Nasa Mars Mission 2021: 7 महीने स्पेस में रहने के बाद मंगल ग्रह पर सफलाता पूर्वक उतरा NASA का ‘पर्सविरन्स’ रोवर, ढूंढ़ेगा जीवन के संकेत

Nasa Mars Mission 2021 Hindi News: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया है. उन्होंने ट्वीट किया, “आज एक बार फिर साबित हुआ कि विज्ञान और अमेरिकी प्रतिभा की शक्ति के साथ, कुछ भी संभावना के दायरे से परे नहीं है.”

Nasa Mars Mission 2021 hindi news

नासा के इस अभियान का नेतृत्व करने वाली स्वाति मोहन ने गुरुवार को करीब 3.55 बजे (20.55 GMT) कहा, “टचडाउन कन्फर्म्ड.” जैसे ही पर्सविरन्स मंगल पर सॉफ्ट टचडाउन किया, वैज्ञानिकों में खुशी की लहर दौड़ गई. स्वचालित निर्देशित प्रक्रिया निर्धारित समय से करीब 11 मिनट पहले ही पूरी कर ली गई.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया है. उन्होंने ट्वीट किया, “आज एक बार फिर साबित हुआ कि विज्ञान और अमेरिकी प्रतिभा की शक्ति के साथ, कुछ भी संभावना के दायरे से परे नहीं है.”

वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कभी मंगल ग्रह पर जीवन रहा भी था तो वह तीन से चार अरब साल पहले रहा होगा, जब ग्रह पर पानी बहता था. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोवर से दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कई मुख्य सवाल का जवाब मिल सकता है. इस परियोजना के वैज्ञानिक केन विलिफोर्ड ने कहा, ‘‘क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड रूपी रेगिस्तान में अकेले हैं या कहीं और भी जीवन है? क्या जीवन कभी भी, कहीं भी अनुकूल परिस्थितियों की देन होता है?”

Nasa Mars Mission 2021: जीवन की गुत्थियां सुलझेंगी

करीब 160 अरब रुपये की लागत से बने ‘प्रीजरवेंस’ को मंगल ग्रह पर उतारने की पूरी कवायद को को नासा लाइव स्ट्रीमिंग के जरिये दुनिया भर में दिखाएगा. छह पहिये वाला यह प्रोब मंगल ग्रह पर कभी जीवन होने की गुत्थियों को सुलझाने में निर्णायक साबित हो सकता है. वैज्ञानिक लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि मंगल ग्रह पर अरबों साल पहले जीवन शायद रहा होगा, जब लाल ग्रह पानी और बर्फ का अस्तित्व था.

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जीवन की तलाश में अब तक 40 से ज्यादा मिशन

मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना तलाशने के लिए अब तक 40 से अधिक अभियान भेजे गए हैं. हाल ही में मंगल के उत्तरी हिस्से में मीथेन के गुबार का पता चला है, जो जीवन के संकेत देता है.पृथ्वी पर 90 प्रतिशत से अधिक मीथेन जीवों और वनस्पति द्वारा पैदा की जाती है. मंगल ग्रह के लिए फरवरी अहम है क्योंकि अमेरिका, चीन और यूएई के मिशन विभिन्न चरणों में हैं. नासा अपने रोवर ‘प्रीजरवेंस’ को जेज़ीरो क्रेटर (महाखड्ड) में उतारने की तैयारियों में जुटा हुआ.अब तक आठ देशों ने मंगल पर अपने अभियान भेजे हैं.

Nasa Mars Mission 2021: नासा का पांचवां रोवर है पर्सिवियरेंस

मंगल पर पहुंचने के बाद ये उसकी सतह पर उतरने वाला 9वां होगा। एक कार के साइज का प्लूटोनियम-पार्वड रोवर मंगल पर उतरने वाला नासा का पांचवां रोवर है। 23 कैमरों वाला पर्सिवियरेंस न केवल वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है, बल्कि ये आवाजें भी रिकॉर्ड कर पाएगा। इसके लिए इसमें दो माइक्रोफोन लगाए गए हैं।

Nasa Mars Mission 2021: 1000 किलोग्राम वजनी

नासा के मार्स मिशन का नाम पर्सिवियरेंस मार्स रोवर और इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर है। पर्सिवियरेंस रोवर 1000 किलोग्राम वजनी है। यह परमाणु ऊर्जा से चलेगा। पहली बार किसी रोवर में प्लूटोनियम को ईंधन के तौर पर उपयोग किया जा रहा है। यह रोवर मंगल ग्रह पर 10 साल तक काम करेगा। इसमें 7 फीट का रोबोटिक आर्म, 23 कैमरे और एक ड्रिल मशीन है। वहीं, हेलिकॉप्टर का वजन 2 किलोग्राम है।

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NASA की भारतीय वैज्ञानिक का कमाल

NASA की भारतीय वैज्ञानिक का कमाल इंटरनेशन समय 3 बजकर 55 मिनट पर NASA की भारतीय वैज्ञानिक और प्रोजेक्ट की ऑपरेशन लीड स्वाति मोहन ने नासा के इस रोवर के मंगल ग्रह की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग की बात को कनफर्म किया। और इसके साथ ही अमेरिका पूरी दुनिया का पहला मुल्क बन गया है जिसने मंगल ग्रह पर सबसे ज्यादा रोवर उतारे हैं। माना जा रहा है कि नासा का यह रोवर मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाएं क्या हैं और क्या मंगलग्रह पर कभी जीवन रहा होगा, इसकी खोज करने में काफी अहम भूमिका निभाएगा।

Credit: Oneindia Hindi

यह रोहर ऐसी जगहों को तलाशने का काम करेगा जहां जीवन होने की किसी भी संभावना यानि माइक्रोबियल लाइव का पता चलता हो। नासा का Perseverance रोवर जीवन से जुड़ी तमाम सबूतों, मिट्टी और पहाड़ों के टुकड़ों को कलेक्ट करेगा ताकि मार्श के लिए आगे जो मिशन भेजा जाए वो इन सबूतों को लेकर घरती पर वापस लौटे।

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