अवतरण दिवस पर जानिए कौन है संत रामपाल जी महाराज? क्या है उनका उदेश्य?

नमस्कार दर्शकों! खबरों की खबर का सच स्पेशल कार्यक्रम में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज हम एक ऐसे महान, परोपकारी संत के बारे में चर्चा करेंगे जो अपने समाज सुधार के कार्यों और सत्य आध्यात्मिक ज्ञान देने के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। बहुत से लोग उन्हें 2014 में हुए बरवाला कांड और 2006 में हुए करोंथा कांड के कारण जानतेे हैं। जी हां, हम बात कर रहे है जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी की।

आखिर संत रामपाल जी को जेल क्यों जाना पड़ा

अधिकतर लोग संत रामपाल जी को मीडिया द्वारा स्वयंभू संत घोषित करने के कारण तथा कोर्ट की अवमानना करने वाला समझते हैं परंतु यह सत्य नहीं है 2014 में न्यूज़ चैनल वालों ने जो दिखाया और प्रिंट मीडिया वालों ने छापा वह बिलकुल झूठ है। पूरा सच जानने के लिए कार्यक्रम को अंत तक देखें।

सबसे पहले संत रामपाल जी का जीवन परिचय जानते हैं-

दोस्तों! संत रामपाल जी महाराज सतलोक आश्रम, बरवाला, जिला हिसार, हरियाणा के संचालक हैं जो पवित्र शास्त्रों के अनुसार कबीर भगवान का सच्चा आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। उनका जन्म 8 सितंबर 1951 को भारत के हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले के गुहाना तहसील के धनाना नामक एक छोटे से गाँव में एक किसान परिवार में हुआ है। उनके पिता का नाम भगत नंदराम और उनकी माता का नाम भगतमती इंद्रो देवी है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद हरियाणा प्रांत के सिंचाई विभाग में वे जूनियर इंजीनियर की पोस्ट पर नौकरी में लगे। संत रामपाल जी बचपन से ही ईश्वर प्रेमी थे।

वे श्री कृष्ण जी को अपने इष्ट के रूप में मानकर उनकी पूजा किया करते थे। कृष्ण जी के अलावा भी बाबा श्याम जी, शिव जी, माता दुर्गा और हनुमान जी की भी वे अनन्य मन से भक्ति करते थे। हनुमान जी में एक विशेष आस्था होने के कारण वे राजस्थान के एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए हर साल जाया करते थे।

परमात्मा में विशेष रूचि थी

17 फरवरी 1988 को उन्होंने कबीर पंथी स्वामी रामदेवानंद जी को अपना पहला और अंतिम गुरु धारण किया। संत रामपाल जी को नाम दीक्षा 17 फरवरी 1988 को फाल्गुन महीने की अमावस्या को रात्री में प्राप्त हुई। संत रामपाल जी महाराज अपना वास्तविक जन्मदिन भी इसी को कहते हैं, जिसे वे अपना आध्यात्मिक जन्म भी कहते है। उस समय संत रामपाल जी महाराज की आयु 37 वर्ष थी। संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायी इस दिन को बोध दिवस के रूप में मन्नाते है।

मीडिया के द्वारा फैलाई झूठी खबरों के कारण आम जनता उन्हें स्वयंभू संत मानती है परंतु ऐसा नहीं है

सन् 1993 में स्वामी रामदेवानंद जी महाराज ने संत रामपाल जी कोे सत्संग करने की आज्ञा दी तथा सन् 1994 में नामदान करने की आज्ञा प्रदान की। स्वामी रामदेवानंद जी ने वर्ष 1994 में उन्हें अपना उत्तराधिकारी यह कहते हुए चुना था कि “इस पूरी दुनिया में आपके जैसा कोई दूसरा संत नहीं होगा”।

यह सारा विवरण प्रसिद्ध फ्रेंच भविष्यवक्ता श्री नास्त्रोदमस जी की उस भविष्यवाणी से पूर्ण मेल खाता है जो पृष्ठ संख्या 44.45 पर लिखी है। ”जिस समय उस तत्वदृष्टा शायरन का आध्यात्मिक जन्म होगा उस दिन अंधेरी अमावस्या होगी। उस समय उस विश्व नेता की आयु 16, 20, 25 वर्ष नहीं होगी, वह तरुण नहीं होगा, बल्कि वह प्रौढ़ होगा और वह 50 और 60 वर्ष के बीच की उम्र में संसार में प्रसिद्ध होगा। वह सन् 2006 होगा।“

जेई के पद से स्वयं इस्तीफा दिया जिसका प्रमाण है

सन् 1994 से 1998 तक संत रामपाल जी महाराज ने घर-घर, गांव-गांव, नगर-नगर में जाकर सत्संग किया। 1994 से आज सन 2021 तक 27 सालों में उनके बहु संख्या में अनुयाई हो चुके है। साथ-साथ ज्ञानहीन संतों का विरोध भी बढ़ता गया। भक्ति मार्ग में लीन होने के कारण संत रामपाल जी महराज जी ने अपनी जे.ई. की पोस्ट से सन्न 1995 में त्यागपत्र दे दिया जो हरियाणा सरकार द्वारा 16.5.2000 को पत्र क्रमांक 3492-3500, तिथि 16.5.2000 के तहत स्वीकृत है।

आखिर संत रामपाल जी को जेल क्यों जाना पड़ा?

SA News की टीम ने इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए एक स्पेशल पड़ताल की। एक तरफ तो बिकाऊ मीडिया द्वारा फैलाई और दिखाई झूठी खबरें थीं और दूसरी तरफ संत रामपाल जी के अनुयाइयों के बयान थे। हमने इस बात की जड़ तक पहुंचने के लिए संत जी के आश्रमों से लेकर उनके घर तक की जांच की। आश्रम के आस पास रहने वाले लोगों के साथ और आश्रम में रहने वाले उनके अनुयायियों से भी बात की। अंत में हम इस नतीजे पर पहुंचें की 2014 में हुए बरवाला कांड में संत रामपाल जी और उनके लाखों अनुयाइयों के साथ घोर अन्याय हुआ है।

18 नवंबर, 2014 को हुए बरवाला कांड में बीमार अवस्था में ही संत रामपाल जी ने कानून को सर्वोपरि रखते हुए स्वयं को हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया था जबकि उनके पास कोर्ट से हाजिरी माफी का पत्र और डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे इलाज के सभी सबूत थे। परंतु दबाव के कारण उन्हें जेल भेजा दिया गया। संत रामपाल जी पर लगाए गए अधिकतर केसों से संत रामपाल जी और उनके शिष्य कई केसों में आज बरी हो चुके हैं। सरकार और प्रशासन यह जानता है कि संत रामपाल जी बिल्कुल बेकसूर हैं जिसके बावजूद भी वे आज तक जेल में ही हैं।

आखिर क्यों जेल में बंद होने के बावजूद भी महीने के 30 दिन सोशल मीडिया पर उनके नाम का परचम फहराता रहता है?

दोस्तो! सप्ताह के लगभग हर दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज जी का टैग ट्विटर पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा होता है। संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान इतनी तेज़ी से लोगों के दिलों में अपनी जगह बना रहा है की मानो कोई तूफान उठा हो, जिसे रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। संत रामपाल जी के शिष्य ट्विटर, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाज सुधार के कार्यों से संबंधित टैग्स चलाते हैं। टैग्स के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताए जा रहे शास्त्र आधारित ज्ञान और सत्संगों को देखने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं ताकि संपूर्ण मानव जाति का उद्धार हो सके। यही संत रामपाल जी का उद्देश्य भी है कि कबीर जी के बताए मार्ग पर चलकर हम सभी सतलोक हमारे निज स्थान पहुंचे। उनके टैग्स टॉप ट्रेंड इसलिए करते है क्योंकि लोग उन्हें बेहद पसंद करते है।

उनके टैग्स जैसे #Stop_Killing_Animals, #Stop_Dowry_System, #Stop_Consuming_Intoxicants,

आदि सामाजिक बुराइयों पर एक कड़ा प्रहार करते हैं।

संत रामपाल जी समाज सुधार के अनेकों कार्य कर रहे हैं

रिश्वत, मांसाहार, नशा, चोरी, बलात्कार, मिलावट, अश्लीलता, नाच गाना , दहेज प्रथा के खिलाफ भी संत रामपाल जी के टैग्स खूब ट्रैंड करते हैं क्योंकि सभी लोग इन बुराइयों के खिलाफ एकजुट सोच और आवाज़ करके इन बुराइयों को समाज से सदा के लिए मिटा सकते हैं। सतगुरु रामपाल जी महाराज धर्म के नाम पर चल रहे गोरखधंधे को उजागर कर पाखंडियों का खुलेआम पर्दाफाश करते हैं। धर्मग्रंथों के यथार्थ ज्ञान के आधार पर प्रमाण देकर नकली गुरुओं की पोल खोलकर पाखंडवाद का सफाया करते है। इसके अलावा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को भी सार्वजनिक कर उसे जड़ से उखाड़ फेंकने का कठिन कार्य संत रामपाल जी ने किया है। नशाखोरी, दहेज प्रथा जैसी कई सामाजिक कुरीतियों को बंद कराने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। रक्तदान, अन्नदान और देहदान आदि परमार्थ करने के लिए लाखो लोगों को प्रेरित किया गया। आज संत रामपाल जी के सानिध्य में सैकड़ों जगहों पर निशुल्क रक्तदान शिविर और देहदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, और संत जी के आश्रमों में 24 घंटे निशुल्क भंडारा भी चलता रहता है।

संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि मनमानी परंपराऐं, शास्त्र विरुद्ध साधनाएं, और लोक दिखावा भक्ति मार्ग में बाधक हैं। सामाजिक कुरीतियां जैसे दहेज प्रथा, विवाह में बैंड-बाजे-डीजे बजाना, बेशर्मी से नाचना, लोक दिखावा, फिजूलखर्ची, नारी के प्रति असमानता और उपेक्षा पूर्ण भाव रखना, जादू, टोना, मन्त्र-तंत्र, और मनोकामना पूर्ति के लिए जानवर बलि, जैसे अंधविश्वास करना, शारीरिक और मानसिक विकास को विक्षिप्त करने वाली बाल-विवाह प्रथा, चार वर्णों के भेदभाव की अन्यायवादी वर्णव्यवस्था, मृत्यु भोज, जन्मोंत्सव, पटाखे बजाना और अन्य सारे त्यौहार मनाना सब त्यागने योग्य क्रियाएं हैं। नशा चाहे तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा, गुड़ाखू का हो या गांजा, चरस, अफीम और उनसे निर्मित उत्पाद, मदिरा शराब या फिर नशीली दवाइयों का हो, ये सभी समाज की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

Also Read: Reality of Maharishi Dayanand and His Social Reforms on Swami Dayanand Saraswati Jayanti 2021

संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगो के माध्यम से सभी धर्मो के सद्ग्रंथ जैसे गीता, वेद, पुराण, बाइबल, कुरान शरीफ, गुरु ग्रंथ साहिब आदि में से प्रमाण सहित दिखाते हैं कि एक सर्वोच्च परमात्मा कबीर जी हैं उनके ज्ञान से प्रभावित होकर आज लाखों लोग उनके शिष्य बन चुके है। संत रामपाल जी के शिष्य विशेषकर बीड़ी, तंबाखू, गुटखा, पान, सिगरेट, दारु, हुक्का आदि नशीले पदार्थो का सेवन नहीं करते हैं और साथ ही समाज के लोगों को भी इनका सेवन न करने का संदेश देते हैं।

इन सबके अलावा समाचार पत्रों और टीवी चैनल्स पर अकसर संत रामपाल जी महाराज जी के आशीर्वाद से 17 मिनट में दहेज रहित विवाह जिसे रमैनी विवाह भी कहते है, के संपन्न होने की खबरें चर्चा में रहती हैं।

इनके साथ समाज को बांटने वाले जातिवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, प्रांतवाद आदि कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना आवश्यक है। संत रामपाल जी के द्वारा दी गई शिक्षाओं से उनके भक्त सभी कुरीतियों से पूरी तरह से रहित हैं और लोगों कोे भी इन बुराइयों को छोडऩे के लिए प्रेरित करते हैं। जिसके चलते सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए भी प्रयासरत रहते हैं। और जन जन तक मुफ्त आध्यात्मिक पुस्तकें जैसे ज्ञान गंगा ,जीने की राह, गीता तेरा ज्ञान अमृत और अन्य अनेक पुस्तकें घर घर तक पहुंचाते हैं। यही कारण है की संत रामपाल जी महाराज के जेल में होने के बावजूद लाखों लोग उनसे नामदीक्षा ले रहे हैं क्योंकि उनका सतज्ञान ऐसा है जिसे समझ में आ जाता है फिर वह बुराईयों से कोसों दूर हो जाता है।

संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान अद्वितीय है। सभी चीजों को प्रमाण के साथ दिखाने के कारण लोग उनके ज्ञान को सहजता से स्वीकार कर रहे है। आज समाज में व्याप्त सभी बुराइयां धीरे धीरे समाप्त हो रही है। लोग आध्यात्मिकता की और बढ़ रहे हैं और सतभक्ति कर रहे है। जिसकी शक्ति से उन्हें अद्वितीय लाभ प्राप्त हो रहे है। परमात्मा के आशीर्वाद से दिन प्रति दिन उन्हें आध्यात्मिक लाभ हो रहे है। हजारों लोगों की कैंसर, एड्स, डायबिटीज, टीबी, आदि जैसी अनेकों लाइलाज बीमारियां ठीक हो रही है। लोगों के घर में बरकत, सुख, शांति और शरीर में स्वास्थ्य की प्राप्ति हो रही है। समाज में आपसी भाईचारा और शांति फैेल रही है।

संत रामपालजी महाराज का उद्देश्य है की पृथ्वी स्वर्ग समान हो, और इस घोर कलयुग में पुनः सतयुग जैसा वर्तावरण हो, जिसमे लोगों के बीच आपसी भाईचारा हो और समाज में शांति हो। विश्व दहेज मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, और नशा मुक्त बने। सभी सतभक्ति करें और अपने निज धाम सतलोक को चले जाएं। समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव न रहे और आपसी रागद्वेश समाप्त हो जाए। संत रामपाल जी महाराज कहते है,

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के 71वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में 8 सितंबर 2021 को एक विशेष कार्यक्रम साधना टीवी पर सुबह 11:00 बजे से 1:00 बजे तक और श्रद्धा चैनल पर सुबह 10:00 से 1:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस वीडियो को देखने वाले सभी लोगों से निवेदन है की उस कार्यक्रम को श्रद्धा पूर्वक देखें और महान संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्ष लेकर महान परिवर्तन के इस परोपकारी कार्य में अपना सहयोग दें और परोपकारी संत रुप में आए परमात्मा को पहचानें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *