JNU Violence Hindi News: JNU में लेफ्ट विंग और ABVP के बीच हिंसक झड़प, 6 घायल, जानिए क्या है हिंसा का कारण

JNU Violence Hindi News JNU में लेफ्ट विंग और ABVP के बीच हिंसक झड़प

JNU Violence Hindi News: जेएनयू (JNU) एक बार फिर हिंसक झड़प का केंद्र बना। यहां पर लेफ्ट विंग (Left Wing) और एबीवीपी (ABVP) के छात्रों के बीच झड़प हुई। इस हिंसा में छात्रों के घायल होने की जानकारी मिली है। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा है कि कैंपस में हिंसक झड़प हुई और इसमें कुछ छात्र घायल हुए। जेएनयू का कावेरी हॉस्टल हिंसक झड़प का केंद्र रहा। बवाल बढ़ने के बाद दोनों ही गुट के छात्र कैंपस में नारेबाजी करने लगे। जेएनयू के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। एंबुलेंस से घायल छात्रों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया।

JNU Violence Hindi News: गेट पर जमकर नारेबाजी

जेएनयू में बवाल के बाद एबीवीपी समर्थकों ने मुख्य गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी के मेन गेट को बंद कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने माहौल को शांतिपूर्ण करार दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूजा के कारण हंगामा खड़ा करने की बात

एबीवीपी के छात्रों पर जेएनयू परिसर में लेफ्ट विंग के छात्रों ने गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया। वहीं, एबीवीपी के छात्रों का कहना था कि रामनवमी की पूजा को लेकर पूरा विवाद शुरू हुआ। लेफ्ट विंग के छात्रों को पूजा करने पर आपत्ति थी। उन्होंने लेफ्ट विंग के छात्रों पर कैंपस में माहौल खराब करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने समर्थकों को एकजुट होने का आह्वान किया। इसके बाद माहौल गरमाया हुआ है।

JNU Violence Hindi News: छह छात्रों के घायल होने की जानकारी

जेएनयू में हुई झड़प में कम से कम 6 छात्रों के घायल होने की जानकारी है। उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है। दोपहर में शुरू हुआ विवाद शाम होते-होते हिंसक झड़प में बदल गया। घायल छात्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी।

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पुलिस पहुंची और हंगामा को शांत कराया गया। इस मामले में डीसीपी (साउथ वेस्ट) मनोज सी. ने कहा कि स्थिति अब शांतिपूर्ण है और दोनों छात्र दल शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने घायलों को मामूली चोट आने की बात कही।

आज लेफ्ट विंग के छात्र करेंगे पुलिस हेडक्वार्टर का घेराव

खबर है कि कावेरी हॉस्टल में रविवार को रामनवमी के दिन हुई हिंसक झड़प के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जेएनयू के वामपंथी संगठनों के छात्र आज पुलिस हेडक्वार्टर का घेराव करेंगे।

क्या है पूरा विवाद और मामला?

  • कावेरी हॉस्टल में कुछ छात्रों ने नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को रामनवमी पूजा और हवन का आयोजन किया था। हवन का समय साढ़े तीन बजे का था। वहीं, कुछ छात्रों ने हॉस्टल में ही शाम 5 बजे के बाद रोजा खोलने के लिए इफ्तार पार्टी रखी थी। 
  • कावेरी हॉस्टल कमेटी और छात्रों ने आपसी सहमति से एक साथ आयोजन का फैसला लिया था। रामनवमी की पूजा के समय हॉस्टल में बाहरी छात्र यानी की अन्य हॉस्टल के छात्र भी आ गए। इसी बीच करीब साढ़े चार के बाद रामनवमी की पूजा शुरू हुई। 
  • पूजा चल ही रही थी कि दूसरी ओर सामने इफ्तार पार्टी की तैयारी शुरू हो गई। इस इफ्तार पार्टी के लिए नॉनवेज भी रखा गया था। इस पर कुछ छात्रों ने आपत्ति की। उनका कहना था कि रामनवमी की पूजा चल रही है और नवरात्र का आखिरी दिन है, इसलिए हॉस्टल मेस के मेन्यू में नॉन-वेज को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। 
  • कावेरी हॉस्टल के ही दोनों पक्षों के छात्रों में अभी नॉनवेज हटाने पर बात हो रही थी कि अचानक पथराव शुरू हो गया। इतने में जेएनयू के अन्य हॉस्टल और कावेरी हॉस्टल के छात्र आपस में उलझ गए और विवाद मारपीट तक पहुंच गया।

JNU Violence Hindi News: धरने पर बैठ छात्र

दिल्ली में जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के खिलाफ पटना विश्वविद्यालय के छात्र धरने पर बैठ गए.छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि लगातार छात्रों को दिल्ली से लेकर पटना तक निशाना बनाया जा रहा है और ये सब नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर एबीवीपी के द्वारा करवाया जा रहा है. लगातार बेकसूर छात्रों को टारगेट किया जा रहा है.

नकाबपोशों ने रजिस्ट्रेशन प्रोसेस का समर्थन कर रहे छात्रों को पीटा

साबरमती टी पॉइंट पर झड़प के बाद शाम 6:30 बजे के आसपास कुछ नकाबपोश लोग हाथ में डंडे, हॉकी स्टिक, लोहे के रॉड और पत्थर लिए कैम्पस में घुसे। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि इन नकाबपोशों ने उन स्टूडेंट्स को पीटना शुरू कर दिया, जो रजिस्ट्रेशन प्रोसेस का समर्थन कर रहे थे। इसी दौरान किसी ने जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की प्रेसिडेंट आइशी घोष के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। वे घायल हो गईं।

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सिक्युरिटी गार्डों और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

जेएनयू प्रशासन का कहना है कि जब नकाबपोश हिंसा फैला रहे थे, तब यूनिवर्सिटी में तैनात कुछ सिक्युरिटी गार्डों को भी पीटा गया। हालांकि, जेएनयू के प्रोफेसरों का कहना है कि जब बड़ी तादाद में नकाबपोश लड़के कैम्पस में घुसने लगे तो सिक्युरिटी गार्डों ने उन्हें क्यों नहीं रोका? वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल हुईं स्टूडेंट्स यूनियन प्रेसिडेंट आइशी घोष ने दावा किया कि रविवार दोपहर ढाई बजे ही पुलिस को सूचना दी गई थी कि अज्ञात लोग कैम्पस में जमा हो रहे हैं। लेकिन, कार्रवाई नहीं हुई

Credit: News18 India

दिल्ली पुलिस 7 बिंदुओं पर जांच करेगी

  • हमलावर कौन थे?
  • हमलावर कैम्पस के अंदर थे या बाहर से आए थे?
  • जिन हमलावरों ने नकाब पहन रखे थे, क्या वे किशनगढ़ और हुमायूंपुर जैसे आसपास के इलाकों से आए थे?
  • पुलिस की पीसीआर वैन की क्या भूमिका थी?
  • जेएनयू प्रशासन ने पुलिस को सूचना देने में देर क्यों की?
  • सिक्युरिटी गार्डों ने क्या नकाबपोशों को देखा था?
  • अगर हां तो उन्हें प्रवेश कैसे दिया गया? क्या नकाबपोशों के पास छात्रों के आईडी कार्ड थे?

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