क्या है प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चुक का पूरा मामला?

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PM Modi Security Breach क्या है प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चुक का पूरा मामला

pm modi security breach: नमस्कार दर्शकों! खबरों की खबर का सच स्पेशल कार्यक्रम में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज के कार्यक्रम में हम चर्चा करेंगे की देश की स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स प्रधानमंत्री की सुरक्षा को कैसे मुस्तैदी से सुनिश्चित करती है, और साथ ही जानेंगे कि आखिर इतनी सशक्त प्रोटेक्शन के बाद भी क्यों हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में भारी चुक?

भारत देश के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के बाद देश के प्रधानमंत्री का औदा सबसे अधिक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली होता है। किसी भी देश के लिए अपने प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों की सुरक्षा को सशक्त करना एक महत्वपूर्ण काम है। सरकार की कई सुरक्षा एजेंसियां दिन के 24 घंटे और साल के 365 दिन अपने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, नेताओं, जजों और आला अधिकारियों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। देश की सुरक्षा में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग, इंटेलिजेंस ब्यूरो, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी, नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी आदि जैसी एजेंसियों की एक अहम भूमिका होती है।

PM Modi Security Breach क्या है प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चुक का पूरा मामला

इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारियों की एक कमेटी होती है। इसमें होम सेक्रेटरी और होम मिनिस्टर शामिल होते हैं। यही कमेटी तय करती है कि किसको कौन-सी सिक्योरिटी देना है। खतरे के लेवल के हिसाब से सिक्योरिटी का लेवल तय किया जाता है। Z+ हाईएस्ट सिक्योरिटी लेवल होता है। यह प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालती है।

VVIPs, VIPs, पॉलिटिशियंस और हाईप्रोफाइल सेलिब्रिटीस को कुछ चुनिंदा एजेंसीज़ सुरक्षा प्रदान करती हैं। इनमें SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप), NSG (नेशनल सिक्योरिटी ग्रेड) और CRPF (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) शामिल हैं। प्रेसीडेंट, वॉइस प्रेसीडेंट, प्राइम मिनिस्टर, सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट के जज, गवर्नर, चीफ मिनिस्टर और केबिनेट मिनिस्टर्स ऑटोमेटिक सिक्योरिटी कवर में आ जाते हैं।

PM Modi Security Breach: देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का कार्य SPG करती है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जहां से भी गुजरते हैं वहां ज़मीन से लेकर आसमान तक चप्पे-चप्पे पर नज़र रखी जाती है|
प्रधानमंत्री के हर तरफ एसपीजी विशेष सुरक्षा दल यानी SPG के जवान तैनात रहते हैं| उनकी चौबीस घंटे की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG पर होती है। उनकी सुरक्षा में विभिन्न घेरों के तहत एक हजार से ज्यादा कमांडो तैनात रहते हैं| यानी भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था दुनिया के किसी भी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष की सुरक्षा व्यवस्था की तरह चाक-चौबंद होती है|

आगे आपको बताते हैं कि कैसे काम करती है प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात SPG Force ( source: Dainik Bhaskar)

  • प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां हर एक स्टेप पर अचूक शूटर्स तैनात होते हैं। पीएम को खतरा पहुंचा सकने वाले लोगों को यह शूटर्स कुछ ही सेकंड्स में मारने की ताकत रखते हैं।
  • एसपीजी में करीब 3 हज़ार जवान हैं। इनकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री, एक्स-पीएम और उनके परिवार को सिक्योरिटी प्रोवाइड करने की है। इन जवानों को अमेरिका की सीक्रेट सर्विस की गाइडलाइन के आधार पर तैयार किया जाता है।
  • यह FNF-2000 असॉल्ट राइफल, ऑटोमैटिक गन, 17M रिवोल्वर्स जैसे मॉर्डन इक्विपमेंट से लैस होते हैं।
  • एसपीजी कमांडोज बेल्जियम से इम्पोर्ट की गई 3.5kg की राइफल से लैस होते हैं। यह 1 मिनट में 850 राउंड फायर करने में कैपेबल होते हैं। इनकी रेंज 500 मीटर तक होती है।
  • सेकंड कमांडोज के पास सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल होती हैं। ये बुलेटप्रूफ जैकेट पहने रहते हैं, जिसका वजन 2.2Kg होता है। घुटनों और कुहनी पर पेड पहने रहते हैं। आंखों पर काला चश्मा लगाए रखते हैं।
  • यह चश्में ऐसे बने होते हैं कि अटैक होने पर भी जवानों को देखने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होती। एकदम से फायरिंग होने पर एसपीजी कमांडोज पीएम के सामने खड़े होकर अटैक करने वाले को खत्म करने की ताकत रखते हैं।
  • एसपीजी सोल्जर हमेशा एल्बो गार्ड और एक खास तरह के शूज़ पहने रहते हैं। यह शूज़ ऐसे होते हैं जो कभी स्लिप नहीं करते। स्पेशल ग्लव्ज़ भी सोल्जर के पास होते हैं। इसको पहनने से हथियार हाथों से स्लिप नहीं होते और चोट से भी बचाए रखते हैं।
  • ट्रेनिंग के दौरान इन जवानों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी दी जाती है। ऐसे में हथियार न होने पर भी यह अटैक करने वाले को रोक सकते हैं और अपने काबू में कर सकते हैं।

PM Modi Security Breach: अब बात करते हैं प्रधानमंत्री के काफिले में क्या क्या शामिल होता है?

प्रधानमंत्री के काफिले में दो बख्तरबंद बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज सेडान, छह बीएमडब्ल्यू एक्स 5 और एक मर्सिडीज बेंज एम्बुलेंस सहित एक दर्जन से अधिक वाहन शामिल होते हैं। इसके अलावा एक टाटा सफारी जैमर भी काफिले के साथ चलता है| पीएम के काफिले में सबसे आगे और सबसे पीछे दिल्ली पुलिस सिक्योरिटी स्टाफ की गाड़ी होती है। इसके बाद एसपीजी की गाड़ी और उनके पीछे दो गाड़ियां और होती हैं, इसके बाद लेफ्ट और राइट साइड में भी दो गाड़ियां होती हैं और बीच में रहती है प्रधानमंत्री की गाड़ी जो कि बुलेटप्रूफ होती है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में एक नई कार और जुड़ी है यह कार है Mercedes-Maybach (मेबैश) S 650 Guard। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज हाई-सिक्योरिटी एडिशन, लैंड रोवर रेंज रोवर वोग और टोयोटा लैंड क्रूज़र जैसी कारें भी शामिल हैं।

हमलावर को भ्रमित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के काफिले में प्रधानमंत्री की कार के समान दो डमी कारें भी चलती हैं| जैमर से लैस गाड़ी के ऊपर बहुत-से एंटीना लगे रहते हैं| ये एंटीना सड़क के दोनों तरफ लगभग 100 मीटर की दूरी पर रखे विस्फोटकों को डिफ्यूज़ कर सकते हैं। इन सभी गाड़ियों में एनएसजी के अचूक निशानेबाज कमांडो होते हैं। यानी प्रधानमंत्री के साथ करीब 100 लोगों की टीम उनकी सुरक्षा के लिए चल रही होती है। जब पीएम पैदल चलते हैं, तो भी उनके आस-पास और आगे-पीछे वर्दी और सादे कपड़ों में एनएसजी के कमांडो चलते हैं।

PM Modi Security Breach: ऐसा बताया जाता है कि अगर पीएम की कार पर अचानक किसी ने हमला किया तो उसे मौत के आलावा कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि इस कार पर अगर कोई आधुनिक हथियार जैसे एके- 47 और बम से हमला करता है तो कार के अंदर बैठें शख्स पर इसका कोई असर नही होगा। यहां तक कि पीएम के BMW की 7 सीरिज़ की कार पर किसी ग्रेनेड का भी असर नहीं होता है। यदि कोई पास में आकर खिड़की के पास से 44 कैलिबर की हैंडगन से हमला करे तो भी कांच पर कोई असर नहीं होगा क्योंकि यह पूरी तरह से बुलेटप्रूफ होता है। यही नहीं अगर किसी कारणवश आपात स्थिति में कार के टायर पंचर हो जाते हैं या फट जाते हैं तब भी इस कार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से 320 किलोमीटर तक भगाया जा सकता हैं।

PM Modi Security Breach: क्या होता है VIP रूट का प्रोटोकॉल?

●हमेशा कम से कम दो रूट तय होते हैं,
किसी को रूट की पहले जानकारी नहीं होती।
●अंतिम समय में SPG रूट तय करती है।●किसी भी समय SPG रूट बदल सकती है।
●SPG और स्टेट पुलिस में कॉर्डिनेशन रहता है।
●स्टेट पुलिस से रूट क्लियरेंस मांगी जाती है।
●पूरा रूट पहले से क्लियर किया जाता है।

क्या वाकई में हुई है पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक?

पूरा देश जानता है कि बुधवार 5 जनवरी 2022) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में चूक के चलते फिरोजपुर रैली रद्द करनी पड़ी थी। उनके काफिले को एक फ़्लाइओवर पर लगभग 20 मिनट तक रुकना पड़ा था। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से तत्काल रिपोर्ट मांगी और सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। प्रधानमंत्री फिरोज़पुर में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के लिए पंजाब पहुंचे थे। गृह मंत्रालय ने इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में गंभीर खामी बताया। प्रधानमंत्री मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान गंभीर सुरक्षा खामी के बाद उनके काफिले ने बठिंडा हवाई अड्डे पर लौटने का फैसला किया।

PM Modi Security Breach: क्या है सुरक्षा में चुक का पूरा मामला?

गृह मंत्रालय के अनुसार 5 जनवरी की.सुबह पीएम बठिंडा पहुंचे जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। बारिश और खराब दृश्यता के कारण पीएम ने लगभग 20 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया। जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो यह तय किया गया कि वह सड़क मार्ग से राष्ट्रीय मेरीटर्स मेमोरियल का दौरा करेंगे, जिसमें 2 घंटे से अधिक समय लगेगा। डीजीपी पंजाब पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि के बाद वह सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए आगे बढ़े। हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर, जब पीएम का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो पाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। पीएम 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे।

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ये पीएम की सुरक्षा में एक बड़ी चूक थी। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और यात्रा की योजना के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था। प्रक्रिया के अनुसार, उन्हें रसद, सुरक्षा के साथ-साथ एक आकस्मिक योजना तैयार रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी थी। इस सुरक्षा चूक के बाद, बठिंडा हवाई अड्डे पर वापस जाने का निर्णय लिया गया।

*गृह मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा में चूक के कारण पीएम मोदी की रैली हुई थी रद्द

इस चुक पर गृह मंत्रालय ने कहा कि “पंजाब सरकार को पहले ही पीएम का कार्यक्रम बता दिया गया था। पंजाब सरकार को प्लान बी तैयार रखना चाहिए था। सड़क मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात नहीं की गई। राज्य सरकार को भी इस चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि पंजाब पुलिस और SPG में तालमेल की कमी थी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुझे पीएम मोदी के रूट के बारे में पता नहीं था। DGP और SPG के बीच बात हुई थी। पंजाब सरकार को लूप में नहीं रखा गया। किसानों का पहले से प्रदर्शन का प्लान नहीं था।

यह मामला अंत में सुप्रीम कोर्ट के पास जा पहुंचा है जिसमे पंजाब में हुई पीएम मोदी की सुरक्षा चूक की जांच अब सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी द्वारा करने का निर्णय लिया गया है। इस कमेटी में कुल 5 सदस्य हैं जो मामले की जड़ तक पहुंचने का प्रयत्न कर रहे हैं।

क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में SPG ग्रुप पर हर दिन खर्च होते है 1.17 करोड़ रुपए

पिछले कुछ वर्षों में SPG का बजट लगातार बढ़ा है। साल 2014-15 में जब मोदी सरकार आई थी, तब एसपीजी का बजट 289 (दो सौ नवासी) करोड़ रुपये था। जिसके बाद साल 2015-16 में ये बढ़कर 330 करोड़ रुपये हो गया। जबकि यही बजट साल 2021-22 में 429.05 करोड़ रुपये हो गया। यानी, उनकी सुरक्षा में हर दिन 1.17 करोड़, हर घंटे 4.90 लाख और हर मिनट 8,160 रुपये खर्च होते हैं।

PM Modi Security Breach: जिस देश में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के इतने मंहगे और पुख्ता इंतजाम होते हों वहां सुरक्षा में चुक होना अशोभनीय लगता है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बठिंडा एयरपोर्ट पर पंजाब सरकार के अधिकारियों से कहा, ‘अपने सीएम को थैंक्स कहना कि मैं एयरपोर्ट तक जिंदा लौट पाया।’ प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, डीजीपी और मुख्य सचिव को पहले से ही जानकारी दे दी जाती है। साथ ही SSG द्वारा सिक्योरिटी प्लान तैयार करके SSP और DM को बता दिया जाता है। जिससे इमरजेंसी की स्थिति में एक वैकल्पिक रास्ता तैयार रहें।

पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चुक पर क्या कहा सुनिए-

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लगातार यह कहते आए हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से केंद्रीय एजेंसियों की थी और पंजाब पुलिस की इसमें कोई गलती नहीं है। फिरोजपुर में बिना रैली किए प्रधानमंत्री के वापस लौट जाने पर चन्नी ने दुख भी जताया था। उन्होंने यह भी बताया था कि प्रोटोकॉल के तहत वे प्रधानमंत्री को रिसीव करने नहीं जा सके, क्योंकि वो कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए थे। ऐसे में प्रधानमंत्री का स्वागत करने की जिम्मेदारी पंजाब के गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को सौंपी गई थी।

चन्नी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विजिट के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। मैं प्रदर्शन कर रहे किसी किसान और पंजाबी पर कार्रवाई नहीं करूंगा। कोई प्रदर्शनकारी उनके पास तक नहीं गया। चन्नी ने कहा कि पीएम की रैली में 70000 कुर्सियां लगाई थीं, लेकिन वहां सिर्फ 700 लोग पहुंचे थे इसलिए रैली में मोदी नहीं गए । यूपी में चुनाव जीतने के लिए पंजाब को बदनाम कर जरिया बनाया जा रहा है।

अपनी सुरक्षा में चुक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने की राष्ट्रपति कोविंद जी से मुलाकात

इस वाकये के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात की जिसकी जानकारी राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से दी गई थी। इस मुलाकात में पीएम ने राष्ट्रपति को पंजाब में हुई घटना की पूरी जानकारी दी जिसके बाद राष्ट्रपति ने भी पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई गंभीर चूक पर चिंता जाहिर की। इस पर गीतकार जावेद अख्तर ने पूछा कि ‘हमारे प्रधानमंत्री अपनी जान के काल्पनिक खतरे के सिलसिले में राष्ट्रपति से मिले हैं। जबकि वे एलएमजी के साथ बॉडी गार्ड्स से घिरे बुलेट प्रूफ वाहन में थे। उस वक्त एक शब्द भी नहीं कहा जब 200 मिलियन भारतीयों के नरसंहार की खुले तौर पर धमकी दी गई थी क्यों मिस्टर मोदी?

आइए जानते हैं कि विशेष व्यक्तियों और आमजन सभी की रक्षा करने में कौन पूर्ण रूप से समर्थ है? दोस्तों! जिस समय प्राणी के सामने मौत खड़ी होती है उस समय आत्मा को केवल परमात्मा की ही याद आती है।

एक विशेष व्यक्ति के शरीर की रक्षा में करोड़ों रूपए खर्च किए जाते हैं फिर भी यदि वह अपनी जान को लेकर सदा चिंतित रहता है तो इसका कारण सिर्फ एक है कि वह परमात्मा और उसकी कृपा से कोसों दूर है। यह शरीर और सांसे परमात्मा का मनुष्य को दिया अनमोल उपहार है। इसका सदुपयोग परमात्मा को पहचान कर उसकी भक्ति करके सार्थक किया जा सकता है। एक परमात्मा की भक्ति करने वाले की परमात्मा जल ,थल, पृथ्वी, वायु, आकाश में सब जगह पल पल रक्षा करते हैं। परमात्मा एक बचाने वाला होता है और काल असंख्य कारण बनाकर मनुष्य की सांसे उखेड़ देता है। जब तक व्यक्ति अपने धन,संपत्ति, संतान, रूतबे और पद को ही अपनी ताकत मानता है, तब तक वह परमात्मा से दूर रहता है।

परमात्मा कहते हैं,

नाम सुमरले सुकर्म करले, कौन जाने कल की।।
खबर नहीं पल की
कोड़ि-2 माया जोड़ी बात करे छल की,
पाप पुण्य की बांधी पोटरिया, कैसे होवे हल्की।।1।।
मात-पिता परिवार भाई बन्धु, त्राीरिया मतलब की,
चलती बरियाँ कोई ना साथी, या माटी जंगल की।।2।।
तारों बीच चंद्रमा ज्यों झलकै, तेरी महिमा झला झल्की,
बनै कुकरा, विष्टा खावै, अब बात करै बल की।।3।।
ये संसार रैन का सपना, ओस बूंद जल की,
सतनाम बिना सबै साधना गारा दलदल की।।4।।
अन्त समय जब चलै अकेला, आँसू नैन ढलकी,
कह कबीर गह शरण मेरी हो रक्षा जल थल की।।5।।

भावार्थ:- परमात्मा कबीर जी ने बताया है कि हे भोले मानव (स्त्राी/पुरूष)! परमात्मा का नाम जाप कर तथा शुभ कर्म कर। पता नहीं कल यानि भविष्य में क्या दुर्घटना हो जाएगी। एक पल का भी ज्ञान नहीं है। धन का संग्रह छल-कपट किए बिना होगा ही नहीं यदि जिसमें से कुछ धर्म पर भी खर्च कर देता है। इस प्रकार पाप तथा पुण्य की दो गठरी बाँध ली। ये कैसे हल्की होंगी। पाप नरक में पुण्य स्वर्ग में। मृत्यु के उपरांत यह शरीर मिट्टी हो जाता है। उस समय तेरा कोई परिवार और समाज का सदस्य साथी नहीं होगा।

सर्व श्रृष्टि रचनहार और सभी आत्माओं के जनक पूर्ण परमात्मा बंदी छोड़ कबीर साहेब जी वास्तव में सभी आत्माओं के रक्षक हैं। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ही वास्तव में वो संकट मोचन भगवान है जो अपने भक्त की हर स्थिति में सहायता करते हैं।वर्तमान समय में पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी स्वयं जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में अवतरित हुए हैं। जो भक्त संत रामपाल जी महाराज की शरण में आकर मर्यादा में रहकर सत्य भक्ति करता है उसकी रक्षा स्वयं परमेश्वर कबीर साहेब जी करते हैं। परमेश्वर कबीर साहेब जी की ओट इस विश्व की सबसे बड़ी प्रोटेक्शन है। इस विडियो को देखने वाले विश्व के सभी भाइयों-बहनों से प्रार्थना है की शीघ्र ही संत रामपाल जी महाराज जी की शरण ग्रहण करें और अपने जीवन में आने वाली सभी मुश्किलों से अपना बचाव करवाएं।

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