बजट 2026: आम आदमी की उम्मीदों का पिटारा, क्या टैक्सपेयर्स को मिलेगी इस बार बड़ी राहत?
भारत के वार्षिक बजट 2026 की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, देशभर के करदाताओं और मिडिल क्लास की नजरें वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं। 1 फरवरी, 2026 को पेश होने वाला यह बजट न केवल देश की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी की बचत और निवेश की क्षमता को भी प्रभावित करेगा।
क्लियरटैक्स और इकोनॉमिक टाइम्स जैसे प्रमुख आर्थिक मंचों के अनुसार, इस बार का मुख्य फोकस इनकम टैक्स में राहत, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी में कटौती और होम लोन पर ब्याज छूट की सीमा बढ़ाने पर हो सकता है।
बजट 2026 के मुख्य बिंदु और संभावित बड़े बदलाव
- इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव: नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि की संभावना।
- हेल्थ इंश्योरेंस राहत: सेक्शन 80D के तहत प्रीमियम पर मिलने वाली छूट की सीमा को बढ़ाया जा सकता है।
- होम लोन का बोझ कम: होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख रुपये की कटौती सीमा को बढ़ाकर 3 लाख या उससे अधिक करने की मांग।
- प्रिवेंटिव हेल्थकेयर: प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए निर्धारित 5,000 रुपये की सीमा को वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए बढ़ाया जा सकता है।
तारीख और समय: कब और कहाँ देखें बजट 2026 का लाइव प्रसारण?
परंपरा के अनुसार, केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2026 को सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल को देश के नागरिक दूरदर्शन, संसद टीवी और विभिन्न समाचार चैनलों पर लाइव देख सकेंगे। इसके अलावा, वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ पर भी बजट के दस्तावेज तुरंत उपलब्ध होंगे।
मिडिल क्लास की सबसे बड़ी मांग: इनकम टैक्स में राहत
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, करदाताओं की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव को लेकर है। वर्तमान में बढ़ती कॉस्ट ऑफ लिविंग को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सरकार बेसिक छूट की सीमा बढ़ाती है, तो इससे लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचेगा, जिससे बाजार में खपत बढ़ेगी। विशेष रूप से 10 लाख से 15 लाख रुपये की आय वाले वर्ग के लिए टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
हेल्थ इंश्योरेंस और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर फोकस
संडे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 के बाद से स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च काफी बढ़ा है। वर्तमान में सीनियर सिटीजन और आम नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जो छूट मिलती है, वह पर्याप्त नहीं है। इस बजट में 80D की सीमा को दोगुना करने का प्रस्ताव आ सकता है। साथ ही, हेल्थ इंश्योरेंस पर लगने वाले 18% जीएसटी को कम करके 5% करने की मांग भी जोर पकड़ रही है ताकि बीमा आम आदमी की पहुंच में रहे।
रियल एस्टेट सेक्टर और होम लोन की उम्मीदें
घर खरीदने वालों के लिए होम लोन का ब्याज एक बड़ा वित्तीय बोझ होता है। वर्तमान में इनकम टैक्स के सेक्शन 24(b) के तहत मिलने वाली 2 लाख रुपये की छूट काफी समय से नहीं बदली गई है। प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, रियल एस्टेट डेवलपर्स और होम बायर्स उम्मीद कर रहे हैं कि इस सीमा को कम से कम 5 लाख रुपये किया जाए। इससे न केवल मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि हाउसिंग सेक्टर को भी नई गति मिलेगी।
क्या होगा बजट 2026 का भविष्य?
बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह सरकार की दूरदर्शिता का प्रमाण है। इस वर्ष सरकार का लक्ष्य वित्तीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाना है। आम जनता को उम्मीद है कि वित्त मंत्री “पॉपुलिस्ट” और “प्रैक्टिकल” एप्रोच के बीच एक सही संतुलन बनाएंगी।
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श्रीमद्भगवद्गीता और पूर्ण परमात्मा की भक्ति का आध्यात्मिक दृष्टिकोण
बजट और आर्थिक योजनाएं संसार में शारीरिक सुख और सुविधाओं के लिए आवश्यक हैं, लेकिन जीवन की वास्तविक शांति और मुक्ति का मार्ग केवल आध्यात्मिक ज्ञान से ही संभव है। Jagatguru Tatvdarshi Saint Rampal Ji Maharaj बताते हैं कि मनुष्य जीवन केवल धन संग्रह के लिए नहीं, बल्कि उस पूर्ण परमात्मा (कबीर साहेब) की भक्ति के लिए मिला है जो हमारे प्रारब्ध के दुखों को भी काट सकते हैं।
संत रामपाल जी महाराज जी के अनुसार, जब जीव शास्त्रानुकूल साधना करता है, तो (पूर्ण परमात्मा) भक्ति से आर्थिक और शारीरिक समस्याओं का समाधान स्वयं करते हैं। श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 18 के श्लोक 62 में (अर्जुन का मार्गदर्शन करने वाला देव) स्वयं कहते हैं कि तू उस परमेश्वर की शरण में जा, जिसकी कृपा से तू परम शांति और शाश्वत स्थान को प्राप्त करेगा। Saint Rampal Ji Maharaj जी वह एकमात्र संत हैं जो इस पूर्ण भक्ति मार्ग को प्रदान कर रहे हैं।
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निष्कर्ष
बजट 2026 भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। जहाँ एक ओर आम नागरिक टैक्स में छूट और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं सरकार के सामने विकास की गति को बनाए रखने की चुनौती है। यदि सरकार इन उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो यह देश की आर्थिक खुशहाली का नया अध्याय होगा।
FAQs on Budget 2026 Expectations
Q1. बजट 2026 किस तारीख को पेश किया जाएगा?
यह बजट 1 फरवरी, 2026 को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किया जाएगा।
Q2. क्या बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब बदलेंगे?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स स्लैब में राहत की प्रबल संभावना है।
Q3. हेल्थ इंश्योरेंस पर क्या राहत मिल सकती है?
सेक्शन 80D के तहत प्रीमियम छूट की सीमा बढ़ने और बीमा पर जीएसटी दरें कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Q4. होम लोन लेने वालों को क्या फायदा हो सकता है?
होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख की छूट सीमा को बढ़ाकर 3 लाख या उससे अधिक किया जा सकता है।
Q5. बजट 2026 का लाइव प्रसारण कहाँ देखें?
आप इसे संसद टीवी, दूरदर्शन, न्यूज़ चैनलों और ‘Union Budget’ मोबाइल ऐप पर लाइव देख सकते हैं।
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