क्या है बजरंग दल की सच्चाई?

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बजरंग दल: क्या है बजरंग का नारा, लक्ष्य और कार्य साथ ही बजरंग दल की सच्चाई

नमस्कार दर्शकों! खबरों की खबर का सच कार्यक्रम में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज के कार्यक्रम में हम विश्व हिंदू परिषद की शाखा “बजरंग दल” के बारे में चर्चा करेंगे और साथ ही समय के साथ इस संस्था की गिरती गरिमा के बारे में भी जानेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं आज की हमारी विशेष पड़ताल।

बजरंग दल: क्या है बजरंग का नारा, लक्ष्य और कार्य साथ ही बजरंग दल की सच्चाई

चैन ओ अमन का देश है मेरा, इस देश में दंगा रहने दो!
लाल हरे में मत बांटो, इसे शान ए तिरंगा रहने दो।

दोस्तों! इंसानियत का पतन आज अपने चरम पर है। दिन प्रतिदिन बर्बरता, क्रूरता और हैवानियत की बढ़ती घटनाएं इस बात का प्रमाण दे रही हैं की मानवता का ह्रास हो रहा है। आज समाज में सबके सामने ऐसी हैवानियत और उदंडता हो रही है जिससे मानवता शर्मसार है। परंतु गलत काम करने वाले और अधिक निडर और आज़ाद घूम रहे हैं। गुंडागर्दी करने वालों में हैवानियत कूट कूटकर भर चुकी है।

बजरंग दल की स्थापना

बजरंग दल एक हिन्दुत्ववादी संगठन है जो विश्व हिन्दू परिषद यानि (विहिप) की युवा शाखा है। यह आरएसएस के संगठनों की शाखा है। संगठन की विचारधारा हिन्दुत्व ( हिन्दू राष्ट्रवाद ) पर आधारित है। Wikipedia से मिली जानकारी के अनुसार इसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1984 को उत्तर प्रदेश में की गई तब से यह पूरे भारत में फैल गया है, हालाँकि इसका सबसे महत्वपूर्ण आधार देश का उत्तरी और मध्य भाग है। यह समूह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं (शाखाओं) के समान लगभग 2,500 अखाड़े चलाता है।

बजरंग का नारा , लक्ष्य और कार्य

“बजरंग” नाम हिन्दू देवता हनुमान पर आधारित है। बजरंग दल का नारा “सेवा, सुरक्षा और संस्कार ” है। दल का मुख्य लक्ष्य अयोध्या में राम जन्मभूमि मन्दिर, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मन्दिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मन्दिर का निर्माण करना है, जो वर्तमान में पूजा स्थल हैं।अन्य लक्ष्यों में साम्यवाद, मुस्लिम जनसांख्यिकीय विकास और ईसाई पन्थ परिवर्तन के साथ-साथ गाय के वध को रोकने के लिए भारत के “हिन्दू” पहचान की रक्षा करना शामिल है।

सौंदर्य प्रतियोगिता विरोधी आन्दोलन में बजरंग दल की गुजरात शाखा सबसे आगे है। इसका एक अन्य उद्देश्य हिन्दू-मुस्लिम विवाह को रोकना है। संगठन दहेज और अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने की दिशा में काम करने का दावा करता है। कई बार बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वेलेंटाइन डे पर बिना शादी के जोड़ों को पकड़ा और उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ सिंदूर लगाने और राखी बांधने के लिए मजबूर किया। कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों जगह हिंसा करने और रेस्तरां पर हमला करने और वैलेंटाइन डे पर जोड़ों को धमकी देने का गलत काम किया है।

यूएस सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और फेसबुक ने बजरंग दल को खतरनाक बताया

यूएस सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने विहिप और बजरंग दल को धार्मिक आतंकवादी संगठनों के रूप में वर्गीकृत किया है। बजरंग दल सोशल मीडिया पर सक्रिय है। फेसबुक की सुरक्षा टीम ने इसे संभावित खतरनाक संगठन के रूप में टैग किया है जो पूरे भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का समर्थन करता है। भले ही राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से संगठन को फेसबुक पर फैलने दिया गया हो।

बजरंग दल केवल देश में ही नहीं विदेश में भी आलोचना का पात्र है

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट की वार्षिक रिपोर्ट में अन्तरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतन्त्रता पर 2000 और विश्व रिपोर्ट (2000) के लिए ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस संगठन को एक हिन्दू चरमपन्थी समूह के रूप में लेबल किया है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर एमेरिटस और साउथ एशियन स्टडीज़ के पॉल आर ब्रास ने बजरंग दल को नाज़ी जर्मनी के स्टरमाबिटेइलंग के भारतीय समकक्ष के रूप में वर्णित किया।

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बजरंग दल को अन्य हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों जैसे हिंदू महासभा से भी आलोचना मिली है। इस्लामिक आतंकवाद के प्रसार पर अंकुश लगाने के अपने प्रयास में इस्लामिक कट्टरपन्थियों की तरह ही हिंसक तरीकों को अपनाने के लिए बजरंग दल की आलोचना की गई है।

बजरंग दल पर प्रतिबंध के लिए उठती रही हैं समय समय पर मांगे

सितम्बर 2008 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर प्रतिबन्ध लगाने की माँग की जो INC के अनुसार देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा था कि “न केवल सिमी के खिलाफ श्वेत पत्र लाया जाना चाहिए” ( स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया ) “लेकिन बजरंग दल और विहिप जैसी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल सभी संगठन”।
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा था कि, “आतंकवादी गतिविधियों में शामिल उन संगठनों की जाँच होनी चाहिए।

  • मुस्लिम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, जो “आतंकवाद के खिलाफ आन्दोलन” में शामिल हैं, ने भी कानपुर विस्फोट के मद्देनजर इस संगठन पर प्रतिबन्ध लगाने की माँग की थी।
  • नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और जावेद आनन्द द्वारा शुरू की गई मासिक पत्रिका सांप्रदायिकता का मुकाबला अगस्त 2008 में बजरंग दल पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाने की माँग की थी।
  • लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता रामचन्द्र पासवान ने बजरंग दल को साम्प्रदायिक संगठन बताते हुए कहा था, “बजरंग दल और विहिप को तुरन्त प्रतिबन्धित किया जाना चाहिए।

सवाल यह उठता है कि बजरंग दल पर प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगा?

फेसबुक ने बजरंग दल के खिलाफ कार्रवाई करने से परहेज किया है क्योंकि इसका सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ संबंध है और क्योंकि “बजरंग दल में दरार पड़ने से कंपनी की व्यावसायिक संभावनाएं और भारत में उसके कर्मचारी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं”।
राजनितिज्ञों और राजनीतिक श्ररण ,फंडिंग और शक्ति मिलने के कारण भी इस दल पर अभी तक अंकुश लगाना मुमकिन नहीं हो पाया है।

दोस्तों अब हम आपको बजरंग दल द्वारा की गई हैवानियत की ताज़ा घटना के बारे में बताने जा रहे हैं। 12 दिसंबर 2021 को बजरंग दल ने महान समाज सुधारक हिन्दू संत रामपाल जी महाराज जी के समागम कार्यक्रम में हिंसा फैलाई, 20 बजरंग दल के गुंडे लाठी-डंडे तथा बंदूक लेकर समागम में पहुंचे तथा निहत्थे लोगों पर वार किया जिसमें एक निर्दोष भक्त देवी लाल मीणा की मौत हो गई

आइए आपको पूरी घटना विस्तार से बताते हैं-रविवार 12 दिसंबर को दोपहर के समय मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में भानपुरा तहसील के भैसोडा मंडी नाम के एक छोटे से गांव में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में दहेज मुक्त विवाह और सत्संग समारोह का आयोजन किया गया था। भैसोडा मंडी के भैरव मैरिज गार्डन में बड़ी संख्या में अनुयायी सत्संग और रमैणी यानी विवाह कार्यक्रम में आये हुए थे। सत्संग स्थल पर जब 2 जोड़ों का गुरुवाणी के जरिए विवाह होने ही जा रहा था इसी बीच “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए अचानक विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के लगभग 20 अज्ञात बदमाश सत्संग समारोह में जबरन घुस आए।

बजरंग दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचते ही निहत्थे और शांतिपूर्वक सत्संग सुन रहे अनुयायियों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। सत्संग में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। बजरंग दल के अपराधियों ने किसी की परवाह नहीं की और निर्दोष लोगों पर बेहिसाब लाठियां बरसाईं तथा बंदूक से फायरिंग भी की जिससे पूर्व दलित सरपंच देवीलाल मीणा की मृत्यु हो गई।

निर्दोष लोगों के साथ की हिंसा

बंदूक, लट्ठ और तलवार लेकर घुसे इन बदमाशों ने शांतिपूर्वक चल रहे सत्संग समारोह में गुंडागर्दी, बर्बरता, तोड़फोड़, हिंसा और मार कुटाई की। बजरंग दल के बदमाश टेबलों पर रखी पुस्तकों को इधर उधर फैंकने लगे और ऊपर रखी कबीर साहेब जी की फोटो भी तोड़ी , तो कुछ उपस्थित श्रद्धालुओं को लाठी से जबरन पीटने लगे, वहीं कुछ गुंडों ने महिलाओं के साथ बदत्तमीजी की,उनके कपड़े फाड़े और अभद्र भाषा कही। बजरंग दल के गुंडों ने शादी के स्टेज पर पहुंचकर दूल्हों को बुरी तरह से पीटा। उपस्थित लोगों ने बदमाशों को रोकने और समझाने का प्रयास किया परंतु सब नाकाम था।

विश्वहिंदू परिषद बजरंग दल के अध्यक्ष और नेता ने मारी गोली

मौके पर मचे हड़कंप और अफरा तफरी में बजरंग दल के बदमाशों ने तीन बार पिस्तौल के जरिए हवाई फायरिंग भी की। इसी बीच विश्वहिंदू परिषद बजरंग दल के खंड अध्यक्ष और नेता शैलेंद्र ओझा उर्फ चंदा ने संत रामपाल जी महाराज जी के एक 55 वर्षीय शिष्य “देवीलाल मीणा”के सीने में गोलीे मारी। गोली लगते ही भगत “देवीलाल मीणा” ज़मीन पर गिर गए। मौके पर उपस्थित अन्य लोगों द्वारा देवीलाल मीणा को इलाज के लिए मंडसोर ले जाया गया जहां से उन्हें अस्पताल प्रशासन द्वारा कोटा रेफर किया गया लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी।

पुलिस के डर से गुंडे हो गए थे फरार

अनुयायियों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही घटनास्थल पर मौजूद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए। बजरंग दल के गुंडों ने दूल्हे सहित 3 अन्य अनुयायियों को गंभीर रूप से घायल किया जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं और एक भक्त देवीलाल मीणा की हत्या की। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और साथ ही पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

9 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है

पुलिस द्वारा धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक अब तक कुल 9 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है, और इन आरोपियों के नाम हैं किशन शर्मा पुत्र उमाशंकर, लालू धोबी पुत्र सत्यनारायण, मंगल राठौर पुत्र दिलीप राठौर, महावीर गुज्जर पुत्र परमानंद, राहुल मेदर, ललित खत्री पुत्र पुराजी, कमल पाटीदार पुत्र श्याम लाल, गोलू मीणा, शैलेन्द्र ओझा। बताया जा रहा है की यह सभी आरोपी तथाकथित बजरंग दल के नेता, अध्यक्ष, कार्यकर्ता और सदस्य हैं। एक तरफ तो यह नेतागण “जय श्री राम” के नारे लगा रहे थे और दूसरी तरफ लठ और डंडे चला रहे थे। यह वे लोग हैं जिनके गंदे कामों से भगवान राम का और इनके परिवार वालों का नाम भी खराब होता है।

उपस्थित लोगों ने बताया कि मारपीट और तोड़फोड़ को अंजाम देने वाले सभी बदमाश बड़े ही खुश और जोशीले दिखाई पड़ रहे थे। जैसे गुंडागर्दी करने से इनका जीवन सफल और मानवता आबाद हो रही है।

पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में जुटी

पुलिस के मुताबिक आरोपी शैलेंद्र ओझा उर्फ चांद बगैर लाइसेंस के ब्याज का कार्य करता है। अन्य आरोपी अनिल पाटीदार विश्व परिषद व बजरंग दल नगर अध्यक्ष है। आरोपी ललित खत्री विश्व हिंदू व बजरंगदल कार्यकर्ता है जो ठेकेदारी करता है। इसके अलावा आरोपी महावीर गुर्जर मटन विक्रेता है। इसके साथ ही अवैध शराब विक्रय के मामले में उसकी शोहरत है। फिलहाल इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास में पुलिस जुटी हुई है। मध्यप्रदेश प्रशासन द्वारा कई आरोपियों के घर और ठिकानों को अभी तक बुलडोजर से ढ़हाया जा चुका है।

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल को आखिर क्यों खटकता है संत रामपाल जी महाराज जी का समाज सुधार और विश्व कल्याण का कार्य?

कबीर, झीना रास्ता राम का
चाले बिरला शूर
रास्ते में ठग बहुत हैं
झगड़ा करें ज़रूर।।

एक तरफ विश्वहिंदू परिषद बजरंग दल के अध्यक्ष, नेता और कार्यकर्ता मारपीट, दंगे–फसाद, गुंडागर्दी, ठेकेदारी, शराब और मांस के अड्डे चलाते हैं, महिलाओं के साथ मारपीट व अभद्रता करना जैसे घिनौने और शर्मनाक काम करते हैं , तोड़फोड़, सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, समाज में धर्म के नाम पर झगड़े और दंगे करते हैं, समाज के लोगों को हानि पहुंचाते हैं और भगवान राम का नाम खराब कर रहे हैं इनके सब काम भगवान और उसके संविधान के विरुद्ध हैं। ऐसा कोई काम आजतक बजरंग दल के लोगों ने नहीं किया जिससे देश का लाभ और मानवता का हित हुआ हो?

जबकि दूसरी ओर संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में उनके अनुयाई जाति और लिंग भेदभाव, ऊंच–नीच और छूआछात आदि से परे हैं। दहेज मुक्त, नशा मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त और हिंसा मुक्त भारत बनाने का काम कर रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज द्वारा पूरे विश्व में दहेज मुक्त अभियान चलाया जा रहा है जिसके चलते दिन प्रतिदिन सैकड़ों दहेज मुक्त विवाह हो रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायी किसी भी प्रकार का नशा न करते हैं और न ही इसमें किसी को कोई सहयोग देते हैं। रिश्वत देना, जुआ खेलना, मांस खाना, नाच–गाना करना , फिल्में देखना, गाने सुनना आदि गलत कार्य संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयाई कभी नहीं करते। इसके साथ ही सभी महिलाओं को उनकी उम्र के हिसाब से बहन, बेटी और मां की नज़र से देखते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

वर्तमान समय में सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए संत रामपाल जी महाराज सभी धर्मों के सद्ग्रंथों में से प्रमाणित आध्यात्मिक ज्ञान और धार्मिक क्रियाएं बता रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज विश्व को पवित्र श्रीमद भगवद गीता, पवित्र चारों वेद, पवित्र 18 पुराण, रामायण और महाभारत आदि सदग्रंथों से प्रमाणित भक्ति विधि बता रहे हैं। सभी आत्माओं के जनक परम पिता परमात्मा कबीर साहेब जी द्वारा दिए तत्वज्ञान पर चलते हुए संत रामपाल जी महाराज जी अपने अनुयाइयों को सच्चाई, ईमानदारी, नैतिकता और अहिंसा के मार्ग पर चलना सिखाते हैं।

कबीर साहेब जी की एक वाणी है;

कबीर, जो तोकू कांटा बोवे ताको बो तु फूल।
तोहि फूल के फूल हैं वांको है त्रिशूल।।

कबीर, संत ना छोड़े संतता। चाहे कोटिक मिलो असंत।।

संत रामपाल जी बताते हैं दुष्ट लोगों का स्वभाव दुष्ट कर्म करने का ही होता है। जबकि साधु संतों का स्वभाव परमार्थ करने का होता है। संत रामपाल जी अपने अनुयाइयों को सिखाते हैं कि यदि आपको कोई कष्ट देता है तब भी आप उनको कुछ न कहो, उसको आप परमात्मा पर छोड़ दो क्योंकि इस संसार का अटल विधान है की जो जैसे कर्म करता है उसको वैसा ही फल प्राप्त होता है। साधु लोग अपना स्वभाव नहीं छोड़ा करते चाहे कितने ही दुष्ट लोग उनको मिलें और उनके साथ कितना ही दुर्व्यवहार करें क्योंकि साधु संत भगवान पर विश्वास करने वाले और भगवान से डरने वाले होते हैं वे कभी किसी का बुरा न सोचते हैं और न ही करते हैं।

कबीर साहेब जी कहते हैं;

हस्ती डर माने नहीं जो स्वान बुकाही।
और शीश महल कुं देखके वो भौंक भौंक मर जाई।।

अर्थात् जिस प्रकार कुत्ते चाहे कितना ही हाथी पर भौंक लें लेकिन हाथी कभी उसकी परवाह नहीं करता क्योंकि हाथी को पता है की कुत्ते उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते और जो कुत्ते होते हैं वो अपने दोष स्वयं दूसरों में देखा करते हैं। यदि कुत्ते को शीशा दिखाया जाए तो वह उसके अंदर अपनी शक्ल देखकर स्वयं के स्वरूप को दुष्ट मानकर अपनी ही परछाई के सामने भौंकता है और उसे मारने का प्रयत्न करता है। इसी प्रकार दुष्ट व्यक्ति अपनी परछाई यानी की अपनी बुराई और गंध को साधु–संत और भक्तों के अंदर देखते हैं। क्योंकि एक चोर को अन्य सभी चोर ही दिखाई देते हैं। जबकि संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा दिए गए ज्ञान और सतमार्ग पर चलते हुए उनके सभी अनुयायी अंहिसा के मार्ग का अनुसरण करते हैं। हम अपने दर्शकों को बताना चाहते हैं कि ट्विटर पर संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्यों ने 13-14 टैग चलाए

बजरंगदलके_गुंडे और Devilal ko Insaf Do

संतरामपाल जी के सभी अनुयायी दिल्ली की केंद्र सरकार से ‘पूर्व दलित सरपंच देवीलाल मीणा’ जी की हत्या करने वाले और निर्दोष लोगों की मारपिटाई करने वाले विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के 20 गुंडों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं तथा हत्या करने वाले शैलेंद्र ओझा के लिए फांसी की मांग रखते हैं।

SA News Channel के माध्यम से संतरामपालजी महाराज जी केे करोड़ों अनुयायी सरकार से निवेदन करते हैं कि समाज में अराजकता, गुंडागर्दी ,देहशत और हिंसा फैलाने वाले विश्वहिंदू परिषद बजरंग दल के आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द और सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही हो और इस प्रकार के सभी दलों पर अंकुश लगाया जाए जिससे समाज में शांतिमय वातावरण बन सके और लोगों का प्रशासन में विश्वास कायम हो सके।

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