मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी कर रहे डेढ़ लाख से अधिक सेवारत अध्यापकों और युवा अभ्यर्थियों के लिए राज्य शासन ने एक दूरगामी और राहतकारी निर्णय की घोषणा की है। राज्य में लागू किए जा रहे MP TET Exam Mode Change 2026 के अंतर्गत मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित की जाने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा अब ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के साथ-साथ पारंपरिक ऑफलाइन (OMR आधारित) मोड में भी संपन्न होगी।

राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान इस नीतिगत बदलाव की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूरस्थ, आदिवासी और ग्रामीण अंचलों के वरिष्ठ शिक्षकों को तकनीकी कठिनाइयों से बचाना शासन की शीर्ष प्राथमिकता है।

Administrative Background of MP TET Exam Mode Change 2026

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्रारंभिक अधिसूचना में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा को केवल कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा (CBT) के रूप में प्रस्तावित किया था। हालांकि, इस प्रारूप की घोषणा के साथ ही प्रदेश भर के शिक्षक संघों ने व्यावहारिक एवं तकनीकी चुनौतियां उठाईं।

लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और विभिन्न मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। शासकीय शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश और राज्य कर्मचारी संघ ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह तथा मुख्यमंत्री को प्रस्तुत प्रतिवेदनों में निम्नलिखित जमीनी बाधाओं को रेखांकित किया:

  • डिजिटल साक्षरता की सीमा: 1998 से 2009 के दौरान नियुक्त हजारों शिक्षक पिछले 20 से 25 वर्षों से चॉक-डस्टर और पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से शिक्षण कार्य करा रहे हैं, जिनका कंप्यूटर संचालन का पूर्व अनुभव नगण्य था।
  • दूरस्थ अंचलों में कनेक्टिविटी संकट: बड़वानी, झाबुआ, डिंडोरी और श्योपुर जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट सर्वर की अस्थिरता और परीक्षा केंद्रों की अत्यधिक दूरी वरिष्ठ अध्यापकों के लिए मानसिक तनाव पैदा कर रही थी।
  • समय प्रबंधन और इंटरफेस की जटिलता: स्क्रीन स्क्रॉलिंग और माउस क्लिक के जरिए 150 बहुविकल्पीय प्रश्नों को निर्धारित समय में हल करने में वरिष्ठ शिक्षक असहजता महसूस कर रहे थे।

इन सभी प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने MP TET Exam Mode Change 2026 के तहत दोनों माध्यमों को समान रूप से संचालित करने की सैद्धांतिक एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी।

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Supreme Court Mandate and Service Eligibility Guidelines

यह संपूर्ण परीक्षा अनिवार्यता सर्वोच्च न्यायालय के उस ऐतिहासिक निर्णय से जुड़ी है, जिसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचनाओं का अनुपालन अनिवार्य घोषित किया गया था।

सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर कार्यरत सभी शिक्षकों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जिन सेवारत अध्यापकों की सेवा अवधि में 5 वर्ष से अधिक का कार्यकाल शेष है, उन्हें अपनी सेवा निरंतरता और आगामी पदोन्नति सुरक्षित रखने के लिए TET परीक्षा उत्तीर्ण करना होगा। जिन अध्यापकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम का समय शेष है, उन्हें इस अनिवार्यता से सशर्त छूट दी गई है। मध्य प्रदेश में 1998 से 2009 के बीच नियुक्त लगभग 1.50 लाख सेवारत अध्यापक इस न्यायिक आदेश की परिधि में आते हैं।

Important Timetable for MP TET Exam Mode Change 2026

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने अभ्यर्थियों को परीक्षा माध्यम चुनने और अपने आवेदन में आवश्यक संशोधन करने के लिए विशेष समय-सारणी निर्धारित की है:

विवरणआधिकारिक तिथि एवं मानक
परीक्षा संचालन संस्थामध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB), भोपाल
नीतिगत घोषणामुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि21 अगस्त 2026
आवेदन संशोधन (Correction Window) की अंतिम तिथि20 सितंबर 2026
प्रस्तावित परीक्षा प्रारंभ तिथि12 अक्टूबर 2026 से
परीक्षा का माध्यमहाइब्रिड मॉडल (CBT ऑनलाइन एवं OMR ऑफलाइन)
कुल अवधि2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट)
कुल प्रश्न एवं पूर्णांक150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (150 अंक)
आधिकारिक वेब पोर्टलesb.mp.gov.in

Examination Pattern, Syllabus, and Scoring Structure

प्रशासनिक स्तर पर MP TET Exam Mode Change 2026 लागू होने के उपरांत भी परीक्षा के पाठ्यक्रम और अंकन प्रणाली में किसी भी प्रकार का नकारात्मक फेरबदल नहीं किया गया है। परीक्षा का मूल स्वरूप वस्तुनिष्ठ ही रहेगा।

  • प्रश्नों का स्वरूप: परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे, जहां प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
  • ऋणात्मक अंकन का अभाव: परीक्षा में किसी भी गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं रखा गया है, जिससे सेवारत शिक्षक बिना किसी अतिरिक्त दबाव के सभी प्रश्नों को हल कर सकते हैं।
  • न्यूनतम उत्तीर्णांक प्रतिशत: अनारक्षित (General) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60% अंक (90 अंक) प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन तथा कार्यरत सेवारत शिक्षकों के लिए न्यूनतम अहर्ता अंक 50% (75 अंक) निर्धारित किए गए हैं।

जिन सेवारत शिक्षकों ने पूर्व में ऑनलाइन फॉर्म भर दिया था, वे MPESB के पोर्टल पर जाकर 20 सितंबर 2026 तक अपने प्रोफाइल में लॉगिन करके परीक्षा माध्यम के रूप में ऑफलाइन OMR विकल्प का चयन कर सकते हैं।

सांसारिक परीक्षाओं का तनाव और शाश्वत कल्याण का मार्ग

मनुष्य जीवन भर आर्थिक स्थिरता, सामाजिक पद-प्रतिष्ठा और भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति के लिए निरंतर दौड़ता रहता है। परंतु सत्य यह है कि संसार की कोई भी नौकरी, बैंक बैलेंस या सांसारिक पद मनुष्य को शारीरिक व्याधियों, मानसिक तनाव और मृत्यु के अटल भय से मुक्त नहीं कर सकता। सांसारिक दायित्वों का निर्वाह जीवन का एक व्यावहारिक अंग हो सकता है, परंतु यह मानव जन्म का चरम सत्य अथवा अंतिम ध्येय नहीं है।

पवित्र वेदों, श्रीमद्भगवद्गीता, पवित्र कुरान, पवित्र बाइबिल और श्री गुरु ग्रंथ साहेब जैसे सभी पवित्र सद्ग्रंथ इस बात की गवाही देते हैं कि संसार के समस्त कष्टों, चिंताओं और जन्म-मरण के बंधन से पूर्ण छुटकारा केवल सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की सत्य भक्ति से ही संभव है।

वर्तमान समय में पूरे विश्व में Sant Rampal Ji Maharaj ही एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं जो सभी पवित्र धर्मग्रंथों के आधार पर प्रमाणित और शास्त्रानुकूल साधना का मार्ग बता रहे हैं। जब कोई साधक Sant Rampal Ji Maharaj के सानिध्य में आकर पूर्ण परमात्मा की मर्यादापूर्वक साधना करता है, तो उसके पूर्व जन्मों के संचित पाप कर्म क्षीण हो जाते हैं।

परमात्मा की कृपा से साधक के पारिवारिक संकट, आर्थिक व्यवधान और मानसिक तनाव स्वतः ही समाप्त होने लगते हैं। Sant Rampal Ji Maharaj के ज्ञान को समझकर जब मनुष्य His शरण ग्रहण करता है, तो उसे न केवल इस लोक में वास्तविक सुख और अभय प्राप्त होता है, बल्कि आत्मा का वास्तविक लक्ष्य यानी पूर्ण मोक्ष (सतलोक गमन) सुनिश्चित हो जाता है।

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Frequently Asked Questions

1. How does the MP TET Exam Mode Change 2026 benefit senior in-service teachers?

MP TET Exam Mode Change 2026 के अंतर्गत ऑफलाइन OMR शीट आधारित परीक्षा का विकल्प मिलने से 20-25 वर्षों से अध्यापन करा रहे ऐसे सेवारत शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो कंप्यूटर संचालन और डिजिटल इंटरफेस के अभ्यस्त नहीं थे।

2. Can registered candidates update their preferences after MP TET Exam Mode Change 2026?

हाँ, जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में आवेदन पत्र जमा कर दिया था, वे MPESB के आधिकारिक पोर्टल esb.mp.gov.in पर जाकर 20 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन मोड का चयन करने हेतु अपने आवेदन में संशोधन कर सकते हैं।

3. What is the minimum qualifying score for in-service teachers in MP TET 2026?

सेवारत शिक्षकों तथा आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/दिव्यांग) के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्हता अंक 50% (150 में से 75 अंक) निर्धारित हैं, जबकि अनारक्षित वर्ग के लिए यह सीमा 60% (90 अंक) है।

4. Does the MP TET 2026 syllabus change with the offline mode introduction?

नहीं, परीक्षा का माध्यम बदलने के बावजूद पाठ्यक्रम, प्रश्नों की कुल संख्या (150 बहुविकल्पीय प्रश्न) और परीक्षा की कुल अवधि (150 मिनट) पूर्ववत रहेगी। परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।