National Pollution Control Day 2022 [Hindi]: जानिए क्यों मनाया जाता हैं नेश्नल पॉल्यूशन डे, क्या है इसके पीछे की कहानी और महत्व?

National Pollution Control Day 2021 (Hindi) Theme, Quotes, Slogans

Last Updated on 2 December 2022, 4:07 PM IST: आज हम आपको National Pollution Control Day 2022 के बारे में विस्तार से बताएँगे, जैसे National Pollution Control Day theme क्या है, नेश्नल पॉल्यूशन डे क्यों मनाया जाता है? तथा उसका क्या महत्व है आदि.

नई दिल्ली, Tubelight Talks: 2 दिसंबर को हर साल राष्ट्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल डे (National Pollution Control Day 2022) लोगों को प्रदूषण के विभिन्न प्रभावों को लेकर जागरूक करने के लिए मनाया जाता है. भोपाल में हुई गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को सम्मान देने के लिए हर साल यह दिन मनाया जाता है. इसका मख्य उद्देश्य औद्योगिक आपदा प्रबन्धन और उसके नियंत्रण के लिए जागरूकता फैलाना है. इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और लोगों को बताया जाता है कि आधुनिकीकरण के साथ साथ प्रदूषण पर कंट्रोल कितना जरूरी है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 500,000 से अधिक लोगों की (जो 2259 के आसपास तुरंत मर गये) एमआईसी की जहरीली गैस के रिसाव के कारण मृत्यु हो गयी। बाद में, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ये घोषित किया गया कि गैस त्रासदी से संबंधित लगभग 3,787 लोगों की मृत्यु हुई थी। अगले 72 घंटों में लगभग 8,000-10,000 के आसपास लोगों की मौत हुई, वहीं बाद में गैस त्रासदी से संबंधित बीमारियों के कारण लगभग 25000 लोगों की मौत हो गयी। ये पूरे विश्व में इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक प्रदूषण आपदा के रुप में जाना गया जिसके लिये भविष्य में इस प्रकार की आपदा से दूर रहने के लिए गंभीर निवारक उपायों की आवश्यकता है।

National Pollution Control Day (राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस थीम)

इस दिन के लिए मुख्य थीम वायु प्रदूषण के बारे में लोगों को जागरूक करना है. इसके अलावा औद्योगिक आपदा को नियंत्रित करने के लिए लोगों को शिक्षित करना है. प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में लोगों को जानकारी देना भी थीम का हिस्सा है. इसके अलावा इंसान की लापरवाही से होने वाले औद्योगिक प्रदूषण को रोकना भी इसमें शामिल है.

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भोपाल गैस त्रासदी के कारक

  • कई छोटे ड्रमों में भंडारण के स्थान पर बड़े टैंक में एमआईसी भंडारण।
  • कम लोगों की जगह में अधिक खतरनाक रसायनों (एमआईसी) का प्रयोग।
  • संयंत्र द्वारा 1980 के दशक में उत्पादन के रोके जाने के बाद गैस का खराब संरक्षण।
  • पाइपलाइनों में खराब सामग्री की उपस्थिति।
  • विभिन्न सुरक्षा प्रणालियों के द्वारा सही से काम न करना।
  • ऑपरेशन के लिए संयंत्रों के स्थान पर हाथ से काम करने पर निर्भरता, विशेषज्ञ ऑपरेटरों की कमी के साथ ही आपदा प्रबंधन की योजना की कमी है।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2022 विशेष

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत के सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक भोपाल गैस त्रासदी वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात को हुई थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक आपदा के प्रबंधन और नियंत्रण के लिए जागरुकता फैलाना तथा प्रदूषण रोकने के लिए प्रयास करना है। हर वर्ष के तरह इस वर्ष भी इस त्रासदी में जान गवाने वाले लोगों के लिए विशेष श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी। इसके साथ ही इस दिन गैर सरकारी संगठनो, सिविल सोसायटी और नागरिकों द्वारा प्रदूषण को रोकने के लिए संगोष्ठी, भाषण कार्यक्रम जैसे कई सारे कार्यक्रम आयोजित किये गए।

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नियंत्रण के क्या उपाय हैं?

  • शहरी अपशिष्ट जल उपचार और पुन: उपयोग परियोजना
  • ठोस अपशिष्ट और उसके प्रबंधन का वैज्ञानिक उपचार
  • अपशिष्ट के उत्पादन को कम करना
  • सीवेज उपचार सुविधा
  • कचरे का पुन: उपयोग और अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन।
  • जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा
  • इलेक्ट्रॉनिक कचरे की उपचार सुविधा
  • जल आपूर्ति परियोजना
  • संसाधन रिकवरी परियोजना
  • ऊर्जा की बचत परियोजना
  • शहरी क्षेत्रों में खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन
  • स्वच्छ विकास तंत्र पर परियोजनाएं।

राष्ट्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल डे (National Pollution Control Day) का उद्देश्य

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण रोकने के लिए प्रयास करना है. प्रदूषण देश और दुनिया के लिए बड़ी समस्या बन गया है. अगर समय रहते इस पर कंट्रोल नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ी को साफ हवा भी मयत्सर नहीं होगी. हम जितनी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं उसी रफ्तार से प्रदूषण में भी इज़ाफा कर रहे हैं. बढ़ते औद्योगिकीकरण की वजह से कारखानों और मिलों से निकलने वाली हानिकारक गैसें हमारे सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करके हमें बीमारियों का शिकार बना रही हैं.

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का महत्व

वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को जानने के लिए यह दिन काफी अहम है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार हर साल 7 मिलियन लोग वायु प्रदूषण के कारण जान गंवाते हैं. हालत इतनी खराब है कि वैश्विक स्तर पर हर 10 में से 9 लोगों तक शुद्ध हवा नहीं पहुंच पाती है. हवा में मौजूद प्रदूषक कण शरीर की सुरक्षा के लिए मौजूद बाधाओं को पार कर दिल, दिमाग और फेफड़ों पर असर डालते हैं. भोपाल गैस त्रासदी विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी थी, उस तरह घटना दोबारा न दोहराई जाए, उसके लिए राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से प्रयास किये जा रहे हैं.

National Pollution Control Day 2022 Quotes, Slogans and Messages

सभी सह रहे है प्रदूषण की मार,
हर घर में कोई न कोई है बीमार.

ऐसी चीजों को अपनी जिंदगी से हटा दें,
जो किसी भी तरह के प्रदूषण को बढ़ा दे.

जीवन देती है – जल और वायु,
इनके प्रदूषण से कम होती है आयु.

हम सब की है ये जिम्मेदारी, प्रदुषण से मुक्त हो दुनिया हमारी

शर्म करो-शर्म करो करोड़ो रुपये पटाखों पर बर्बाद मत करो-मत करो

नहीं मिलेंगा जीवन दोबारा, प्रदुषण मुक्त हो पर्यावरण हमारा

हमेशा कूड़े में डाले कचरा, नहीं होगा बीमारी का खतरा।

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