4 दिसंबर Indian Navy Day: जानिए क्यों मनाया जाता है भारतीय नौसेना दिवस?

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Indian Navy Day [Hindi] भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास Quotes in Hindi

Last Updated on 4 December 2021, 6:30 PM IST: Indian Navy Day 2021: नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है. इस दिन नौसेना के जाबाजों को याद किया जाता है. नेवी डे 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना की जीत के जश्न के रूप में मनाया जाता है.

Indian Navy Day [Hindi] भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास Quotes in Hindi

क्यों मनाया जाता है भारतीय नौसेना दिवस (Indian Navy Day)?

Indian Navy Day 2020: नौसेना दिवस (Indian Navy Day 2020) हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है. इस दिन नौसेना के जाबाजों को याद किया जाता है. नेवी डे (Navy Day) 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना (Indian Navy) की जीत के जश्न के रूप में मनाया जाता है. पाकिस्तानी सेना द्वारा 3 दिसंबर को हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था. इस हमले ने 1971 के युद्ध की शुरुआत की थी. पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाब देने के लिए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ चलाया गया.

यह अभियान पाकिस्‍तानी नौसेना के कराची स्थित मुख्‍यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया. एक मिसाइल नाव और दो युद्ध-पोत की एक आक्रमणकारी समूह ने कराची के तट पर जहाजों के समूह पर हमला कर दिया. इस युद्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया गया था. इस हमले में पाकिस्तान के कई जहाज नेस्‍तनाबूद कर दिए गए थे. इस दौरान पाकिस्तान के ऑयल टैंकर भी तबाह हो गए थे.

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सात दिन तक जलता रहा कराची तेल डिपो

कराची हार्बर फ्यूल स्टोरेज के तबाह हो जाने से पाकिस्तान नौसेना की कमर टूट गई थी. कराची के तेल टैंकरों में लगी आग की लपटों को 60 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता था. बता दें कि कराची के तेल डिपो में लगी आग को सात दिनों तक नहीं बुझाया जा सका था.

नौसेना दिवस (Navy Day) का इतिहास (History of Indian Navy Day)

नौसेना दिवस 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीत हासिल करने वाली भारतीय नौसेना की शक्ति और बहादुरी को याद करते हुए मनाया जाता है. ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत 4 दिसंबर, 1971 को भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची नौसैनिक अड्डे पर हमला बोल दिया था. इस ऑपरेशन की सफलता को ध्यान में रखते हुए 4 दिसंबर को हर साल नौसेना दिवस मनाया जाता है.

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भारतीय नौसेना (Indian Navy) भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जिसकी स्थापना 1612 में हुई थी. ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए East India Company’s Marine के रूप में सेना गठित की थी. जिसे बाद में रॉयल इंडियन नौसेना नाम दिया गया. भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे भारतीय नौसेना नाम दिया गया.

निर्णायक साबित हुआ था वह हमला

ये भारतीय नौसेना की ताकतवर और चुस्त रणनीति का नतीजा था कि पाकिस्तान भौंचक्का रह गया था. और इसके बाद युद्ध में पाकिस्तान को संभलने का मौका नहीं मिला था. उस समय भारत और पाकिस्तान की जमीन की सीमा बांग्लादेश के साथ होने की वजह से बहुत ही ज्यादा थी. इसलिए पाकिस्तान के लिहाज से नौसेना की अहमियत केवल यही थी कि पश्चिम पाकिस्तान नौसेना के जरिए ही पूर्वी पाकिस्तान को सामान भेज सकता था.

1971 में बहुत बड़ी थी भारतीय नौसेना की भूमिका

लेकिन पाकिस्तान की उम्मीद के खिलाफ भारत ने उसे नौसेना के जरिए चौंका कर जो बैकफुट पर धकेला, उसके बाद पाकिस्तान के संभलने का मौका नहीं मिला. इतना ही नहीं भारतीय नौसना की रणनीति का ही नतीजा था कि पश्चिमी पाकिस्तान पूर्वी पाकिस्तान तक कोई भी मदद अपने नौसेना के जरिए नहीं पहुंचा सका.

1612 में भारतीय नौसेना की स्थापना

भारतीय नौसेना का जन्‍म या स्थापना 1612 में किया गया था। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी की समुद्री सेना के रूप में एक सेना का गठन किया। साल 1686 तक ब्रिटिश व्यापार पूरी तरह से बॉम्बे में स्थानांतरित हो गया। इसके बाद इस दस्ते का नाम ईस्ट इंडिया मरीन से बदलकर बॉम्बे मरीन (Bombay Marine) कर दिया गया। बॉम्बे मरीन ने मराठा, सिंधि युद्ध के साथ-साथ साल 1824 में बर्मा युद्ध में भी हिस्सा लिया। जिसे बाद में रॉयल इंडियन नेवी का नाम दिया गया। भारत की स्वतंत्रता के बाद, नौसेना को वर्ष 1950 में फिर से गठित किया गया और इसका नाम बदल कर भारतीय नौसेना कर दिया गया।

भारतीय नौसेना की प्रमुख बातें

  • भारतीय नौसेना का नेतृत्व नौसेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। 17वीं शताब्दी के मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी भोसले को भारतीय नौसेना का जनक माना जाता है।
  • इंडियन नेवी के मुंबई स्थित मुख्यालय में हर वर्ष नेवी डे धूमधाम से मनाया जाता है। नौसैनिक अपनी स्किल का प्रदर्शन कर अपना शौर्य जाहिर करते हैं। गेटवे ऑफ इंडिया बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है।
  • पहले विश्व युद्ध के दौरान इंडियन मरीन ने अहम भूमिका निभाई। इसका इस्तेमाल गश्त के अलावा इराक, मिस्र और पूर्वी अफ्रीका में सैनिकों और साजो सामान के परिवहन के लिए किया गया।
  • वहीं दूसरे विश्वयुद्ध के समय रॉयल इंडियन नेवी में आठ युद्धपोत थे। युद्ध के अंत तक इसके बेड़े में 117 युद्धक पोत और 30,000 जवान थे।
  • रॉयल इंडियन मरीन में कमीशन होने वाले पहले भारतीय सब लेफ्टिनेंट डी.एन.मुखर्जी थे। इन्‍हें 1928 में इंजिनियर ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया गया था।
  • जब भारत आजाद हुआ तो उस समय रॉयल इंडियन नेवी के बेड़े में 32 पोत थे जो पुराने हो चुके थे। वे पोत सिर्फ तटीय गश्त के मतलब के ही थे। उस समय नेवी में 11,000 अधिकारी और जवान थे।
  • इस समय भारतीय नौसेना में 67,252 सक्रिय सैनिक और 75,000 रिजर्व सैनिक हैं। वहीं एक विमानवाहक समेत कुल पोत की संख्‍या 300 है। इनमें 17 पनडुब्बियां, 14 फ्रिगेट्स, 11 विनाशक पोत, 22 कॉर्वेट्स, 16 पनडुब्बियां, 139 गश्ती पोत और चार बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उनको तबाह करने वाले पोत हैं।

कब स्थापित हुई थी भारतीय नौसेना (Indian Navy) की स्थापना

साल 1612 में स्थापित हुई नौसेना का ध्येय वाक्य है- शं नो वरुणः! तैत्तिरीय उपनिषद की प्रार्थना से लिए इस वाक्य का अर्थ है- जल के देवता हमारे लिए शुभ हों. ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी मरीन बनाया. बाद में इसका नाम बदल कर रॉयल इंडियन नेवी कर दिया गया. साल 1950 में भारत के पूर्ण रूप से गणतंत्र होने के बाद नौसेना का दोबारा गठन हुआ. फिर इसका नाम भारतीय नौसेना कर दिया गया. तकनीक के मामले में भारतीय नौसेना की गिनती दुनिया की सर्वोच्च सेनाओं में की जाती है.

Credit: OneIndia Hindi

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Indian Navy Day 2021 Quotes in Hindi

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,

कुछ नशा मात्रभूमि की शान का है,

हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,

नशा ये हिंदुस्तान के मान का है

हमारे जल प्रहरियों को देश का सलाम

Happy Indian Navy Day 2021

जल से लेकर थल और नभ तक,

देश का मान बढ़ाने वाले वीर,

नौसैनिकों को हमारा नमन

Happy Indian Navy Day 2021

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