Four Stars of Destiny: जनरल नरवणे की अनछपी किताब से संसद तक हंगामा – चीन के टैंक और सरकार से ‘ऑर्डर’ की रात।
जनरल एम.एम नरवणे की अनछपी किताब Four Stars of Destiny 2020 के लद्दाख संकट से जुड़े संवेदनशील विवरणों का दावा करती है।
- किताब अभी रक्षा मंत्रालय (MoD) की समीक्षा में है।
- राहुल गांधी द्वारा संसद में इसके कथित अंश पढ़ने पर हंगामा हुआ।
- सरकार का कहना है कि अप्रकाशित किताब से उद्धरण देना नियमों के खिलाफ है।
- सेना से जुड़े गोपनीय मामलों के खुलासे पर Official Secrets Act लागू होता है।
- 31 अगस्त 2020 की वह रात, जब हालात बेहद गंभीर थे।
जनरल नरवणे के अनुसार, 31 अगस्त 2020 की रात के करीब 8:15 बजे, उत्तरी कमान के तत्कालीन प्रमुख लेफ्टिनेंट, जनरल योगेश जोशी को सूचना मिली कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के टैंक और पैदल सैनिक पूर्वी लद्दाख के रेचिनला की ओर बढ़ रहे हैं। यह वही इलाका था, जहां भारतीय सेना ने कुछ ही घंटे पहले रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जा किया था।
सीमा पर हर मीटर ऊंचाई का रणनीतिक महत्व होता है। ऐसे में टैंकों की यह मूवमेंट बेहद संवेदनशील थी। हालात को देखते हुए भारतीय सैनिकों ने चेतावनी स्वरूप इल्यूमिनेशन राउंड फायर किया, लेकिन चीनी टुकड़ी आगे बढ़ती रही।
“मेरे आदेश क्या हैं?” — किताब में दर्ज वह सवाल का क्या मतलब है ?
किताब के अनुसार, जनरल नरवणे ने उस वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस जयशंकर से संपर्क किया।
नरवणे लिखते हैं कि उनका सवाल साफ था — “मेरे आदेश क्या हैं?”
क्योंकि पहले से निर्देश थे कि बिना शीर्ष स्तर की अनुमति के फायरिंग नहीं की जाएगी। लेकिन तेजी से बिगड़ते हालात के बावजूद कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला। समय बीतता रहा और स्थिति और तनावपूर्ण होती गई।
Four Stars of Destiny किताब अब तक क्यों नहीं आई सामने?
Four Stars of Destiny को जनवरी 2024 में प्रकाशित किया जाना था। लेकिन भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय ने प्रकाशक को निर्देश दिया कि पहले इसकी समीक्षा जरूरी है।
नियमों के अनुसार, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की किताबें, खासकर जो ऑपरेशनल और रणनीतिक मामलों से जुड़ी हों, बिना सरकारी अनुमति प्रकाशित नहीं की जा सकतीं। यह नियम सेवानिवृत्ति के बाद भी लाघु रहता है।
अगर इन नियमों का उल्लंघन होता है, तो सरकार कानूनी कार्रवाई के साथ पेंशन तक रोक सकती है।
राहुल गांधी, लोकसभा और राजनीतिक टकराव।
2026 में यह मुद्दा तब फिर चर्चा में आया, जब लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने The Caravan मैगजीन की एक रिपोर्ट के हवाले से किताब के कथित अंश पढ़ने की कोशिश की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जब किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो उससे उद्धरण देना संसदीय नियमों के खिलाफ है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस आपत्ति को स्वीकार किया, जिसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
जनरल नरवणे का पक्ष: “मेरी जिम्मेदारी केवल लिखने की थी”
जनरल नरवणे ने अक्टूबर 2025 में हिमाचल प्रदेश के कसौली में एक साहित्यिक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि वह अपना काम, यानी किताब लिखना पूरा कर दिया है।
उनके अनुसार, प्रकाशक की जिम्मेदारी थी कि वह रक्षा मंत्रालय से अनुमति ले। उन्होंने यह भी कहा कि किताब एक साल से ज्यादा समय से समीक्षा में है और अब यह MoD पर निर्भर करता है कि अनुमति कब दी जाए।
गलवान और LAC: क्यों संवेदनशील है यह कंटेंट?
मई-जून 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख और सिक्किम में हिंसक झड़पें हुईं। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए।
यह दर्शकों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव था, जिसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर भारी संख्या में सैनिक तैनात किए। ऐसे में उस समय के फैसलों और बातचीत से जुड़े विवरण आज भी बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
विवेक, सत्य और निर्णय की शक्ति: Sant Rampal Ji Maharaj की शिक्षाओं से सीख
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FAQs on जनरल एमएम नरवणे की अनछपी किताब और लद्दाख संकट विवाद।
Q1. जनरल एम.एम नरवणे की किताब Four Stars of Destiny अब तक प्रकाशित क्यों नहीं हुई?
क्योंकि किताब में 2020 के लद्दाख संकट जैसे संवेदनशील सैन्य मुद्दे हैं, जिनकी रक्षा मंत्रालय से अनुमति अभी नहीं मिली है।
Q2. राहुल गांधी को लोकसभा में इस किताब के अंश पढ़ने से क्यों रोका गया?
क्योंकि किताब अभी अप्रकाशित है और संसद के नियमों के अनुसार बिना प्रकाशित सामग्री से उद्धरण देना प्रतिबंधित है।
Q3. Four Stars of Destiny में लद्दाख संकट को लेकर क्या दावा किया गया है?
किताब में दावा है कि 31 अगस्त 2020 की रात चीनी टैंक आगे बढ़े और सेना को तत्काल स्पष्ट राजनीतिक आदेश नहीं मिले।
Q4. क्या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी किताब में गोपनीय जानकारी लिख सकते हैं?
नहीं, नियमों के अनुसार उन्हें संवेदनशील और गोपनीय विषयों पर लिखने से पहले सरकार की अनुमति लेनी होती है।
Q5. गलवान घाटी और लद्दाख तनाव भारत के लिए इतना संवेदनशील क्यों है?
क्योंकि 2020 में हुई हिंसक झड़पों में भारतीय सैनिक शहीद हुए और इसके बाद सीमा पर लंबे समय तक सैन्य तनाव बना रहा।
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