Nelson Mandela International Day 2022 [Hindi]: कौन थे मंडेला तथा क्या था उनका समाज सुधार?

Nelson Mandela International Day [Hindi] नेल्सन मंडेला के बारे में

दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सबके लिए एक खास तरह की मिसाल बन जाते हैं. शांति के लिए प्रयास करने वाले इस तरह के लोगों की सूची बहुत छोटी है. इसमें एक खास नाम है दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) का. मंडेला ने जीवन भर शांति के लिए और रंगभेद के खिलाफ काम किया उनके अतुलनीय संघर्ष के लिए उनके जन्मदिन को नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे (Nelson Mandela International Day) के रूप  में मनाया जाता है. 18 जुलाई को मंडेला के जन्मदिवस को मंडेला दिवस भी कहा जाता है.

नेल्सन मंडेला डे कब मनाते हैं (Nelson Mandela Day 2022 Date)

Table of Contents

हर साल 18 जुलाई को नेल्सन मंडेला डे मनाया जाता है| वर्ष 2009 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नेल्सन मंडेला के जन्मदिन 18 जुलाई को नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस  के रूप में मनाए जाने की घोषणा करी, जिसके बाद 18 जुलाई 2010 को पहली बार नेल्सन मंडेला डे मनाया गया| इस दिन का उद्देश्य स्वयंसेवा और सामुदायिक सेवा के माध्यम से नेल्सन मंडेला के जीवन और उपलब्धियों का सम्मान करना है| साथ ही इस विश्वास का सम्मान करना है कि प्रत्येक व्यक्ति में दुनिया को बदलने की क्षमता है| 

नेल्सन मंडेला जी की बाल्यावस्था

नेल्सन रोलिहलाहला मंडेला, जिन्हे प्यार से मदीबा बुलाया जाता है, का जन्म  म्वेज़ो, ईस्टर्न केप, दक्षिण अफ़्रीका में मदीबा वंश  में 18 जुलाई 1918 में हुआ। नेल्सन रोलिहलाहला मंडेला की माँ का नाम  नोंकाफी नोसैकेनि  (Nonqaphi Nosikeni) और पिता का नाम  गदला हेनरी मफाकन्यीसवा  (Gadla Henry Mphakanyiswa ) था। वर्ष 1930  में जब नेल्सन मंडेला 12  साल के थे , उनके पिता की मृत्यु हो गयी। नेल्सन मंडेला का हमेशा से यह सपना था कि वे अपने लोगों की स्वंतत्रता की लड़ाई में उनका साथ दें।

रोलिहलाहला मंडेला का नाम नेलसन मंडेला कैसे रखा गया?

(Nelson Mandela International Day | नेल्सन मंडेला क़ुनू  Qunu में स्थित एक प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे जहाँ  उनकी एक अध्यापिका  ने उन्हें नेल्सन नाम दिया क्यूंकि वहां के प्रचलन के अनुसार स्कूल के सभी बच्चों को क्रिस्चियन यानी ईसाई नाम दिए जाते थे। 

नेल्सन मंडेला जी द्वारा प्राप्त की गयी शिक्षा

प्राथमिक स्कूल में पढाई खत्म करने के बाद मंडेला हेल्ड टाउन (Healdtown ) गए जहां वेसलियन माध्यमिक स्कूल (Wesleyan Secondary School ) से उन्होंने मैट्रिक पास किया।  नेल्सन मंडेला जी ने  यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ फोर्ट हैर (University College of Fort Hare ) में कला स्नातक डिग्री की पढाई शुरू की पर उनकी यह डिग्री पूरी ना हो सकी क्योंकि छात्र विरोध में भाग लेने के कारण उन्हें कॉलेज से निकाल दिया गया था।

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उन्होंने दक्षिण अफ्रीकन विश्वविद्यालय से अपनी बी.ए (B.A) की डिग्री प्राप्त की और 1943 में अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करने के लिए वे वापिस फोर्ट हैर चले गए। मंडेला जी 1944  में  African National Congress यानी अफ्रीकन राष्ट्रीय कांग्रेस का हिस्सा बने और  ANC Youth League (ANCYL) बनाई। 1989 में कारावास के आखिरी महीनो में उन्होंने साउथ अफ्रीका विश्वविद्यालय से एल.एल.बी( B.A. LLB) की डिग्री प्राप्त  की।

Nelson Mandela International Day | नेल्सन मंडेला पुरस्कार

साल 2014 मे संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने नेल्सन मंडेला पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की थी. यह हर पांच साल में एक बार दिया जाने वाला पुरस्कार है जो उन लोगों की उपलब्धियों को पहचान देने के लिए दिया जाता है जिन्होंने अपना जीवन मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया हो.

नेल्सन मंडेला डे 2022 का विषय (Nelson Mandela Day 2022 Theme)

हर साल मंडेला डे एक विषय पर केंद्रित होकर मनाया जाता है| पिछले वर्ष का विषय “One Hand Can Feed Another” था| इस वर्ष का विषय इस प्रकार है:

“Do what you can, with what you have, where you are.” 

संयुक्त राष्ट्र की घोषणा

यह दिन सबसे पहले 18 जुलाई साल 2010 को मनाया गया था जब संयुक्त राष्ट्र ने नवंबर 2009 को आधिकारिक रूप से नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे की घोषणा की थी. मूल रूप से यह मंडेला का ही विचार था कि उनके जन्मदिन को मंडेला डे की तरह मनाया जाए. अपने 90वें जन्मदिन पर उन्होंने कहा था, “अब समय आ गया है कि नए होथों को बोझ उठाना चाहिए. अब यह आपके हाथों में है.”

2009 से ही शुरुआत

Nelson Mandela International Day | कई समूह ऐसे थे जिन्होंने 18 जुलाई 2009 को ही इस खास दिन को मनाना शुरू कर दिया था. वैश्विक स्तर पर मनाने के लिए दुनिया भर में कला प्रदर्शनी, पैसा जमा करना, स्वयंसेवी कार्यक्रम आयोजित किए गए. इतना ही नहीं इस दिन 46663 कंसर्ट्स और नेल्सन मंडेला फाउंडेशन द्वारा  रेडियो सिटी म्यूजिक हॉल का भी आयोजन किया गया.

नेल्सन मंडेला का पहला विवाह

1944  में नेल्सन मंडेला ने एवेलिन मेस (Evelyn Mase) से विवाह किया।  उनके दो बेटे और दो बेटियां हुई।  उनकी दो बेटियों में से पहली बेटी की बचपन में ही मृत्यु हो गयी थी। 1958  में मंडेला और उनकी पत्नी का तलाक़ हो गया था। 

नेल्सन मंडेला को हुआ कारावास

1952 में मंडेला को अवज्ञा अभियान के राष्ट्रीय स्वयंसेवी प्रमुख  Volunteer-in-Chief of the Defiance Campaign के रूप में चुना गया और फिर राष्टीय उपाध्यक्ष चुने गए ।  यह अभियान ANC और दक्षिण अफ्रीकन भारतीय कांग्रेस South African Indian congress  के बीच 6  अन्यायपूर्ण कानूनों के विरोध में  शुरू किया गया एक संयुक्त प्रोग्राम था। इस अभियान का हिस्सा होने के कारण मंडेला को 11 अन्य लोगों के साथ नौ महीने का कारावास हुआ ।  

नेल्सन मंडेला का दक्षिण अफ्रीका छोड़ना

11 जनवरी 1962  को नेल्सन मंडेला  डेविड मोत्सामयी David Motsamayi   नाम का इस्तेमाल कर चुपके से दक्षिण अफ्रीका छोड़कर चले गए।  उन्होंने मोरक्को ओर इथियोपिया में मिलिट्री ट्रेनिंग ली और जुलाई 1962  में वापिस दक्षिण अफ्रीका लौट गए।  उन्हें 5 अगस्त को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। 

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उन पर यह आरोप लगाया कि वे अनुमति के बिना देश छोड़कर गए और उन्होंने कर्मचारियों को हड़ताल करने के लिए उत्तेजित किया।  नेल्सन मंडेला को अपराधी घोषित कर उन्हें 5 साल का कारावास हुआ। बाद में पुलिस ने मंडेला के और भी कई साथियों को गिरफ्तार किया।

नेल्सन मंडेला बने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति

1993  में मंडेला और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति  फ्रेडरिक विल्लेम डी क्लार्क (Frederik Willem de Klerk )  को एक साथ नोबेल शान्ति पुरस्कार से नवाज़ा गया और  27 अप्रैल 1994 को नेल्सन ने जीवन में पहली बार वोट दिया।10 मई 1994 को मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले   लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए राष्ट्रपति बने।

अपने 80th जन्मदिन पर उन्होंने ग्रेस मेकल (Graça Machel) से विवाह किया।  1995  में मंडेला ने नेल्सन मंडेला चिल्ड्रन फण्ड (Nelson Mandela Children’s Fund ) और मंडेला रोड्स फाउंडेशन (Mandela Rhodes Foundation ) की  की शुरुआत की।   5 December 2013  को जोहानसबर्ग में स्थित उनके घर पर उनकी मृत्यु हुई। 

नेल्सन मंडेला फाउंडेशन

नेल्सन मंडेला फाउंडेशन नेल्सन मंडेला द्वारा वर्ष 1999  में स्थापित की गयी।  नेल्सन मंडेला फाउंडेशन के  संस्थापक सिद्धांत है :

1.नेल्सन मंडेला के लिए एक ऐसे सेंटर ऑफ़ मेमोरी का निर्माण , संस्थापना, सुरक्षा और संरक्षण जिसमे मंडेला जी के जीवन, कार्यों और लेखन का पुरालेख हो।
2.एक समान समाज के लिए अपना योगदान देने हेतु सामजिक समस्याओं, खास तौर पर पर मानव अधिकार और सवंत्रता सम्बन्धी समस्याओं पर बातचीत करना।
3.दार्शनिक गतिविधयों में भाग लेना, उन्हें बढ़ावा देना जिसमे मानव अधिकार और स्वंत्रता पर चर्चा भी शामिल है।
4.ट्रस्ट के उद्देश्य पूरा करने के लिए फंड्स एकत्रित करना।
5.समाज सेवी संस्थानों की मदद करना।

नेल्सन मंडेला पुरस्कार (Nelson Mandela Prize)

Nelson Mandela International Day | 2  अप्रैल 2015  को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने  69/269 रेसोलुशन के माध्यम से नेशंस नेल्सन रोलिहलाहला मंडेला पुरस्कार की घोषणा  की। नेल्सन मंडेला पुरस्कार पहली बार वर्ष 2015  में दिया गया था और दूसरी बार 2020 में दिया गया। यह पुरस्कार  हर 5  सालों में एक बार दिया जाता है।

नेल्सन मंडेला नियम (Nelson Mandela Rules)

रेज़्योल्युशन  A/RES/70/175  के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हर वर्ष मनाये जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मंडेला दिवस के स्कोप या सीमा को बढाने का निर्णय लिया और यह निश्चित किया कि इस दिवस का उपयोग कारावास में मानवीय स्थितितों को बढ़ावा देने , समाज में कैदियों के बारे में जागरूकता फैलाने और कारागार में कार्य करने वाले कर्मियों के काम के महत्व को समझने के लिए किया जाएगा।  इस रेज़्योल्युशन के माध्यम से  United Nations Standard Minimum Rules for the Treatment of Prisoners को ना सिर्फ संशोधित किया गया बल्कि ये भी कहा गया कि नेल्सन मंडेला जी, जिन्होंने 27  साल कारागार में व्यतीत किये और जिन्हे वहां मुश्किलों का सामना करना पड़ा , उनके  सम्मान में  इन नियमों को नेल्सन मंडेला नियम कहा जाएगा। 

नेल्सन मंडेला जी द्वारा कही गयी कुछ बातें

1.एक विजेता सपने देखने वाला वो व्यक्ति है जो कभी हार नहीं मानता।
2.जब तक कोई काम पूरा नहीं हो जाता तब तक वो हमेशा असंभव सा लगता है।
3.मैं कभी हारता नहीं हूँ। मई या तो जीतता हूँ या सीखता हूँ।
4.आप किसी काम में तभी सफल हो सकते हैं जब आप उस पर गर्व करें।
5.साहसी लोग, शान्ति बनाये रखने के लिए, क्षमा करने से नहीं डरते।
6.शिक्षा सबसे शक्तिशाली शस्त्र है जिसे आप दुनिया बदलने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
7.एक व्यक्ति की अच्छाई उस लौ की तरह है जिसे छुपाया जा सकता है लेकिन बुझाया नहीं जा सकता।
8.मुझे मेरी सफलताओं से मत आंकिए बल्कि जितनी बार गिरा हूँ और गिरकर उठा हूँ, उस बल पर आंकिये।
9.मैं अपने भाग्य का मालिक हूँ और मैं ही अपनी आत्मा का मार्गदर्शक हूँ।
10.यदि आप ये तय कर लेते हैं कि मुझे इस मुसीबत से निकलना है तो ज़रूर निकल जाएंगे।

FAQ;s about Nelson Mandela International Day

Q. नेल्सन मंडेला जी का पूरा नाम क्या है?

Ans: नेल्सन रोलिहलाहला मंडेला

Q. नेल्सन मंडेला जी का जन्म कहाँ हुआ था?

Ans: नेल्सन मंडेला जी का जन्म  म्वेज़ो, ईस्टर्न केप, दक्षिण अफ़्रीका में मदीबा वंश  में 18 जुलाई 1918 में हुआ।

Q. नेल्सन मंडेला जी की माँ का क्या नाम था?

Ans: नेल्सन रोलिहलाहला मंडेला जी की माँ का नाम  नोंकाफी नोसैकेनि  (Nonqaphi Nosikeni) था।

Q. नेल्सन मंडेला जी की पिता का क्या नाम था?

Ans: नेल्सन मंडेला जी के पिता का नाम  गदला हेनरी मफाकन्यीसवा  (Gadla Henry Mphakanyiswa ) था।

Q. नेल्सन मंडेला जी को नोबेल पुरस्कार कब मिला?

Ans: सन 1993 में नेल्सन मंडेला जी को नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़ा गया।

Q. नेल्सन मंडेला जी की मृत्यु कब हुई?

Ans: नेल्सन मंडेला जी की मृत्यु 5 दिसम्बर 2013 में हुई।

Q. नेल्सन मंडेला जी किस देश के राष्ट्रपति थे?

Ans: नेल्सन मंडेला जी दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति थे।

Q. नेल्सन मंडेला जी दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कब बने?

Ans: 10 मई 1994 को नेल्सन मंडेला जी दक्षिण अफ्रीका के पहले   लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए राष्ट्रपति बने।

नेल्सन मंडेला के बारे में रोचक तथ्य

  1. मंडेला का जन्म का नाम रोलिहलाहला था, जिसका अर्थ है ‘पेड़ की शाखा खींचना’ या अपने जनजाति में ‘संकटमोचक’। उनके प्राथमिक विद्यालय के पहले दिन, उनके शिक्षक ने उन्हें ‘नेल्सन’ नाम दिया।
  2. नेल्सन मंडेला की पत्नी ग्रेका मचेल की पहली शादी मोजाम्बिक के राष्ट्रपति समोरा मचेल से हुई थी। पति की मृत्यु के बाद, उसने शादी की
    मंडेला को उनके 80वें जन्मदिन पर।
  3. नेल्सन मंडेला को बॉक्सिंग का शौक था।
  4. नेल्सन स्पाइक ली की 1992 की बायोपिक मैल्कम एक्स में दिखाई दिए
    एक शिक्षक की भूमिका में कैमियो उपस्थिति।
  5. 1952 में, उन्होंने विटवाटरसैंड विश्वविद्यालय में कानून का अध्ययन करने के बाद जोहान्सबर्ग में देश की पहली अश्वेत कानूनी फर्म की स्थापना की।

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