केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है। 15 अगस्त से पेट्रोल का Petrol Export Duty शून्य कर दिया गया है। डीजल पर कुल निर्यात शुल्क ₹24 और ATF पर ₹19.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। घरेलू पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Petrol Export Duty हुआ शून्य

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 15 अगस्त से पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क ₹3.5 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यानी Petrol Export Duty में पूरी कटौती की गई है।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में ऊर्जा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और वैश्विक स्तर पर तेल तथा ईंधन बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्यात शुल्क की समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर हर 15 दिन में करती है।

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इससे पहले 3 अगस्त को पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क ₹2.5 से बढ़ाकर ₹3.5 प्रति लीटर किया गया था। अब नई समीक्षा में इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

डीजल और ATF पर भी टैक्स घटा

सरकार ने सिर्फ पेट्रोल के निर्यात शुल्क में बदलाव नहीं किया है। डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में भी कटौती की गई है।

ईंधनपहले निर्यात शुल्क15 अगस्त से
पेट्रोल₹3.5 प्रति लीटर₹0 प्रति लीटर
डीजल₹25.5 प्रति लीटर₹24 प्रति लीटर
ATF₹22 प्रति लीटर₹19.5 प्रति लीटर

डीजल के मामले में विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) ₹24 प्रति लीटर पर बरकरार रखा गया है। इसके अलावा डीजल निर्यात पर लगने वाला ₹1.5 प्रति लीटर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसी वजह से डीजल पर कुल निर्यात शुल्क ₹25.5 से घटकर ₹24 प्रति लीटर हुआ है।

ATF के निर्यात पर शुल्क ₹22 से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी इसमें ₹2.5 प्रति लीटर की कटौती हुई है। वहीं Petrol Export Duty में ₹3.5 प्रति लीटर की पूरी राशि हटाकर इसे शून्य कर दिया गया है।

घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई बदलाव नहीं

इस फैसले का सीधा संबंध घरेलू पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लगने वाले उत्पाद शुल्क से नहीं है। सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

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इसलिए Petrol Export Duty में कटौती को घरेलू पेट्रोल की कीमत में कटौती के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। फैसला मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू शुल्क से जुड़ा है।

15 अगस्त तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और मुंबई में ₹111.20 प्रति लीटर रहा। वहीं ज्यादातर महानगरों में डीजल की कीमत ₹100 प्रति लीटर से नीचे रही।

हर 15 दिन में होती है टैक्स की समीक्षा

केंद्र सरकार कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन से जुड़े शुल्कों की समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर हर 15 दिन में करती है। इस बार की समीक्षा में निर्यात शुल्क कम किया गया है।

रॉयटर्स के मुताबिक, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क ₹3.5 से घटाकर शून्य, डीजल पर ₹25.5 से घटाकर ₹24 और ATF पर ₹22 से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर किया गया है। ये संशोधित दरें शनिवार, 15 अगस्त से प्रभावी हुई हैं।

पहले बढ़ाया गया था निर्यात शुल्क

इस फैसले को हाल की टैक्स बढ़ोतरी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। 3 अगस्त को सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क बढ़ाया था। उस समय पेट्रोल का शुल्क ₹3.5 प्रति लीटर किया गया था। अब करीब दो सप्ताह की समीक्षा के बाद Petrol Export Duty को शून्य कर दिया गया है।

ATF और डीजल पर भी पिछली दरों में कमी की गई है। इस तरह 15 अगस्त से लागू नई दरों ने हाल में की गई कुछ बढ़ोतरी को वापस लिया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर नई दरों को 15 अगस्त से लागू करने की जानकारी दी।

विंडफॉल टैक्स की पृष्ठभूमि

भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में विंडफॉल टैक्स लागू किया था। इसका उद्देश्य तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के दौरान पेट्रोलियम कंपनियों को होने वाले असाधारण लाभ पर कर लगाना था। बाद में इसे हटा दिया गया था।

रॉयटर्स के अनुसार, यह व्यवस्था मार्च 2026 में फिर लागू की गई, जब तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई। इसके बाद पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर शुल्क की दरों में समय-समय पर बदलाव किए गए।

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पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बदलाव के बीच सरकार ने मार्च से डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क लागू किया था। मई से पेट्रोल के निर्यात पर भी यह शुल्क लगाया गया। इसके बाद अलग-अलग पखवाड़ों में दरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदला गया।

निर्यात शुल्क घटाने का ताजा फैसला

15 अगस्त से लागू बदलावों में सबसे बड़ा बदलाव Petrol Export Duty में हुआ है। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क अब शून्य है। डीजल और ATF पर भी शुल्क कम हुआ है।

फैसले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • पेट्रोल निर्यात शुल्क ₹3.5 से घटकर शून्य हुआ।
  • डीजल पर कुल निर्यात शुल्क ₹25.5 से घटकर ₹24 प्रति लीटर हुआ।
  • डीजल का ₹24 प्रति लीटर SAED बरकरार रखा गया।
  • डीजल पर ₹1.5 प्रति लीटर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस हटाया गया।
  • ATF निर्यात शुल्क ₹22 से घटकर ₹19.5 प्रति लीटर हुआ।
  • घरेलू पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ।
  • नई दरें 15 अगस्त से प्रभावी हो गईं।

पेट्रोल की घरेलू कीमत पर तत्काल असर नहीं

Petrol Export Duty में कटौती का मतलब घरेलू पेट्रोल की कीमत में तत्काल कमी नहीं है। सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लागू उत्पाद शुल्क को पहले की दरों पर ही रखा है।

इसलिए मौजूदा फैसले का मुख्य असर निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले शुल्क पर है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 15 अगस्त तक स्थिर बनी हुई थीं।

पश्चिम एशिया की स्थिति और टैक्स समीक्षा

सरकार का यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच आया है। पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट के बाद निर्यात शुल्क में पहले बढ़ोतरी की गई थी। अब अंतरराष्ट्रीय कीमतों और बाजार की स्थिति की अगली समीक्षा में सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF पर कुछ शुल्क कम किए हैं।

15 अगस्त से लागू नई दरों का असर

15 अगस्त से पेट्रोल का Petrol Export Duty शून्य होने के साथ निर्यात शुल्क व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। डीजल और ATF पर भी पहले की तुलना में कम शुल्क लागू है। हालांकि, घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों और उनके मौजूदा उत्पाद शुल्क में इस फैसले से कोई बदलाव नहीं किया गया है।

महंगाई के बीच सेवा का संदेश

पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों की कीमतों और महंगाई का असर आम परिवार के बजट पर पड़ता है। ऐसे समय में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के तहत जरूरतमंद परिवारों को नियमित राशन, शिक्षा सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 

FAQs on Petrol Export Duty

1. Petrol Export Duty क्या है?
यह पेट्रोल के निर्यात पर लगाया जाने वाला शुल्क है, जिसे 15 अगस्त से शून्य कर दिया गया है।

2. Petrol Export Duty कितना कर दिया गया है?
15 अगस्त से पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क ₹3.5 प्रति लीटर से घटाकर शून्य किया गया है।

3. क्या घरेलू पेट्रोल सस्ता हुआ है?
नहीं। घरेलू खपत के लिए पेट्रोल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

4. डीजल के निर्यात पर नया शुल्क कितना है?
डीजल के निर्यात पर कुल शुल्क ₹24 प्रति लीटर किया गया है, जो पहले ₹25.5 था।

5. ATF के निर्यात पर कितना टैक्स लगा है?
ATF के निर्यात पर शुल्क ₹22 से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर किया गया है।