मन की बात 137वीं कड़ी में PM मोदी का संबोधन: नशा मुक्त भारत और समाज निर्माण पर दिए 5 बड़े संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रसिद्ध मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 137वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। 30 अगस्त 2026 को प्रसारित इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय विकास, जनभागीदारी, युवाओं के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया। आकाशवाणी और दूरदर्शन के संपूर्ण नेटवर्क पर प्रसारित इस मन की बात संबोधन में देश भर से सामने आईं जन-पहल की मिसालों को उजागर किया गया।

नशा मुक्त भारत अभियान और जन-आंदोलन की अपील
मन की बात के 137वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा शक्ति को नशे की लत से बचाने के लिए ‘नशा मुक्त भारत’ पहल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा किसी भी समाज और परिवार को अंदर से खोखला कर देता है। इस सामाजिक बुराई से निपटने के लिए केवल सरकारी तंत्र काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक जनभागीदारी और पारिवारिक सतर्कता की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से अपील की कि वे स्वास्थ्य, खेल और रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं। मन की बात में उन्होंने स्पष्ट किया कि जब समाज का हर वर्ग एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान चलाएगा, तभी भारत एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ेगा।
महानायक उत्तम कुमार को शत-शत नमन और सांस्कृतिक विरासत
भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक समृद्धता की चर्चा करते हुए, मन की बात में पीएम मोदी ने बांग्ला सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार (अरुण कुमार चट्टोपाध्याय) की आगामी 100वीं जयंती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार जी एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता थे, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट अभिनय से करोड़ों दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।
प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध फिल्मकार सत्यजीत रे और उत्तम कुमार के ऐतिहासिक सहयोग, विशेषकर फिल्म ‘नायक- द हीरो’ (1966) का विशेष जिक्र किया। सत्यजीत रे ने उत्तम कुमार की भावनात्मक गहराई और गरिमा की हमेशा सराहना की थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की यह महान सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
मन की बात 137वीं कड़ी के मुख्य बिंदु और आंकड़े
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए प्रमुख विषयों और राष्ट्रीय पहलों का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में प्रस्तुत है:
| विषय / क्षेत्र | प्रमुख बिंदु एवं घोषणाएँ | सामाजिक प्रभाव |
| नशा मुक्त भारत | युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग की अपील | स्वस्थ और अनुशासित युवा शक्ति का निर्माण |
| सांस्कृतिक नमन | महानायक उत्तम कुमार की 100वीं जयंती के अवसर पर भारतीय सिनेमा में उनके योगदान का स्मरण | क्षेत्रीय सिनेमा और कलात्मक विरासत का सम्मान |
| इतिहास अध्ययन पहल | मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि द्वारा इतिहास को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने के प्रयास की सराहना | छात्रों में ऐतिहासिक ज्ञान और शोध के प्रति रुचि बढ़ाना |
| जनभागीदारी (Vocal for Local) | स्थानीय कारीगरों, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना | ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों का सशक्तीकरण |
ऐतिहासिक चेतना और जमीनी नवाचारों की सराहना
प्रधानमंत्री ने मन की बात के दौरान मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि का उल्लेख करते हुए उनके द्वारा इतिहास को आम लोगों के लिए सरल और रोचक बनाने की पहल की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास केवल तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारे अतीत की सीख और भविष्य का मार्गदर्शन है। जब युवा पीढ़ी इतिहास को आधुनिक दृष्टिकोण से सीखती है, तो राष्ट्रीय चेतना सुदृढ़ होती है।
इसी के साथ, प्रधानमंत्री ने मन की बात में आत्मनिर्भरता, वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्राथमिकता देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि त्योहारों और दैनिक जीवन में जब हम स्थानीय कारीगरों के बने सामान खरीदते हैं, तो हम भारत की आर्थिक नींव को मजबूत करते हैं।
भौतिक समृद्धि के साथ आत्मिक शांति और वास्तविक भक्ति का मार्ग
दैनिक समाचारों और वैश्विक घटनाक्रमों में हम प्रायः राजनीतिक उथल-पुथल, नशे के बढ़ते दुष्प्रभाव, मानसिक तनाव और सामाजिक समस्याओं की खबरें देखते हैं। मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने नशा मुक्ति, अनुशासन और समाज सेवा का जो आह्वान किया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय और अत्यंत आवश्यक है।
परंतु, विचारणीय प्रश्न यह है कि मनुष्य जानते हुए भी बुराइयों, तनाव और नशे जैसी लत की ओर क्यों आकर्षित होता है? इसका मूल कारण आत्मिक शांति का अभाव, मन की अस्थिरता और सत्य ज्ञान से दूरी है। जब तक जीव को वास्तविक आध्यात्मिक शांति प्राप्त नहीं होती, तब तक वह क्षणिक सुख की तलाश में सांसारिक विकारों में भटकता रहता है।
वर्तमान समय में समाज को सही दिशा दिखाने और मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझाने का कार्य तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक ज्ञान और सत्संगों के प्रभाव से आज लाखों लोग नशा, दहेज प्रथा, पाखंड और सामाजिक बुराइयों को हमेशा के लिए त्यागकर एक स्वच्छ और पवित्र जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
शास्त्रों के अनुसार, केवल पूर्ण परमात्मा (कबीर साहेब) की भक्ति से ही मानव मन को स्थायी शांति, सुमति और मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। संत रामपाल जी महाराज वही शास्त्रानुकूल भक्ति मार्ग प्रदान करते हैं जिससे व्यक्ति के समस्त पाप कर्म नष्ट होते हैं और वह आंतरिक बुराइयों पर विजय प्राप्त कर पाता है। यदि मनुष्य आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़कर परमात्मा कबीर जी की शरण में आए, तो समाज से नशा और मानसिक तनाव स्वतः ही समाप्त हो जाएगा।
आध्यात्मिक ज्ञान और सत्य भक्ति के विषय में अधिक जानने के लिए तथा अपनी आत्मा के कल्याण हेतु Sant Rampal Ji Maharaj Official YouTube Channel पर आध्यात्मिक सत्संग अवश्य देखें।
FAQs on मन की बात
प्र. 1 मन की बात की 137वीं कड़ी का प्रसारण कब हुआ?
उत्तर: मन की बात की 137वीं कड़ी का प्रसारण 30 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे आकाशवाणी, दूरदर्शन और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर किया गया।
प्र. 2 मन की बात की 137वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने किस प्रमुख अभियान पर जोर दिया?
उत्तर: मन की बात के इस अंक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशे के खिलाफ व्यापक जन-आंदोलन चलाने और देश को ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों पर विशेष बल दिया।
प्र. 3 मन की बात के 137वें एपिसोड में पीएम मोदी ने किस महान अभिनेता को याद किया?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने बांग्ला सिनेमा के ‘महानायक’ उत्तम कुमार की 100वीं जयंती के अवसर पर कला और सिनेमा में उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया।
प्र. 4 मन की बात कार्यक्रम किस माध्यम से प्रसारित किया जाता है?
उत्तर: मन की बात कार्यक्रम आकाशवाणी (AIR), दूरदर्शन (DD News), न्यूज ऑन एयर ऐप, और PMO तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर प्रसारित होता है।
प्र. 5 मन की बात में इतिहास अध्ययन के संबंध में किसकी सराहना की गई?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने मुंबई के निवासी कृष्णा शेषाद्रि की सराहना की, जिन्होंने छात्रों के लिए इतिहास के अध्ययन को रोचक और सरल बनाने की अभिनव पहल की है।
Discussion (0)