Vikas Dubey Hindi News: पकड़ा गया बदमाश विकास दुबे

Vikas Dubey Hindi News: DSP समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का कुख्यात अपराधी, 5 लाख का इनामी बदमाश विकास दुबे और उसके साथी शराब कारोबारी समेत लखनऊ के दो वकीलों को आज गुरुवार सुबह 9:00 बजे उज्जैन के महाकाल मंदिर से MP पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। और अब यूपी पुलिस की टीम उसे लेने रवाना हो चुकी है।

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हालांकि इस बात पर अभी सस्पेंस बरकरार है कि विकास दुबे ने सरेंडर किया है या पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया गया है। पिछले कई दिनों से दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में छिपने की खबरें सामने आ रही थीं।

गाड़ी से पहुंचा था उज्जैन

कानपुर गोलीकांड के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे उत्तर प्रदेश के नंबर प्लेट वाली एक गाड़ी से मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर पहुंचा था। जहां उसे आसानी से गिरफ्तार कर लिया गया तथा अज्ञात स्थान पर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

गैंगस्टर विकास दुबे को गिरफ्तार करने से पहले गुरुवार सुबह ही विकास के दो करीबी प्रभात मिश्रा और बऊआ उर्फ प्रवीण को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। UP पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी, तभी रास्ते में प्रभात ने पुलिस से छुटाकर भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। लेकिन तभी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात को मार दिया गया। दूसरी ओर विकास गैंग के ही बऊआ दुबे उर्फ प्रवीण को पुलिस ने इटावा में मार डाला । दोनों बदमाश 2 जुलाई को बिकरू गांव में हुई 8 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल थे।

Vikas Dubey Hindi News-तीन राज्यों की पुलिश लगी थी तलाश में

गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, और मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था। इसके अलावा कानपुर के चालीस थानों की फोर्स, सात हजार पुलिसकर्मी और यूपी एसटीएफ की सौ से अधिक टीमें लगाई गई। लेकिन इन सबके बीच वह M. P. पहुंच गया। और उज्जैन के महाकाल मंदिर नहीं मैं आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

इससे पहले मंगलवार को फरीदाबाद के एक होटल में उसे देखा गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह ऑटो में बैठकर वहां से फरार हो गया। मजे की बात तो ये है कि कानपुर एनकाउंटर की घटना को अंजाम देने के बाद घटनास्थल से मात्र पांच किमी दूर शिवली गांव में वह दो दिन तक छिपा रहा, और पुलिस पूरे प्रदेशभर में उसे ढूंढती रही।

DSP समेत आठ पुलिसकर्मी हुए थे शहीद

कानपुर एनकाउंटर में डीएसपी देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर एसओ महेश यादव समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। शुरुआती जांच से यह पता चलता है कि थाने से विकास दुबे को ये सूचना दी गई थी कि दबिश पड़ने वाली है। इसलिए उसने पूरी तैयारी के साथ पुलिस पर हमला कर दिया । एसएसपी ने इस प्रकरण की जांच एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव को दी थी।

170 कैमरों की निगरानी में भी खुलेआम घूमता रहा था गैंगस्टर विकास दुबे

महाकाल मंदिर का परिसर 170 आधुनिक कैमरों से लैस था, इसके अलावा यहां हर समय 60 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। गुरुवार सुबह जब मंदिर से विकास दुबे को गिरफ्तार किया गया, तब भी वहां भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। हैरानी की बात तो ये है कि इतनी सुरक्षा के बावजूद विकास दुबे मुंह पर मास्क लगाकर खुलेआम घूमता रहा। तथा उसने मंदिर में फोटो भी खिंचवाए।
गैंगस्टर विकास ने वीवीआईपी दर्शन के लिए पर्ची कटवाने के बाद वह प्रसाद की दुकान पर पहुंचा, उसके बाद वह महाकाल मंदिर के एक नंबर गेट से पर्ची दिखाकर अंदर दाखिल हुआ।

Vikas Dubey Hindi News: लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि उज्जैन महाकाल के मंदिर में पहुंचने के बाद विकास दुबे ने आत्मसमर्पण कर दिया था उसने खुद कार्ड को यह जानकारी दी थी कि कानपुर एंड काउंटर वाला अपराधी में ही हूं। तभी सिक्योरिटी गार्ड ने फोरन पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तभी CCTV फुटेज देखा तो विकास आराम से मंदिर प्रांगण में घूम रहा था। लोकेशन देखकर पुलिस मंदिर के अंदर पहुंच गई और उसे आसानी से हिरासत में ले लिया।

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कानपुर गोलीकांड के पांच दिन बाद तक किसी को विकास दुबे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। विकास की आखिरी लोकेशन औरैया में ट्रेस की गई थी। इसके बाद विकास का मोबाइल बंद हो गया। इस दौरान विकास के उन्नाव, कानपुर देहात, मेरठ, दिल्ली फिल्म सिटी, नेपाल बॉर्डर सहित कई जगहों पर मिलने की आशंका में पुलिस गस्त लगाती रही।

विकास दुबे का राजनीतिक इतिहास

विकास दुबे का राजनीतिक इतिहास भी हैरान कर देने वाला है। जिस पार्टी की सरकार सत्ता में रहती थी गैंगस्टर विकास दुबे उसी पार्टी के दमदार नेताओं के संपर्क में रहता था। सबसे ज्यादा राजनीतिक पकड़ इसे बसपा की सरकार में मिली। तब से लेकर यह सपा के कई प्रमुख नेताओं और भाजपा के भी कई नेताओं के संपर्क में रहा, लेकिन भाजपा के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की वजह से इसकी घुसपैठ BJP में नहीं हो पा रही थी।

अपनी राजनीतिक पैठ बनाने के लिए विकास दुबे 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहा था और उसने BJP और बसपा दोनों पार्टियों पर अपनी निगाह लगा रखी थी।

विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया हुई तेज

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने सुरक्षा के दावों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। प्रियंका ने कहा, कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वैसा नहीं हो सका अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

Credit: NDTV

उन्होंने आगे एक दूसरे ट्वीट में कहा, 3 महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं, UP सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को उजागर करना चाहिए.”

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, कि कानपुर कांड का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है,अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

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