से सुख की ओर ले जाती है।

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का लक्ष्य | AIM OF INTERNATIONAL LITERACY DAY

इस दिवस को मनाने का लक्ष्य विश्व में सभी लोगो को शिक्षित करना है। बच्चे, वयस्क, महिलाओं और बूढों को साक्षर बनाना ही इसका लक्ष्य है। उनको अपने अधिकारों के बारे में जानकारी हो, अपने कर्तव्य की समझ हो। जीवन जीने की सही कला पता हो, व्यस्क अपने बच्चों को पढ़ा सके, बच्चो को अच्छी शिक्षा और संस्कार दे सके। साक्षर होकर गरीबी को मिटा सके, बाल मृत्यु को कम कर सकें। अपराध और भ्रष्टाचार खत्म हो। पूरे विश्व में खुशहाली आये।

Saksharta Essay In Hindi | World Literacy Day Speech Essay For Students

  • 8 सितम्बर को हर साल विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता हैं. साक्षरता को अन्य अर्थ में Education भी कहा जा सकता हैं. आज के समय में असाक्षर होना एक अभिशाप हैं.
  • हर देश अशिक्षा की सामाजिक परेशानी से परेशान हैं. इसी दिशा में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा साक्षरता दिवस हर साल मनाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाता हैं.
  • साक्षरता का शाब्दिक अर्थ होता है शिक्षित होना अर्थात् अक्षर ज्ञान होना. सरल शब्दों में कहे तो साक्षरता का आशय पढने लिखने की क्षमता का होना हैं.
  • आज के संसार में हर व्यक्ति का साक्षर होना परिहार्य हैं. बिना शिक्षा के कोई भी मुकाम बिना असम्भव हैं. आज के समय में ज्ञान के माध्यम इतने हो गये हैं कि व्यक्ति घर बैठे भी अध्ययन कर सकता हैं.
  • अनपढ़ व्यक्ति इन सब सुविधाओं से वंचित रह जाता हैं. कूपमंदुप की भांति वह अपनी छोटी सी दुनियां में ही मशगुल रहता हैं. वह वास्तविक संसार से पूर्णतया कटा हुआ रहता हैं.
  • वह न तो अपने लोकतान्त्रिक अधिकारों का उपयोग कर पाता है और ना ही सुविधाओं का उपयोग कर पाता हैं. आज व्यक्ति का साक्षर होना अनिवार्य हो गया हैं. निरक्षरता एक दुर्गुण बन गया हैं.
  • इसलिए आजकल हर कोई पढ़ना लिखना चाहता हैं. सरकार और समाज दोनों की ओर से हर तरह के प्रयास किए जाते है. ताकि आज के समय में सुविधाओं के अभाव में कोई नागरिक शिक्षा से वंचित ना रहे.
  • हर बस्ती मोहल्ले में विद्यालय खोले गये हैं. समाज के उस अंतिम बालक तक शिक्षा मुहैया कराने के प्रयत्न किए जा रहे हैं. भारत में निरक्षरता के अभिशाप को तभी मिटाया जा सकता है.
  • जब सभी लोग आगे आए तथा शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाएं. यदि साक्षरता दिवस के इन कार्यक्रमों के जरिये इक्कसवी सदी में हर भारतीय शिक्षा से जुड़ पाया तो इस अभियान की यह महान उपलब्धी होगी.
  • किसी भी देश के नागरिकों का साक्षर ना होना उस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होता हैं. उन्नत विकास के लिए आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए. इसके दूसरी तरफ यदि लोग अक्षर ज्ञान से भी दूर है तो उस देश एवं समाज के बारे में कुछ नही कहा जा सकता हैं.
  • शिक्षा का सीधा असर राष्ट्र की विकास दर पर पड़ता है. जिस देश के अधिकतर नागरिक पढ़े लिखे होते है वह देश उन्नति के मार्ग पर तेजी से अग्रसर होता हैं.
  • विश्व में साक्षरता के महत्व को मध्यनजर रखते हुए यूएनओ की शैक्षिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन यूनेस्कों ने 17 नवम्बर 1965 को हर साल 8 सितम्बर के दिन विश्व साक्षरता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था. पहली बार वर्ष 1966 में ही विश्व साक्षरता दिवस का आयोजन किया गया था.

असल मायनों में देखे तो शिक्षा का अर्थ सिर्फ पढ़ा लिखा होने भर से नही है. बल्कि शिक्षा का अर्थ जागरूकता से भी जुड़ा हुआ हैं. हम पढ़ लिखकर अपने समाज देश के विकास कार्यों में योगदान देवे तभी सही मायनों में हमारे शिक्षित होने का मूल्य हैं.

आज हमारा देश गरीबी, अंधविश्वास, स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही जैसी तमाम परेशानियों से गुजर रहा हैं. जिसका एक ही समाधान शिक्षा हैं. हम साक्षरता को बढ़ावा देकर इस प्रकार की कुरीतियों को समाज से निकाल सकते हैं.

साक्षरता के आंकड़ों में आजादी के 74 साल बाद भी स्त्री शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, अति पिछड़े समाजों (मुस्लिम समुदाय) में शिक्षा का बेहद निम्न स्तर आज भी देखा जा सकता हैं. नतीजेजन इसका खामियाजा सम्पूर्ण भारतीय समाज एवं देश को उठाना पड़ रहा हैं.

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • यूनेस्को की स्थापना: 16 नवंबर 1945;
  • यूनेस्को मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस;
  • यूनेस्को के सदस्य: 193 देश;
  • यूनेस्को प्रमुख: ऑड्रे अज़ोले।

Slogan for International Literacy day in Hindi

  • भारत में शिक्षा बढ़ाने के लिए कई प्रकार के स्लोगन और अन्य सुविधाएं दी जाती है।
  • सर्व शिक्षा अभियान “सब पढ़े सब बढ़े” यह नारा 2002 में दिया गया था।
  • शिक्षा वह धन है जिसे न तो बाँटा जा सकता है और न तो चुराया जा सकता है।
  • शिक्षा बाँटने से कभी कम नहीं होता है।

FAQ’s about International Literacy day in Hindi

Q. विश्व साक्षरता दिवस कब मनाया जाता है?

Ans : विश्व साक्षरता दिवस 8 सितम्बर को मनाया जाता है।

Q. विश्व साक्षरता दिवस 2022 की थीम क्या है?

Ans : World Literacy day 2022 Theme in Hindi “ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेसेस”

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