Onam Festival 2020 [Hindi]: क्यों मनाया जाता है ओणम क्या है इसकी कहानी?

Onam Festival 2020 Hindi: ओणम केरल का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण उत्सव हैं, ओणम की शुरूआत राजा महाबली के स्वर्ण काल के दौरान हुई थी, इसमें फूलों की रंगोली को दीये की रौशनी के साथ सजाए जाने की परंपरा भी है। कहा जाता है कि राजा महाबली के स्वागत के लिए घर के दरवाजों पर पोक्कलम बनाए जाते हैं.

Onam Festival 2020 Hindi Essay, Story, Image, Celebration
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Onam Festival Hindi Essay

कृषि और किसान से इस त्यौहार का गहरा संबंध माना गया है, इसके साथ ही इस त्यौहार पर महिलाएं पारंपरिक सफेद साड़ी पहनती हैं, ओणम के मौके महिलाएं फूल की पंखुड़ियों से खूबसूरत पोक्कलम यानी फूलों की रंगोली बनाती हैं।

Onam Festival Hindi Essay: भारत एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विभिन्नता वाला देश है, यहां पर अलग-अलग संप्रदाय और अलग-अलग धर्म संस्कृति के लोग रहते हैं, प्रत्येक राज्य का अपना एक राज्य पर्व होता है, केरल में ओणम का पर्व 10 दिनों तक बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

इस साल कब मनाया जा रहा है ओणम का पर्व?

Onam Rangoli Image Photo

Onam Festival 2020: मलयाली पंचांग के अनुसार कोलावर्षम के प्रथम माह छिंगम जो कि अंग्रेजी पंचांग के अनुसार अगस्त से सितंबर माह के बीच आता है, इस साल ओणम का यह त्यौहार 21 अगस्त से शुरू होकर 2 सितंबर तक मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार उत्तर भारत में जब सूर्य सिंह राशि व श्रवण नक्षत्र में होता है तब यह खास पर्व मनाया जाता है। प्राचीन परंपरा के अनुसार यह हस्त नक्षत्र से शुरू होकर श्रवण नक्षत्र तक मनाया जाता है। ओणम के प्रथम दिवस को अथम और उत्सव के समापन यानि अंतिम दिवस को थिरुओनम या तिरुओणम कहा जाता है।

Onam Festival 2020-ओणम त्योहार का कृषि के साथ गहरा संबंध

फसलों की सुरक्षा और अपनी मनोकामनाओं के लिये लोग ओणम के दिन श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं। मुख्यतः दक्षिण भारत में जब चाय, अदरक, इलायची, और धान की फसल अख्तर तैयार हो जाती है उस समय उन क्षेत्रों में यह त्योहार मनाया जाता है।

How is Onam Celebrated-कैसे मनाया जाता है ओणम

  • ओणम के पर्व की तैयारियां 10 दिन पहले ही शुरू हो जाती है। त्योहार के पहले आठ दिनों तक तो फूलों की सजावट का कार्यक्रम चलता है, और नौवें दिन हर घर में भगवान विष्णु की मूर्ति बनाकर पूजा की जाती है और दसवें दिन इस प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है।
  • मान्यता है कि थिरुवोणम के दिन राजा बलि अपनी प्रजा से मिलने के लिए आएंगे, इस उत्‍सव के दौरान फूलों से रंगोली बनाई जाती है, रंगोली बनाने में ज्यादातर मुक्कती, कक्का पोवु और चेथी आदि फूलों का उपयोग किया जाता है।
  • कहते है कि ‘थुम्बा पू’ भगवान शिव का पसंदीदा फूल है, और राजा महाबली को शिवजी का भक्त माना जाता हैं। इसके अलावा इस अवसर पर गीत-संगीत और खेलकूद का कार्यक्रम भी किया जाता है।
  • ओणम के दिन सभी महिलाएं अपने पारंपरिक अंदाज में सजती-संवरती हैं।

Onam Festival 2020-Onam Hindi Story

कहा जाता है कि एक समय महाबली नाम का असुर राजा था। वह अपनी प्रजा के लिये किसी देवी – देवता से कम नहीं था, अन्य असुरों की तरह वह तप के बल से कई दिव्य शक्तियाँ प्राप्त कर देवताओं के लिये मुसीबत बन गया। और एक खास विशेषता है कि जिसके पास धन और आध्यात्मिक शक्ति है उसके पास अहंकार भी कम नहीं होता, देवताओं में किसी के भी पास महाबली को परास्त करने का सामर्थ्य नहीं था.

happy onam festival hindi story
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राजा महाबली ने स्वर्ग के राजा इंद्र को हराकर स्वर्गलोक पर अपना अधिकार जमा लिया था, पराजित इंद्र देव की स्थिति देखकर देव माता अदिति ने अपने पुत्र के उद्धार के लिए विष्णु की आराधना की, आराधना से प्रसन्न होकर विष्णु जी प्रकट हुए और बोले कि – हे देवी आप चिंता मत करो मैं आपके पुत्र के रूप में जन्म लेकर इंद्र को उसका खोया हुआ राजपाट पुनः प्राप्त करवाऊंगा। कुछ समय बाद माता के गर्भ से वामन के रूप में विष्णु जी ने अवतार लिया और उनके ब्रह्मचारी रूप को देखकर सभी देव और ऋषि-मुनी प्रशन्न हो उठे।

Credit: Sab-Kuch Knowledge

जब राजा महाबली स्वर्ग पर अधिकार स्थापित करने के लिए अश्वमेध यज्ञ करा रहे थे। जब विष्णु जी वामन रूप बनाकर वहां पहुंचे, उनके तेज प्रकाश से यज्ञशाला जगमग हो गई, तब महाबली ने उन्हें एक उत्तम आसन पर बिठाकर उनका सत्कार किया और अंत में उनसे भेंट मांगने के लिए कहा तब वामन रूप में प्रकट भगवान विष्णु ने महाबली से तीन कदम रखने के लिये जगह मांगी, जिसे महाबली ने सहर्ष स्वीकार कर लिया वामन ने अपने एक कदम में भू लोक और दूसरे कदम में आकाश को नाप दिया.

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अब महाबली का वचन पूरा कैसे हो? तब उन्होंने वचन को पूरा करने के लिये वामन के समक्ष अपना सिर झुका दिया वामन के कदम रखते ही महाबली पाताल लोक चले गये, जब प्रजा तक यह सूचना पंहुची तो हाहाकार मच गया, प्रजा का उनके प्रति अगाध स्नेह देखकर भगवान विष्णु ने महाबली को वरदान दिया कि वे वर्ष में एक बार तीन दिनों तक अपनी प्रजा से मिलने आया करेंगे। तब से लेकर आज तक ओणम के अवसर पर महाबली केरल के हर घर में प्रजा का हाल-चाल लेने आते हैं और उनके कष्टों का निवारण करते हैं।

Onam Festival 2020 Quotes in Hindi

“ओणम के दिन परमात्मा की भक्ति करें, अपने जीवन में नई रोशनी लाए

Onam Festival 2020 Quotes [Hindi]

इस ओणम पूर्ण परमात्मा कबीर जी की भक्ति से अपने जीवन को खुशहाल बनाए

शास्त्रविधि को त्यागकर मनमाना आचरण व्यर्थ

  • पवित्र गीता जी के अध्याय 16 के श्लोक 23 और 24 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन जो शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं, उनको न तो कोई लाभ प्राप्त होता, ना ही उनको किसी प्रकार का शारीरिक सुख और ना ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती।

कौन है इस दुनिया में तत्वदर्शी संत

दुनिया के सभी देशों में भारत एक ऐसा देश है जहां अलग अलग धर्म और संस्कृति को माना जाता है, और यही कारण है कि भारत में हजारों लाखों व्यक्ति गुरु पद पर विराजमान है। लेकिन हमें यह जानना बेहद जरूरी होगा कि उन हजारों लाखों की भीड़ में आखिर वह सच्चा आध्यात्मिक गुरु कौन है, पवित्र गीता अध्याय 15 के श्लोक 1 से 4 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि जो संत इस उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष के मूल से लेकर पत्तों तक ठीक ठीक बता देगा वह तत्वदर्शी संत है.

आज वह तत्वदर्शी संत केवल रामपाल जी महाराज है, जिन्होंने गीता अध्याय 17 के श्लोक 23 में लिखे ओम तत् सत मंत्र का सही भेद समझाया हैं, वह वास्तव में सच्चा अध्यात्मिक गुरु है। वर्तमान समय में पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत, पूर्ण गुरु केवल संत रामपाल जी महाराज है जो वेद और शास्त्रों के अनुसार यथार्थ भक्ति मार्ग बता रहे हैं।

कैसा है पूर्ण परमात्मा का स्वरूप

  • पवित्र यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 1 ,6 और 8, में तथा ऋग्वेद मंडल 1 सुक्त 31 मंत्र 17 तथा सुक्त 86 मंत्र 26, 27 में प्रमाण है कि परमात्मा साकार है।

कौन है पूर्ण परमात्मा

  • ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 86 मंत्र 17, 18 ,19 और 20 में प्रमाण है कि वह एक परमात्मा सबका मालिक एक कबीर साहेब जी है।
  • पवित्र सामवेद संख्या 359 अध्याय 4 खंड 25 श्लोक 8 में प्रमाण है कि जो (कविर्देव) कबीर साहिब तत्वज्ञान लेकर संसार में आता है, वह सर्वशक्तिमान सर्व सुखदाता और सर्व के पूजा करने योग्य है।

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