रवि शास्त्री ने BRICS Summit में पीएम मोदी को बताया कूटनीति का उस्ताद, पवन खेड़ा ने 2012 की फोटो शेयर कर कसा तीखा तंज
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर रवि शास्त्री द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के दौरान भारत की कूटनीतिक सफलता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना किए जाने के बाद देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने पूर्व कोच रवि शास्त्री के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए उन्हें 2012 के नई दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन की याद दिलाई और सत्ता पक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला किया।
भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन की तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर शुरू हुआ यह वाकयुद्ध अब क्रिकेट प्रेमी जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।
रवि शास्त्री का एक्स (X) पोस्ट: “ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा”
पूर्व भारतीय क्रिकेट कोच रवि शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से एक ऐतिहासिक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत मंडपम परिसर में एक साथ पौधे को पानी देते हुए दिखाई दे रहे हैं।
रवि शास्त्री ने अपनी पोस्ट में लिखा: “एक भारतीय के रूप में मुझे इससे अधिक गर्व कभी महसूस नहीं हुआ। राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी और हमारे शानदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मां भारती की धरती पर एक साथ हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गया। आपको सलाम, मोदी जी।”

रवि शास्त्री का यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया और विभिन्न वर्गों द्वारा इस पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं।
2012 के ब्रिक्स सम्मेलन का जिक्र: पवन खेड़ा का तीखा पलटवार
रवि शास्त्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में कांग्रेस पार्टी ने तनिक भी देरी नहीं की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 29 मार्च 2012 को नई दिल्ली में आयोजित चतुर्थ ब्रिक्स सम्मेलन की एक ऐतिहासिक तस्वीर साझा कर रवि शास्त्री पर सीधा तंज कसा।
पवन खेड़ा द्वारा साझा की गई तस्वीर में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति हू जिंताओ और रूस के तत्कालिक राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव खड़े नजर आ रहे हैं।
2012 बनाम 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का तुलनात्मक विश्लेषण
| मुख्य पहलू | 2012 नई दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन | 2026 भारत मंडपम ब्रिक्स सम्मेलन |
|---|---|---|
| भारतीय मेजबान | डॉ. मनमोहन सिंह (तत्कालीन प्रधानमंत्री) | नरेंद्र मोदी (वर्तमान प्रधानमंत्री) |
| चीन के शीर्ष नेता | राष्ट्रपति हू जिंताओ | राष्ट्रपति शी जिनपिंग |
| रूस के शीर्ष नेता | राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव | राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन |
| स्थान | नई दिल्ली | भारत मंडपम, नई दिल्ली |
| प्रमुख विवाद | यूपीए काल की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का प्रदर्शन | रवि शास्त्री की पोस्ट पर कांग्रेस का पलटवार |
पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में कटाक्ष करते हुए लिखा कि रवि शास्त्री से यह उम्मीद करना बेमानी है कि उन्हें 2012 की यह ऐतिहासिक घटना याद होगी जब भारत ने डॉ. मनमोहन सिंह की अगुवाई में रूस और चीन के शीर्ष नेताओं की सफल मेजबानी की थी।
PMO पर निशाना: “हम जानते हैं यह कौन लिखवा रहा है”
पवन खेड़ा का हमला केवल रवि शास्त्री तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी निशाने पर ले लिया।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि मशहूर हस्तियों द्वारा इस तरह के पोस्ट स्वतःस्फूर्त नहीं होते, बल्कि इन्हें किसी खास रणनीति के तहत तैयार करवाया जाता है।
- प्रचार पोस्ट का आरोप: पवन खेड़ा ने लिखा, “वैसे, हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठकर कौन इन प्रमोशनल पोस्ट को लिखवा रहा है।”
- इतिहास और कूटनीति: कांग्रेस का तर्क है कि भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति दशकों पुरानी है और इसे केवल किसी एक वर्तमान घटनाक्रम तक सीमित करके पेश करना ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी है।

कूटनीति और खेल हस्तियों के बयानों पर सियासी घमासान
भारतीय राजनीति में यह पहला अवसर नहीं है जब किसी दिग्गज खिलाड़ी या खेल जगत की शख्सियत के बयान पर राजनीतिक घमासान मचा हो। रवि शास्त्री जैसे सम्मानित पूर्व खिलाड़ी जब किसी राजनीतिक या कूटनीतिक मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं, तो सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ जाती है।
- सत्ता पक्ष का नजरिया: भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों और नेताओं का मानना है कि भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन का भव्य आयोजन वैश्विक स्तर पर भारत का कद बढ़ने का प्रमाण है और रवि शास्त्री का पोस्ट एक निष्पक्ष नागरिक और देशभक्त की सहज अभिव्यक्ति था।
- विपक्ष का रुख: कांग्रेस और विपक्षी दलों का तर्क है कि खेल और सिनेमा जगत की हस्तियों का इस्तेमाल सरकारी प्रचार के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि 2012 में भी भारत ने समान रूप से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के महान उदाहरण प्रस्तुत किए थे।
क्षणिक राजनीतिक मतभेदों से परे: शाश्वत शांति और सच्चे ज्ञान की ओर
ब्रिक्स सम्मेलन पर छिड़ी यह ताज़ा बहस, राजनीति का आरोप-प्रत्यारोप और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि आज का मानव समाज केवल क्षणिक प्रसिद्धि, राजनीतिक वर्चस्व और सांसारिक उपलब्धियों की दौड़ में उलझ कर रह गया है। सत्ता, पद, प्रशंसा और कूटनीतिक जीत-हार चाहे 2012 की हो या 2026 की, इनमें से कोई भी चीज़ इंसान को जीवन का असली आनंद और आंतरिक शांति प्रदान नहीं कर सकती।
आज विश्व का हर नागरिक किसी न किसी रूप में मानसिक तनाव, असुरक्षा, वैचारिक टकराव और अस्थिरता से जूझ रहा है। राजनीति और कूटनीति जहाँ समाज को धड़ों में बांटती हैं, वहीं अध्यात्म मनुष्य को सच्चे उद्देश्य और एक ईश्वर की भक्ति से जोड़ता है। संत रामपाल जी महाराज अपने आध्यात्मिक सत्संगों में समझाते हैं कि जिस प्रकार पानी के बिना मछली का अस्तित्व अधूरा है, उसी प्रकार पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी की सत्य साधना के बिना मानव जीवन का कल्याण असंभव है। संसार के तमाम भौतिक पद, अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सांसारिक मान-सम्मान क्षणभंगुर हैं, जो मृत्यु के साथ यहीं छूट जाते हैं।
मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल सांसारिक बहस और राजनीतिक पक्ष-विपक्ष में समय गंवाना नहीं, बल्कि शास्त्रानुकूल सत्य साधना करके इस जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त करना है। जब इंसान पूर्ण गुरु की शरण में जाकर सत्य भक्ति से जुड़ता है, तब उसके जीवन से ईर्ष्या, तनाव और नश्वर इच्छाएं समाप्त हो जाती हैं और उसे स्थायी सुख की प्राप्ति होती है।
यदि आप भी सांसारिक उलझनों से ऊपर उठकर शाश्वत ज्ञान, मोक्ष और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझना चाहते हैं, तो अवश्य देखें और सुनें Sant Rampal Ji Maharaj Official YouTube Channel पर प्रामाणिक आध्यात्मिक सत्संग।
FAQs on रवि शास्त्री
प्रश्न 1: रवि शास्त्री ने BRICS Summit 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया था?
उत्तर: रवि शास्त्री ने X पर पीएम नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पौधे लगाते हुए तस्वीर शेयर की थी। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का अद्भुत नजारा बताते हुए पीएम मोदी की तारीफ की थी।
प्रश्न 2: पवन खेड़ा ने रवि शास्त्री के पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रवि शास्त्री के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए 29 मार्च 2012 की तस्वीर शेयर की, जिसमें पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के साथ चीन और रूस के शीर्ष नेता मौजूद थे। खेड़ा ने शास्त्री को 2012 सम्मेलन की याद दिलाकर तंज कसा।
प्रश्न 3: पवन खेड़ा ने PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) पर क्या आरोप लगाया?
उत्तर: पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि रवि शास्त्री का पोस्ट स्वतःस्फूर्त नहीं था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे जानते हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में बैठकर कौन ऐसे प्रमोशनल पोस्ट लिखवा रहा हैl
प्रश्न 4: 2012 के ब्रिक्स सम्मेलन में कौन-कौन से शीर्ष विदेशी नेता नई दिल्ली आए थे?
उत्तर: 2012 में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति हू जिंताओ और रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने हिस्सा लिया था और डॉ. मनमोहन सिंह ने उनकी अगवानी की थी।
प्रश्न 5: BRICS Summit 2026 का आयोजन कहाँ किया गया था?
उत्तर: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया गया था।
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