सोनम वांगचुक ने खोली अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की पोल: बोले – ‘ये लोग कोई संत नहीं, हैं राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन करने वाले प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाल ही में एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वांगचुक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये युवा नेता कोई ऐसे ‘संत’ नहीं हैं जिनकी कोई राजनीतिक मंशा न हो। उनकी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं और वे कोई त्याग की मूरत नहीं हैं।
इसके साथ ही सोनम वांगचुक ने बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान पर भी अपनी फिल्म ‘3 इडियट्स’ और ‘गजनी’ के किरदार का संदर्भ देते हुए चुटीला तंज कसा।
CJP के संस्थापकों पर सोनम वांगचुक का रुख: ‘इनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं होना गलत नहीं’
पॉडकास्ट के दौरान जब सोनम वांगचुक से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापकों अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की पृष्ठभूमि के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही पारदर्शी प्रतिक्रिया दी। वांगचुक ने स्वीकार किया कि इन तीनों युवाओं में राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
सोनम वांगचुक का मुख्य कथन: “ये लोग ऐसे संत भी नहीं हैं कि जिन्हें कुछ नहीं चाहिए और ये सब निस्वार्थ कर रहे हैं। निश्चित रूप से इनकी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं होंगी और होनी भी चाहिए, इसमें कुछ गलत नहीं है। लेकिन जिस मंच को राजनीतिक पार्टी के रूप में शुरू नहीं किया गया था, उसकी पवित्रता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है।”
आंदोलन की निष्पक्षता पर जोर देते हुए वांगचुक ने कहा कि इस मंच को किसी एक राजनीतिक रंग में ढालना ठीक नहीं है। लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन को एक छात्र आंदोलन के रूप में देखा था, न कि किसी विशेष दल के एजेंडे के रूप में।
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मुख्य घटनाक्रम एवं प्रमुख पात्रों का संक्षिप्त विवरण
| नाम / संस्था | भूमिका / पहचान | सोनम वांगचुक की मुख्य टिप्पणी |
|---|---|---|
| सोनम वांगचुक | प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता एवं शिक्षक | छात्र आंदोलन की पवित्रता और न्यूट्रल पहचान बनाए रखने पर बल दिया। |
| अभिजीत दीपके | संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक, CJP | राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं मौजूद हैं, लेकिन मंच को गैर-राजनीतिक रखना चाहिए था। |
| सौरव दास एवं आशुतोष रांका | सह-संयोजक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) | भविष्य में किसी पार्टी में शामिल होना गलत नहीं, पर मौजूदा मंच की विश्वसनीयता जरूरी। |
| आमिर खान | बॉलीवुड अभिनेता | ‘गजनी’ फिल्म के कैरेक्टर की तरह शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस का शिकार होने का तंज। |
‘मैं यह लिखकर नहीं दे सकता कि ये कल भ्रष्ट नहीं होंगे’
साक्षात्कार में वांगचुक ने बेहद ईमानदारी से कहा कि कई लोग उन्हें आकर कहते हैं कि वे केवल सोनम वांगचुक का चेहरा देखकर इस आंदोलन से जुड़े थे। लोगों का कहना होता है कि अगर ये युवा नेता आगे चलकर कुछ गलत करते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी वांगचुक पर होगी।
इस पर सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया:
- वे किसी भी व्यक्ति की भविष्य की निष्ठा या ईमानदारी का खून से लिखकर स्टाम्प नहीं दे सकते।
- उन्होंने किसी को राजनीतिक रूप से स्वार्थी न बनने की गारंटी नहीं दी है।
- यदि कोई आगे जाकर अपनी राजनीतिक पार्टी बनाना चाहता है या किसी अन्य पार्टी में जाना चाहता है, तो वह उसका व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन मौजूदा जन-आंदोलन की साख से समझौता नहीं होना चाहिए।
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आमिर खान पर कसा तंज: ‘गजनी’ वाले शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस के शिकार हुए
सोनम वांगचुक ने पॉडकास्ट के दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान पर भी चुटीला हमला बोला। दरअसल, आमिर खान ने पूर्व में दावा किया था कि फिल्म ‘3 इडियट्स’ बनाते समय वे वांगचुक को नहीं जानते थे और उनका ‘फुनसुक वांगडू’ का किरदार वांगचुक से प्रेरित नहीं था।

इस दावे पर तंज कसते हुए वांगचुक ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे और आमिर खान अतीत में काफी विस्तार से मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि आमिर अपनी फिल्म ‘गजनी’ के उस किरदार की तरह व्यवहार कर रहे हैं जिसे शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस (कम समय के लिए चीजें भूलने की बीमारी) था।
“सुना है आमिर खान अपने रोल में काफी गहराई तक उतर जाते हैं। शायद वे गजनी के किरदार में इतने डूब गए थे कि जिस अवॉर्ड फंक्शन में वे खुद मौजूद थे और मुझे अवॉर्ड मिल रहा था, उसे भी भूल गए होंगे। मैं यह दावा नहीं कर रहा कि ‘3 इडियट्स’ मेरी सीधी बायोग्राफी थी, लेकिन इसी को प्रेरणा या प्रभाव कहते हैं। आमिर ने मुझसे मिलकर कई आइडिया लिए थे।” — सोनम वांगचुक
मानव संघर्ष, राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं और शाश्वत शांति का आध्यात्मिक मार्ग
दुनिया भर में चाहे राजनीतिक आंदोलन हों, छात्र प्रदर्शन हों या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का टकराव, मनुष्य हमेशा किसी न किसी बदलाव और शांति की तलाश में रहता है। सोनम वांगचुक और सीजेपी नेताओं के बीच का यह वैचारिक मतभेद दर्शाता है कि भौतिक संसार में स्वार्थ, राजनीतिक लिप्सा और मतभेद कभी समाप्त नहीं हो सकते। मानव समाज में पद, प्रतिष्ठा और सत्ता पाने की लालसा अक्सर बड़े-बड़े आंदोलनों की पवित्रता को प्रभावित कर देती है।
इस नश्वर संसार के दुख, तनाव, छल और राजनीतिक उथल-पुथल से परे जाकर यदि हम सच्चे आत्मिक कल्याण और स्थायी शांति की बात करें, तो उसका मार्ग केवल आध्यात्मिक ज्ञान और सतभक्ति में निहित है। जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज अपने आध्यात्मिक सत्संगों में बताते हैं कि जब तक मनुष्य सांसारिक पदों और भौतिक महत्वाकांक्षाओं के पीछे भागता रहेगा, तब तक उसे पूर्ण मानसिक शांति और मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता।
परमेश्वर कबीर जी (God Kabir) की सच्ची भक्ति और तत्वज्ञान को अपनाकर ही जीव इस लोक के विकारों से मुक्त होकर उस ‘अमरलोक’ को प्राप्त कर सकता है जहाँ कोई छल, कपट या राजनीतिक संघर्ष नहीं है। संत रामपाल जी महाराज के विचारों और पूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान को गहराई से समझने के लिए तथा जीवन को सही दिशा देने के लिए आप Sant Rampal Ji Maharaj Official YouTube Channel पर प्रामाणिक सत्संग देख सकते हैं।
FAQs on सोनम वांगचुक
Q1: सोनम वांगचुक ने CJP के संस्थापकों के बारे में क्या बयान दिया है?
Ans: सोनम वांगचुक ने कहा है कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका कोई संत नहीं हैं और उनकी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छा रखना गलत नहीं है, लेकिन आंदोलन के मंच की निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए।
Q2: सोनम वांगचुक ने आमिर खान पर क्या तंज कसा?
Ans: आमिर खान के ‘3 इडियट्स’ से जुड़े पुराने बयान पर वांगचुक ने कहा कि आमिर ‘गजनी’ फिल्म के किरदार की तरह शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस का शिकार हो गए हैं और उस अवॉर्ड फंक्शन को भूल गए जहाँ दोनों मिले थे।
Q3: क्या सोनम वांगचुक CJP नेताओं की निष्ठा की गारंटी लेते हैं?
Ans: नहीं, सोनम वांगचुक ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी व्यक्ति के भविष्य में भ्रष्ट न होने या राजनीतिक रूप से स्वार्थी न बनने की लिखित गारंटी नहीं दे सकते।
Q4: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर प्रदर्शन किस बारे में था?
Ans: यह प्रदर्शन मुख्य रूप से एक छात्र और जन-आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक अनशन किया था।
Q5: सोनम वांगचुक के अनुसार छात्र आंदोलन को कैसा होना चाहिए?
Ans: वांगचुक के अनुसार किसी भी छात्र आंदोलन को गैर-राजनीतिक, निष्पक्ष और पवित्र बनाए रखना चाहिए ताकि आम जनता का विश्वास उस पर बना रहे।
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