PM मोदी इस छोटे से डिवाइस से बिना रुके घंटों तक देते हैं भाषण, जानें क्यों है बेहद ख़ास Teleprompter 

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Teleprompter PM Speech [Hindi] कैसे काम करता है Teleprompter

Teleprompter PM Speech: कई ऐसे डिवाइस हैं जिनका इस्तेमाल राजनीतिक जगत में खूब होता है, आज हम इन्हीं में से एक डिवाइस के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जिसका जमकर इस्तेमाल होता है।

Teleprompter PM Speech [Hindi] कैसे काम करता है Teleprompter

भारत में इस समय कैसा डिवाइस है जिसके खूब चर्चे हो रहे हैं। इस डिवाइस का इस्तेमाल राजनीतिक जगत में काफी होता है। अगर आप अभी तक नहीं समझ पाए हैं तो हम बात कर रहे हैं teleprompter की, इस डिवाइस की मदद से आप आसानी से घंटो तक किसी भी विषय पर बोल सकते हैं। वैसे तो यह डिवाइस बेहद ही आम है लेकिन इसकी कीमत थोड़ी सी ज्यादा है क्योंकि यह एक पेचीदा तकनीक पर काम करता है। इस डिवाइस की मदद से आप उस टेक्स्ट को पढ़ सकते हैं जिसे आज से कुछ साल पहले तक कागज पर लिखकर पढ़ा जाता था खास बात यह है कि आप टेक्स्ट को अपने हिसाब से स्लो या फास्ट रख सकते हैं।

Teleprompter PM Speech: कैसे काम करता है Teleprompter 

इस डिवाइस में एक बड़ी स्क्रीन होती है जिस पर टेक्स्ट दिखाई देता है। डिवाइस के साथ एक रिमोट कंट्रोल भी होता है जिसे टैक्स की स्पीड बढ़ाने या घटाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बार टेक्स्ट का डाटा इस डिवाइस में फीड करने के बाद आप इसे पढ़ सकते हैं और कैमरे के आगे अपनी बात रख सकते हैं।

कितनी होती है कीमत

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि टेलीप्रॉन्पटर की कीमत मार्केट में लाखों तक जाती है। यह देखने में तो सस्ता लगता है लेकिन ऐसा होता नहीं है यह काफी महंगा बिकता हैऔर इसका रखरखाव भी काफी महंगा होता है।

Teleprompter PM Speech: 1952 से अमेरिकी प्रेसीडेंट इलेक्शन में हुआ था पहला इस्तेमाल

टेलीप्रॉम्पटर (Teleprompter) सरीखे तकनीक की शुरुआत लगभग 1948 में हुई थी. उस वक़्त एक एक्टर फ्रेड बर्टोन की नर्वसनेस को दूर करने के लिए सूटकेस में मोड़े हुए कागजों का पुलिंदा रखा गया था ताकि टीवी पर बोलते हुए जब वे भूल जाएं  तो उन्हें याद दिलाया जा सके. कभी-कभी क्यू कार्ड्स का भी इस्तेमाल होता था, पर एकदम ठीक कार्ड ढूंढ़ना अनावश्यक देरी करवा देता था. इससे निबटने के लिए बर्टोन 20 सेंचुरी फ़ॉक्स के मालिकों के पास गए. बर्टोन  का आइडिया क्यू कार्ड को मोटोराइज़्ड स्क्रोल से कनेक्ट करने का था ताकि बिना किसी गलती के एग्जैक्ट क्यू कार्ड पढ़ा जा सके. बेल्ट और पुली की सहायता से बड़े अक्षरों में तैयार किये गए रोल्ड पेपर को धीरे-धीरे अनरोल किया जाता और बर्टोन उसे पढ़ते जाते.

जब राष्ट्रपति बराक ओबामा को स्क्रिपटेड प्रेसीडेंट कहकर बुलाया गया

इस तकनीक का इस्तेमाल का अमेरिकी राष्ट्रपति (US president  ) करते रहे हैं पर जिस तरह बराक ओबामा ने इसका इस्तेमाल किया, उस तरह उनके किसी पूर्ववर्ती ने नहीं किया था. रिपब्लिकन उनकी सबसे अधिक आलोचना इसी बात पर किया करते थे. 2009 में न्यू यॉर्क टाइम्स में एक आर्टिकल छपा था जिसकी हेड लाइन थी ‘द (वेरी) स्क्रिपटेड प्रेसीडेंट’. इस आर्टिकल में विस्तार से ओबामा के द्वाराteleprompter के इस्तेमाल पर चर्चा की गयी थी.

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उनके कुछ सहयोगियों का मानना था कि वे इसका बेहतरीन इस्तेमाल करते रहे हैं जबकि कुछ लोगों ने उनके भाषण को ज़रूरत से अधिक ठहरा हुआ और आई कॉन्टैक्ट की कमी वाला बताया. माना जाता है कि ओबामा किसी भी तरह के एमबैरेसमेंट से बचने के लिए इसका अत्यधिक इस्तेमाल करते थे. कहा जाता है कि ओबामा के ठीक पूर्ववर्ती प्रेसीडेंट जॉर्ज डब्ल्यू बुश इंडेक्स कार्ड यूज़ किया करते थे.अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन वीडियो फीड का सहारा लेते हैं.

सेल फोन भी न रखने वाले पुतीन भी करते हैं कभी-कभी इसका इस्तेमाल

रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन के बारे में कहा जाता है कि उन्हें चीज़ों पर नियंत्रण रखना पसंद है. यही कारण है कि वे अपने पास अधिकतर पेपर नोट्स रखते हैं. पुतीन के बारे में माना जाता है कि उन्हें आधुनिक तकनीक से चिढ़ है. वे सेलफोन भी नहीं रखते हैं पर कुछ अंग्रेज़ी भाषणों के दौरान उन्होंने teleprompter का इस्तेमाल किया है.

Teleprompter PM Speech: टेलीप्रॉम्पटर के कारण बोलना छोड़े PM मोदी?

कॉन्ग्रेस जो झूठ फैला रही है, उसका आधार आधा-अधूरा वीडियो है। पूरी वीडियो देखेंगे तो समझ आएगा कि वास्तव में क्या हुआ था। पूरी वीडियो से पता चलता है कि खामी Teleprompter में नहीं आई थी, बल्कि मैनेजिंग टीम ने पीएम से रुककर यह पूछने को कहा था कि सबको उनकी आवाज आ रही है या नहीं।

Teleprompter PM Speech: पीएम मोदी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में देश को संबोधित कर रहे थे न कि बीजेपी को। मगर कॉन्ग्रेस के अंदर मोदी के प्रति इतनी नफरत भर गई है कि यह देश से ही नफरत करने लगे हैं और पीएम को लेकर झूठ फैलाने में लगे रहते हैं। कॉन्ग्रेस के आईटी सेल को यह याद रखना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान तकनीकी समस्या एक उत्कृष्ट वक्ता के रूप में प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को कम करने वाली नहीं है।

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3 तरह के टेलीप्रॉम्पटर होते हैं

1. प्रेसिडेंशियल टेलीप्रॉम्पटर: राष्ट्रपति जिस टेलीप्रॉम्पटर डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, वो एक स्टैंड पर एक ग्लास स्क्रीन होता है। मॉनिटर नीचे की तरफ रखा जाता है और मॉनिटर को प्रतिबिंबित करने के लिए ऊपर की ओर ग्लास स्क्रीन को झुकाया जाता है। टेलीविजन मेंबर्स आमतौर पर स्पीकर के सामने प्रेसिडेंशियल टेलीप्रॉम्पटर को हर तरफ रखते हैं।

2. कैमरा माउंटेड टेलीप्रॉम्पटर: इस टेलीप्रॉम्पटर में ग्लास स्क्रीन के पीछे एक कैमरा लगा होता है। पढ़ते समय स्पीकर कैमरे की तरफ देखता है। दर्शकों के साथ जुड़े रहने के दौरान न्यूजकास्टर्स, बिजनेस ऑफिसर, शिक्षक कैमरा-माउंटेड टेलीप्रॉम्पटर डिवाइस का उपयोग करते हैं। सभी न्यूज चैनल कैमरा माउंटेंट टेलीप्रॉम्पटर का इस्तेमाल करते हैं।

3. स्टैंड टेलीप्रॉम्पटर: फ्लोर या स्टैंड टेलीप्रॉम्पटर दिखने में प्रेसिडेंशियल टेलीप्रॉम्पटर के समान होते हैं। इसका ऑपरेशन भी लगभग एक समान होता है। ये डिवाइस प्रोडक्शन मेंबर को वॉल-माउंट या स्टैंड-माउंट करने का ऑप्शन देते हैं। इसका इस्तेमाल फिल्म के दौरान अभिनेता डायलॉग बोलने के लिए करते हैं।

Credit; AS Informer

पीएम के टेलीप्रॉम्पटर में क्या है खास?

अगर प्रधानमंत्री या फिर अन्य हस्तियों के टेलीप्रॉम्पटर की बात करें तो यह अलग तरह के होते हैं. कई बार आपने पीएम को भाषण देते हुए देखा होगा और सामने दो कांच लगे होते हैं, जो टेलीप्रॉम्पटर ही होते हैं. पीएम इन टेलीप्रॉम्पटर के जरिए अपनी स्पीच पढ़ते हैं और अपनी बात जनता के सामने रखने के लिए इनकी मदद लेते हैं. आप नीचे दी गई तस्वीर से अच्छे से समझ सकते हैं.

पीएम के टेलीप्रॉम्पटर में क्या है खास?

अगर प्रधानमंत्री या फिर अन्य हस्तियों के टेलीप्रॉम्पटर की बात करें तो यह अलग तरह के होते हैं. कई बार आपने पीएम को भाषण देते हुए देखा होगा और सामने दो कांच लगे होते हैं, जो टेलीप्रॉम्पटर ही होते हैं. पीएम इन टेलीप्रॉम्पटर के जरिए अपनी स्पीच पढ़ते हैं और अपनी बात जनता के सामने रखने के लिए इनकी मदद लेते हैं. आप नीचे दी गई तस्वीर से अच्छे से समझ सकते हैं.

ये ऐप्स कर सकते हैं डाउनलोड

  • Parrot Teleprompter: यह ऐप एपल और एंड्राइड यूजर्स के लिए बेहतरीन ऐप है। इसका उपयोग करना बेहद आसान है। इसमें आप टैक्स्ट स्क्रोल स्पीड, टैक्स साइज और ब्रैकग्राउंड का रंग आसानी से बदल सकते हैं। यह मोबाइल के साथ- साथ कम्प्यूटर मॉनिटर के लिए भी बहुत उपयोगी है। Dropbox और toggle marker इसके बेहतरीन फीचर्स हैं।
  • PromptSmart को आईओएस और एंड्रॉइड के लिए सबसे अच्छा फ्री टेलीप्रॉम्प्टर सॉफ्टवेयर प्रोग्राम माना जाता है। इसे चलाना भी बेहद आसान है। इसमें voice-activated feature भी है, जिससे आप टैक्स्ट को आवाज के रूप में बदल सकते हैं।
  • Selvi : यह भी आईएसओ और एंड्राइड यूजर्स के लिए बेहतरीन सॉफ्टवेयर है। यह इतना लोकप्रिय नहीं है, लेकिन इससे आप मोबाइल को यह आपको अपने मोबाइल डिवाइस पर कैमरे का उपयोग करने की अनुमति देता है ताकि आपको अपने बोलने वाले वीडियो को रिकॉर्ड करने के लिए किसी अन्य डिवाइस की आवश्यकता न हो। स्क्रिप्ट को मैन्युअल रूप से भी टाइप किया जा सकता है या आपके क्लाउड स्टोरेज से इंपोर्ट किया जा सकता है। इसमें विंडो को भी आसानी से एडजेस्ट किया जा सकता है। इसे फिंगर से वर्टिकल और होरिजेंटल किया जा सकता है।
  • Teleprompter Pro Lite : टेलीप्रॉम्प्टर प्रो लाइट एक और उपयोग में आसान ऐप है। इसे आप आईओएस या एंड्रॉइड डिवाइस पर मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। फ़ॉन्ट चयन, कंट्रोल, स्क्रॉल स्पीड को नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें ब्लूटूथ के जरिए भी कनेक्ट हुआ जा सकता है।

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