World Students Day 2022: भारत के मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है विश्व छात्र दिवस

World Students Day 2022 [Hindi] Theme, Quotes, History, Speech

World Students Day 2022 [Hindi]: आज विश्व छात्र दिवस यानि वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे (World Student Day 2022) देश व् विदेश में मनाया जा रहा है। भारत के मिसाइल मैन के नाम से जाने जाने वाले भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के जन्म-दिवस (Birthday) 15 अक्टूबर को विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

World Student Day मनाने की घोषणा वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (APJ Abdul kalam Birthday) के 79वें जन्म-दिवस को विश्व छात्र दिवस के तौर पर मनाये जाने की गयी थी, सभी से आज के दिन, 15 अक्टूबर को पूरे विश्व में ‘वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे’ के तौर पर मनाया जाता है।

APJ Abdul Kalam वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे और वे भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। साथ ही, वे विख्यात वैज्ञानिक, थिंकर, फिलॉस्फर और टीचर भी थे और उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान से नवाजा गया था।

डॉ. कलाम को अध्यापक से लगाव था और उनकी हमेशा रही कि लोग उन्हें हमेशा एक अध्यापक के रूप में जानें। डॉ. कलाम को ‘पीपल्स प्रेसीडेंट’ के तौर पर भी जाना जाता है।

World Students Day 2022 Theme in Hindi

आज, 15 अक्टूबर को डॉ. कलाम के 89वें जन्म-दिवस के अवसर पर World Student Day 2020 Theme in Hindi ‘लर्निंग फॉर पीपल, प्लैनेट, प्रॉस्पेरिटी एण्ड पीस’ रखी गयी है। इस बार की थीम अभी तक नहीं आई है।

World Students Day Celebration in School

डॉ. कलाम छात्रों में एक प्रेरणा थे। वैसे तो कलाम (APJ Abdul Kalam) के अंदर कां तरह के खूबियां थी लेकिन वह वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक बेहतरीन शिक्षक भी थे। वह दुनिया को बताना चाहते थे कि एक शिक्षक बनना उनकी पसंदीदा जॉब थी। यही वजह थी कि यूनाइटेड नेशन (UN) ने उनके जन्मदिवस को स्टूडेंट्स डे घोषित (World Students Day Celebration) किया।

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कलाम जी का छात्र जीवन काफी संघर्ष से भरा और चुनौतिपूर्ण रहा रहा बाबजूद इसके उन्होंने इतनी बड़ी सक्शियत हांसिल की। पढ़ाई के दौरान कलाम के जीवन में एक ऐसा समय भी आया जब शिक्षा और अपने परिवार का खर्च संभालने के लिए उन्होंने अखबार भी बेचा।

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उन्होंने हर पढ़ाई करने के लिए हर नकारात्मक परिस्थिति का हंसकर सामना किया। उनके चरित्र में सबसे दिलचस्प एक बात थी कि वह हमेशा अपने प्रयोग में सकारात्मक सोचते रहे। इसी सोच से वह देश के महान वैज्ञानिक और बेहतरीन शिक्षक बने। मिसाइल मैन बनने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति बनकर देश में अपना योगदान दिया। उनका जीवन दुनिया भर के लाखों-करोड़ों छात्रों के लिए प्रेरणा रहा और सदियों तक रहेगा।

World Students Day Quotes in Hindi

  • अपने मिशन में कामयाबी चाहते हैं तो सिर्फ और सिर्फ अपने लक्ष्य पर निशाना लगाएं।
  • अगर आप किसी प्रयास में FAIL हो जाएं तो कोशिश करना न छोड़ें क्योंकि FAIL का मतलब होता है First Attempt In Learning
  • रचनात्मकता का मतलब एक ही चीज के बारे में अलग-अलग सोचना है।
  • 4- अगर सफल होने का हमारा इरादा काफी मजबूत होगा तो नाकामी हम पर हावी नहीं हो सकती।
  • Black Color (काला रंग)’ भावनात्मक रूप से बुरा होता है लेकिन हर “ब्लैक बोर्ड” विद्यार्थियों की जिन्दगी को “ब्राइट” बनाता हैं। ज्ञान ही सबसे बड़ी अच्छाई है और अज्ञानता ही सबसे बड़ी बुराई हैं।
  • यह संभव है कि हम सबके पास बराबर प्रतिभा न हो लेकिन अपनी प्रतिभाओं को विकसित करने का हम सभी के पास बराबर मौका होता है।
  • अलग ढंग से सोचने का साहस करो, आविष्कार का साहस करो, अज्ञात पथ पर चलने का साहस करो, असंभव को खोजने का साहस करो और समस्याओं को जीतो और सफल बनो। ये वो महान गुण हैं, जिनकी दिशा में तुम अवश्य काम करो।
  • परिवार, समाज और देश के विकास में क्लास के फर्स्ट बेंच पर बैठे छात्रो की जितनी आवश्यकता हैं उतनी ही आवश्यकता लास्ट बेंच पर बैठे छात्रों की भी हैं।
  • एक छात्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह अपने किताबी ज्ञान का लाभ अपने व्यवहारिक जीवन में ले और दूसरों को भी उससे लाभवान्वित करें।
  • जीवन में सबसे ज्यादा ख़ुशी तब होती है जब हम कुछ नया सीखते हैं या नया पढ़ते हैं, यह एक छात्र के जिन्दगी में ही सबसे ज्यादा होता हैं।

विश्व विद्यार्थी दिवस का महत्व

विश्व विद्यार्थी दिवस को मनाना हमारे लिए काफी महत्व की बात है क्योंकि इसके द्वारा हमें कई महत्वपूर्ण सीखें मिलती है। एक विद्यार्थी के लिए यह दिन और भी ज्यादे महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम का जीवन हमें इस बात की सीख देता है कि, जीवन में चाहे कितनी भी चुनौतियां क्यों ना हो लेकिन शिक्षा द्वारा हम हर बाधाओं को पार करते हुए बड़े से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

विश्व विद्यार्थी दिवस पर भाषण | WORLD STUDENTS DAY SPEECH IN HINDI

प्रधानाचार्य जी, उपप्रधानाचार्य जी, अध्यापकगण, यहां पर पधारे समस्त अतिथिगण, मेरे प्यारे मित्रों, भाइयों और बहनों, जैसा की आप सभी जानते ही होंगे की प्रत्येक वर्ष आज के दिन यानी की 15 अक्टूबर को पूरे विश्व में विश्व विद्यार्थी दिवस मनाया जाता है. 

विश्व विद्यार्थी दिवस के इस अवसर पर आज मैं आपके समक्ष विश्व विद्यार्थी दिवस पर भाषण लेकर इस मंच पर उपस्थित हुई हूं/ हुआ हूं. मेरा उद्देश्य आज न सिर्फ भाषण देना है बल्कि आप सभी को विद्यार्थी दिवस के महत्व को भी समझाना है. इसके साथ जिस महान आत्मा की जयंती के रूप यह दिवस मनाया जाता है उनके बारे में भी आपको जानने का अवसर मिलने वाला है.

संयुक्त राष्ट्र के द्वारा 2010 में की गई घोषणा के अनुसार हर वर्ष 15 अक्टूबर के दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम) के जन्मदिन को विश्व विद्यार्थी दिवस के रूप मनाने का निर्णय लिया गया. 

डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम को मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है. उनका अर्थव्यवस्था, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र मे दिए गए योगदान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था. वैज्ञानिक तथा राजनेता होने के साथ ही डॉ एपीजे अब्दुल कलाम एक परिश्रमी शिक्षक भी थे. 

वह जो भी भाषण देते थे वह सभी लोगों को प्रभावित करता था. अब्दुल कलाम हर एक विद्यार्थी के लिए आदर्श की प्रतिमा थे और आज भी है. हर एक विद्यार्थी के लिए प्रेरक और मार्गदर्शक की भूमिका वह निभाया करते थे.

उनको इस बात से कोई भी मतलब नही था की वह विद्यार्थी कौन से वर्ग या जाति से संबंध रखता है. अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में उनका जीवन अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों से भरा था जिसके कारण उनके विद्यार्थी जीवन का सफर बिलकुल भी आसान नहीं था. 

बचपन में उन्होंने अपने परिवार तथा खुद का पेट भरने के लिए अखबार बेचने का भी काम किया था. लेकिन पढ़ाई के प्रति उनकी दृढ़-इच्छा तथा मेहनत ने उनको अपने जीवन में आने वाली हर एक चुनौतियों से पार पाने में मदद की और उनको आगे चलकर सफलता भी प्राप्त हुई. हर एक चुनौती का सामना करते हुए आगे चलकर वह भारत के राष्ट्रपति भी बने.

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल क्लाम

ए.पी.जे अब्दुल क्लाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को धनुषकोडी, रामेश्वर तमिलनाडु में हुआ था. उनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था. 2002 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था. इससे पहले वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में एक एयरोस्पेस इंजीनियर के रूप में काम करते थे. 

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