Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi: दिल्ली में उपद्रवियों का तांडव, पुलिस अलर्ट पर

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hind: दिल्ली में पिछले 3 दिनों में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया है। कुछ लोग गोलियों के शिकार हुए हैं तो कुछ पत्थर लगने से घायल हैं। पुलिस भी लाचार दिखाई दे रही है।

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Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi Highlighted Points

  • दिल्ली में विभिन्न इलाकों में उपद्रवियों ने जमकर मचाया उत्पात
  • अब तक लगभग 22 लोगो की मौत 130 से जयादा घायल
  • पुलिसकर्मी सहित अबतक कई लोगों की जा चुकी है जान
  • दहशत से साये में जी रहे हैं दिल्ली के लोग
  • NSA अजीत ढोभाल ने लिया घटना संभावित इलाको का जायजा
  • आईबी अफसर की मौत

नई दिल्ली, Tube light Talks News: नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में पिछले 3 दिनों से हो रही हिंसा में एक हेड कॉन्स्टेबल समेत अबतक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा प्रभावित इलाकों में Delhi पुलिस को अब उगार्वादियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए गए हैं

NSA अजीत ढोभाल ने लिया घटना संभावित इलाको का जायजा

हालात का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मंगलवार देर रात हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने गाड़ी में बैठकर सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, यमुना विहार जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। जानकारी के मुताबित हालात इतने खराब हैं कि लोगों को अपने घर से निकलने में डर लग रहा है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को पूरे हालात से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वे दहशत के किस दौर से गुजर रहे हैं।

मौजपुर के रहने वाले शाह आलम (45) ने बताया:

‘जब मैं घर लौट रहा था तो गोली चलने की आवाज सुनी। मैं कुछ करता, उससे पहले ही मुझे एक गोली आ लगई। मैं अपने परिजनों के लिए चिंतित था और उन्हें उस वक्त बता भी नहीं सकता था कि मुझे गोली लग चुकी है।’

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi-छिपने से पहले ही गोली ने बनाया शिकार

Delhi Violence & Riots 2020 Hindi News : 25 साल के शाहिर ने बताया, ‘काम से मैं घर लौट रहा था, तब अचानक मुझे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मैं डर गया था और छिपने के लिए जगह ढूंढ रहा था। लेकिन छिपने से पहले ही मेरे जांघ में दो गोलियां आकर लगीं। मैं वहीं गिर पड़ा। जब मुझे होश आया तो मैं अस्पताल में पड़ा था।’

पत्रकारों को रेकॉर्डिंग से रोका

टीओआई: ने उग्रवदियों के एक समूह को देखा, जो पेट्रोल बम बना रहा था। वे छत पर से पथराव करने वालों को गालियां दे रहे थे। पत्रकारों को कहा गया कि वे इसकी रेकॉर्डिंग नहीं करें और वहां पर सुरक्षा के लिए पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं थी। 1.45 बजे जॉइंट कमिश्नर आलोक कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ चार बसों में पुलिसकर्मी थे। उन्होंने सीएए का समर्थन करने वाले प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi जलाई गयी दुकान

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi: शनि मंदिर से घोंडा जाने वाली सड़क पूरी तरह काली हो गई थी, क्योंकि दुकानों से लूटे गए सामानों को वहीं जलाया गया था। वहीं, गुप्ता नामक एक व्यक्ति ने खुद को फुटवियर बेचने वाला एक दुकानदार बताते हुए कहा कि दंगाइयों ने उनकी दुकान को गलतफहमी में दूसरे समुदाय का समझकर जला दिया। गुप्ता ने कहा कि उन्होंने हाल में ही इस दुकान को किराये पर लिया था।

सीसीटीवी तोड़ रहे थे उपद्रवी

उपद्रवीओ ने अपनी पहचान मिटाने के लिए दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों तक को तोड़ दिया। शुभम कलेक्शन स्टोर के मालिक ने उपद्रवियों से अपील की कि वे दुकान को नुकसान न पहुंचाएं, क्योंकि यह उन्हीं जैसे किसी आदमी की है। अपनी पहचान बताने के लिए वह, उनकी पत्नी और बेटा ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।

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ग्रामीण सेवा वाहन, बाइकें जलाईं: अपराह्न लगभग 3.30 बजे रैपिड ऐक्शन फोर्स की टुकड़ियां आईं और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन्होंने आंसू गैस के गोले छोड़े। करदमपुरी से जाफराबाद के लिए एक फ्लैगमार्च निकाला गया। टीओआई ने छजुपुर के निकट 100 फीट रोड पर एक ग्रामीण सेवा का वाहन तथा कुछ मोटरसाइकिलों को जली अवस्था में देखा।

देर रात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जाफराबाद मेट्रो स्टेश पर जहां महिलाएं धरना दे रही थीं और कुछ अन्य सड़कों को खाली करा लिया गया है और इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी गई है।


करावल नगर में भी उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। करावल नगर के अंदरूनी हिस्से में रहने वाले लोगों के लिए घर से बाहर निकलने का भी कोई रास्ता नहीं था, क्योंकि मेन रोड पर उपद्रवियों और पत्थरबाजों ने ‘कब्जा’ जमा रखा था।

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindiकरावल नगर में भी हालत बदतर

करावल नगर निवासी विक्रम पांडे ने बताया, ‘एक भीड़ मेरे घर के बाहर थी और यहां तक कि पुलिस को भी अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा था। हम दो दिनों से घर में फंसे हैं। रह-रहकर फायरिंग की आवाज सुनाई दे रही थी। पथराव में घायल हुए एक व्यक्ति की मैंने मरहम-पट्टी की।

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindiभजनपुरा में भी कमोवेश यही हालात

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi:

दिल्ली के भजनपुरा में भी हालात खराब थे। यहां रहने वाले लोग अपनी दुकानों के बाहर खड़े होकर उनकी सुरक्षा करते दिखे। दिल्ली पुलिस ने चांद बाग में भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे। यहां दो दिन से हालात ख़राब हैं।

डंडा लेकर बुजुर्ग कर रही आत्मरक्षा

भजनपुरा में एक महिला एक डंडा लेकर खुद और परिवार की सुरक्षा करती दिखी। उन्होंने बताया:

‘हमारे जैसे कई लोग यहां फंस गए हैं। अगर हम बाहर निकलने हैं तो हमारी जान को खतरा है।’

चांद बाग तथा यमुना विहार में भी हालत बहुत ख़राब है। कम से कम 25 पुलिसकर्मियों का एक दल शाम 3.40 बजे करावलनगर पहुंचा। उपद्रवी डंडों को जमीन पर पटककर नारे लगा रहे थे। अगले 15 मिनट में भीड़ छंटने लगी और प्रदर्शनकारी 3-फुटा रोड की तरफ जाते दिखे। ‘दिल्ली पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगते सुनाई दिए।

Delhi Violence & Riots 2020 News in Hindi: आईबी अफसर की मौत दुर्भाग्यपूर्ण

दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आईबी अधिकारी की मौत पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार के उच्चतम अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पीड़ितों और उनके परिवारों से मिलने के लिए कहा है तथा कल तक रिपोर्ट तलब करने को कहां है.

दंगे के बीच एक मां नहीं जा पाई घर

उन्होंने बताया की वह करावल नगर के महालक्ष्मी एनक्लेव कॉलोनी में रहती हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को जब ऑफिस के लिए निकली तब तक सब सही था। दिन में खबरें आने लगी कि हमारे घर के पास के इलाके में भी हिंसा भड़क गई है। शाम को जब घर के लिए निकली तो घर तक पहुंचने का कोई जरिया नहीं मिला।

वहां आसपास की सारी सड़कें बंद कर दी गई, सोचा मेट्रो से चली जाऊंगी तो पिंक लाइन मेट्रो भी बंद कर दी। मां ने फोन पर बताया कि पगलाई भीड़ सड़कों पर घूम रही है, उनके पास पेट्रोल बम हैं और मेरा घर आना सेफ नहीं है। यह बताते बताते वह सुबकने लगी, फिर बोली कि दीदी सोचो, मेरा मेरे घर पहुंचना ही सेफ नहीं रहा।

उसने बताया कि पति भी घर नहीं पहुंच पाए और उन्हें भी मेरी तरह मजबूरी में अपने किसी दोस्त के घर रुकना पड़ा। घर में मां और सात साल का बेटा अकेले हैं। मां भी बेहद घबराई है। वह बोलीं, रात में भी वहां कोई सो नहीं पाया। हर पल इस बात का डर कि हाथ में पेट्रोल बम और लाठी लिए भीड़ पता नहीं कहां से आ जाए।

कॉलोनी के पुरूष रात भर हेलमेट पहनकर कॉलोनी की गलियों में पहरा देते रहे। पुलिस वाले मेन रोड पर तो हैं तो लेकिन असली डर तो गलियों में है। जहां हिंसक भीड़ हर किसी की जान लेने को उतारु है। उसने कहा कि न तो हम घर जा पा रहे हैं ना ही मां-बेटे को वहां से निकाल पा रहे हैं। अब वहां रहना मुश्किल लग रहा है। हम लोग अब घर बेचकर शिफ्ट होने की सोचने लगे हैं।

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